{"_id":"53196a3fcee3c18fdf7bae84f3ec8a48","slug":"mudgal-probe-on-spot-fixing-hindi-news-sv","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मुद्गल रिपोर्ट से क्रिकेट में आ सकता है भूचाल ","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
मुद्गल रिपोर्ट से क्रिकेट में आ सकता है भूचाल
आदेश कुमार गुप्त
Updated Sat, 15 Nov 2014 01:32 PM IST
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मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट में शामिल नामों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि उसमें कई और बड़े क्रिकेटरों के नाम हो सकते हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने 3 क्रिकेटरों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। इनमें से एक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट भी खेल चुका है।
क्रिकेट समीक्षक प्रदीप मैगजीन का मानना है कि यह रिपोर्ट आने वाले समय में क्रिकेट में एक और भूचाल पैदा कर सकती है। अभी बहुत कुछ होना बाकी है। आरोपों का मतलब है कि या तो एन श्रीनिवासन अपने पद से खुद हट जाएं या फिर बीसीसीआई उन्हें पद छोड़ने के लिए कहे। अगर आपके खिलाफ आरोप साबित नहीं होते तो आप फिर आने की कोशिश कीजिए।
आज की तारीख में अगर सुप्रीम कोर्ट ने एक पैनल के माध्मम से आरोप लगाए हैं तो उसे गंभीरत से लिया जाना चाहिए। ये मानना है जाने-माने क्रिकेट समीक्षक प्रदीप मैगजीन का।
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दरअसल, बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएल-6 में स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामलों में मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट को सावर्जनिक कर दिया। इसमें 13 में से 7 नामों का खुलासा किया गया है। इन सभी से मुद्गल समिति ने पूछताछ की थी।
इन नामों में आईसीसी चेयरमैन एन श्रीनिवासन, उनके दामाद गुरुनाथ मयप्पन, आईपीएल के सीईओ सुंदर रमन और राजस्थान रॉयल्स टीम के सहमालिक राज कुंद्रा शामिल हैं। इसके अलावा, इस रिपोर्ट में 3 अन्य क्रिकेटर्स के नाम भी शामिल हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इनके नाम जारी करने से मना किया है। शुक्रवार को ही बीसीसीआई ने अपनी वार्षिक आम बैठक भी टाल दी।
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क्रिकेट समीक्षक प्रदीप मैगजीन का मानना है कि यह रिपोर्ट आने वाले समय में क्रिकेट में एक और भूचाल पैदा कर सकती है। अभी बहुत कुछ होना बाकी है। आरोपों का मतलब है कि या तो एन श्रीनिवासन अपने पद से खुद हट जाएं या फिर बीसीसीआई उन्हें पद छोड़ने के लिए कहे। अगर आपके खिलाफ आरोप साबित नहीं होते तो आप फिर आने की कोशिश कीजिए।
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आज की तारीख में अगर सुप्रीम कोर्ट ने एक पैनल के माध्मम से आरोप लगाए हैं तो उसे गंभीरत से लिया जाना चाहिए। ये मानना है जाने-माने क्रिकेट समीक्षक प्रदीप मैगजीन का।
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दरअसल, बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएल-6 में स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामलों में मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट को सावर्जनिक कर दिया। इसमें 13 में से 7 नामों का खुलासा किया गया है। इन सभी से मुद्गल समिति ने पूछताछ की थी।
इन नामों में आईसीसी चेयरमैन एन श्रीनिवासन, उनके दामाद गुरुनाथ मयप्पन, आईपीएल के सीईओ सुंदर रमन और राजस्थान रॉयल्स टीम के सहमालिक राज कुंद्रा शामिल हैं। इसके अलावा, इस रिपोर्ट में 3 अन्य क्रिकेटर्स के नाम भी शामिल हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इनके नाम जारी करने से मना किया है। शुक्रवार को ही बीसीसीआई ने अपनी वार्षिक आम बैठक भी टाल दी।
अभी और वक्त लग सकता है
प्रदीप मैगजीन का मानना है कि अभी तक यह मालूम नहीं हैं कि श्रीनिवासन, मय्यपन, राज कुंद्रा और सुंदर रमन के खिलाफ मुद्गल रिपोर्ट में कितने गंभीर आरोप हैं। दूसरे सुप्रीम कोर्ट ने अभी खिलाड़ियों के नाम नहीं बताए हैं क्योंकि उनके खिलाफ आरोप हैं, सुबूत नहीं हैं।
इनमें एक खिलाड़ी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुका है। इस रिपोर्ट से लगता है कि कुछ ऐसी बातें हैं जो क्रिकेट को हिला कर रख सकती हैं। वैसे आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग का मुद्दा तब गरमाया जब राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों एस श्रीसंत, अजीत चंदेला और अंकित चव्हाण को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया।
उसके बाद यह मामला तब और उछला जब चेन्नई किंग्स के टीम प्रिंसीपल गुरुनाथ मय्यपन और फिल्म अभिनेता विंदू दारा सिंह को भी मुंबई पुलिस ने सट्टेबाजी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 तारीख को होगी। इसे लेकर प्रदीप कहते हैं, "अब उस दिन तो श्रीनिवासन, मय्यपन, राज कुंद्रा और सुंदर रमन के वकील उनका पक्ष रखेंगे। इसके अलावा बिहार क्रिकेट संघ के याचिकाकर्ता के वकील इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।"
उनके अनुसार, "अभी इस मामले में कुछ समय लगेगा, लेकिन इन हालात के बाद बीसीसीआई के पदाधिकारी कैसे एन श्रीनिवासन की स्थिति को संभालेंगे और क्यों संभालेंगे यह समझ से बाहर है। वो ऐसा क्यों कर रहे हैं, यह भी समझ में नहीं आता।"
उन्होंने कहा, "एन श्रीनिवासन के बोर्ड अध्यक्ष बनने से अधिक भारतीय क्रिकेट को इस स्थिति से बाहर निकलना है, इसके उलट बीसीसीआई के पदाधिकारी ऐसा बर्ताव कर रहे हैं कि एक आदमी को बचाने के लिए सारी क्रिकेट भाड़ में जाए तो जाए।"
इनमें एक खिलाड़ी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुका है। इस रिपोर्ट से लगता है कि कुछ ऐसी बातें हैं जो क्रिकेट को हिला कर रख सकती हैं। वैसे आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग का मुद्दा तब गरमाया जब राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों एस श्रीसंत, अजीत चंदेला और अंकित चव्हाण को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया।
उसके बाद यह मामला तब और उछला जब चेन्नई किंग्स के टीम प्रिंसीपल गुरुनाथ मय्यपन और फिल्म अभिनेता विंदू दारा सिंह को भी मुंबई पुलिस ने सट्टेबाजी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 तारीख को होगी। इसे लेकर प्रदीप कहते हैं, "अब उस दिन तो श्रीनिवासन, मय्यपन, राज कुंद्रा और सुंदर रमन के वकील उनका पक्ष रखेंगे। इसके अलावा बिहार क्रिकेट संघ के याचिकाकर्ता के वकील इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।"
उनके अनुसार, "अभी इस मामले में कुछ समय लगेगा, लेकिन इन हालात के बाद बीसीसीआई के पदाधिकारी कैसे एन श्रीनिवासन की स्थिति को संभालेंगे और क्यों संभालेंगे यह समझ से बाहर है। वो ऐसा क्यों कर रहे हैं, यह भी समझ में नहीं आता।"
उन्होंने कहा, "एन श्रीनिवासन के बोर्ड अध्यक्ष बनने से अधिक भारतीय क्रिकेट को इस स्थिति से बाहर निकलना है, इसके उलट बीसीसीआई के पदाधिकारी ऐसा बर्ताव कर रहे हैं कि एक आदमी को बचाने के लिए सारी क्रिकेट भाड़ में जाए तो जाए।"