{"_id":"0b725a8437b5a42bca0219a1f96108de","slug":"mother-shabnam-be-very-happy-after-yuvi-s-selection-in-team-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीम इंडिया में चयन के लिए मां से दूर हो गए थे युवी","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
टीम इंडिया में चयन के लिए मां से दूर हो गए थे युवी
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 01 Oct 2013 12:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर तो टीम इंडिया में इस बार भी जगह नहीं बना सके लेकिन इस खब्बू बल्लेबाज की मां अपने बेटे के चयन से बेहद खुश है।
विज्ञापन
आउट ऑफ फॉर्म और चोटों से वापसी करते हुए हरफनमौला क्रिकेटर युवराज सिंह एक बार फिर टीम इंडिया में लौट आए हैं। उनकी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकमात्र ट्वंटी-20 और पहले तीन वनडे मुकाबले की घरेलू सीरीज के लिए टीम में वापसी हुई है।
विज्ञापन
लंबे समय बाद भारतीय क्रिकेट टीम में अपने बेटे की वापसी से उनकी मां शबनम सिंह भी बेहद खुश और उत्साहित हैं। चयन की खबर सुनने के बाद मां शबनम ने कहा कि उनके बेटे की मेहनत रंग लाई और उनका बेटा इसका हकदार था।
विज्ञापन
शबनम ने कहा, "युवराज पिछले लंबे समय से बहुत मेहनत कर रहे हैं और मैं बहुत खुश हूं कि उनकी टीम में वापसी हुई है। वह भारतीय टीम का हिस्सा बनने के हकदार थे और उन्होंने इसके लिए हर संभव कोशिश की है।"
कैंसर की जंग जीतने वाले युवराज ने आखिरी बार जनवरी में टीम इंडिया की ओर से इंग्लैंड के खिलाफ वनडे खेला था।
इसके बाद टीम से बाहर चल रहे इस हरफनमौला क्रिकेटर ने फ्रांस में करीब छह सप्ताह तक कड़ी मेहनत की। शबनम ने बताया कि युवराज ने उन्हें फ्रांस आकर उनसे मिलने से मना किया था ताकि वह लाड़ प्यार के कारण अपने अभ्यास से कहीं भटक न जाए।
युवराज की मां ने कहा, "जब युवी फ्रांस में थे तो मैंने उन्हें बहुत याद किया। लेकिन मैं खुश हूं कि उनकी मेहनत रंग लाई है और उन्हें फिर से टीम इंडिया में खेलने का मौका मिल गया है। मेरे बेटे का त्याग, संयम, कड़ी मेहनत और खेल के प्रति जुनून की वजह है कि वह टीम में फिर से वापसी कर सके हैं।"
इंडिया ए के वनडे कप्तान युवराज का वेस्टइंडीज ए के खिलाफ सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन का नतीजा है कि उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली। इस सीरीज में वह अपनी टीम के सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। जबकि वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को जगह नहीं मिली।