'एकलव्य' और अर्जुन के बीच जारी विवाद पर ये है असली सच!
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कुछ दिन पहले सोशल मीडिया में यह बहस जोरों पर थी कि कलयुग के 'एकलव्य' प्रणब धनावड़े की काबलियत को दरकिनार करते हुए मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर को मुंबई की अंडर-16 टीम में जगह दी गई।
यह बात भी सामने आई कि एक तरफ तो अर्जुन ने नोर्थ जोन के खिलाफ एक मैच में 12 ओवरों में बिना कोई सफलता के 52 रन लुटाए और दूसरी ओर प्रणब द्वारा महज 323 गेंदों में 1009 रन के रिकॉर्ड को अनदेखा किया गया। अर्जुन को सिर्फ इसलिए जगह दी गई कि वह सचिन के बेटे हैं।
हालांकि अब इस मामले में एक नया सच सामने आया है। यह वायरल सच के रुप में सामने आया है। चलिए, आगे जानते हैं क्या है वह वायरल सच?
अब यह सच आया सामने
अंग्रेजी वेबसाइट द क्रिकेट लांग डॉट कॉम के मुताबिक, अर्जुन का मुंबई की अंडर-16 टीम में सलेक्शन पायडे ट्रॉफी में किए गए अच्छे प्रदर्शन के दम पर किया गया है। यहां अपनी टीम के लिए अर्जुन ने टूर्नामेंट में एक सेंचुरी के अलावा 4 विकेट भी झटके थे।
वहीं, दूसरी ओर प्रणब इस टूर्नामेंट में नहीं खेले। उनके न खेलने की वजह से उनका सलेक्शन नहीं किया गया।
इससे इतर प्रणव धनावड़े ने बीबीसी से बातचीत में कहा, ''वेस्ट जोन की टीम का चुनाव मुंबई और स्टेट के मैचों के परफॉर्मेंस के आधार पर होता है। मेरा परफॉर्मेंस सही ना होने की वजह से मैं कुछ स्टेट के मैचों के लिए नहीं चुना गया था। मेरा रिकॉर्ड बनने से पहले ही स्टेट की टीम बन गई थी।''
प्रणव कहते हैं, ''अर्जुन ने स्टेट के सभी मैच में अच्छा परफॉर्म किया था। इसलिए वेस्ट ज़ोन में उनका सलेक्शन हुआ। मैंने अर्जुन को इस सलेक्शन के लिए बधाई भी दी थी। अब मुझे अंडर 19 चयन होने की उम्मीद है।''
वो कहते हैं, ''मैं और अर्जुन बहुत अच्छे दोस्त हैं। हमने पूरे पांच साल एक साथ एक ही क्लब (एमआईजी) के लिए खेला है। मैं यही कहना चाहता हूं कि यह अफ़वाह जल्द बंद हो।''
अर्जुन एक बहुत मेहनती खिलाड़ी हैं
प्रणव ने बीबीसी से बातचीत में आगे कहा, ''अर्जुन एक बहुत मेहनती खिलाड़ी हैं। वो अपनी मेहनत के दम पर चुने गए हैं। मैं सबसे यही कहूंगा ख़बू मेहनत करनी चाहिए। मेहनत का फल ज़रूर मिलता है। मैं सचिन सर का बहुत बड़ा फैन हूँ। मुझे सबसे अच्छी बात उनका डिसिप्लीन्ड में होना अच्छा लगता है। अर्जुन की सबसे अच्छी बात यह है की वो हमेशा ग्राउंडेड है। कभी हवा में नहीं होता। उसको किसी भी बात का कोई ऐटिट्यूड नहीं है।''
वो बताते हैं कि इस तरह की ख़बरों पर मैं बहुत सॉफ्टली रिएक्ट करता हूँ। अर्जुन से इस मामले में कोई बात नहीं हुई है, अभी अर्जुन वेस्ट ज़ोन की तैयारी में व्यस्त हैं। वहीं प्रणव धनावडे के पिता प्रशांत धनावडे ने कहा कि अर्जुन तेंदुलकर और प्रणव को लेकर मीडिया में ग़लत ख़बर फैलाई जा रही है।
वो कहते हैं, "अर्जुन का चुनाव उनके खेल और टैलेंट के हिसाब से बिलकुल सही हुआ है। प्रणव के रिकॉर्ड के पहले ही मुंबई की टीम सलेक्ट हो गई थी। टीम में जो स्टेट वाइज खेलता है वही बाद में ज़ोनल के लिए चुन लिया जाता है। प्रणव ने मुंबई नहीं खेला था तो ज़ोनल के लिए चुना जाना संभव ही नहीं था।''
प्रणव के पिता कहते हैं, '''जिसने भी पहली बार ये अफ़वाह वाला मैसेज सोशल मीडिया में डाला होगा, उसे क्रिकेट टीम में चुनाव की पूरी प्रक्रिया की जानकारी नहीं होगी।'' वो बताते हैं, ''प्रणव के रिकॉर्ड बनाने से पहले ही अंडर-16 टीम का चुनाव और मैच हो चुके थे। प्रणव मुंबई ही नहीं खेला तो जोनल में कैसे जाएगा। उसका परफॉर्मेंस ही नहीं था, जो भी चुनाव हुआ है बिलकुल सही और नियमों के मुताबिक़ हुआ है।''
प्रशांत धनावडे बताते हैं कि चार दिन पहले उन्हें इस अफ़वाह का मैसेज मिला। उसे देखकर पहले तो उन्होंने मज़ाक समझा। लेकिन बाद में ये गंभीर मामला हो गया। सचिन सर का बेटा है, ऐसा बोलकर किसी का नाम बदनाम करना बिलकुल ग़लत बात है।
वो बताते हैं कि प्रणव खुद सचिन सर का बहुत बड़ा फैन है। प्रणव जब सचिन जी से मिलने गया था तो, उन्होंने उसे तोहफ़े में एक बैट भी दिया था। उन्होंने कहा कि खेल को खेल की नज़र से देखना चाहिए। इस तरह की अफ़वाह बिलकुल नहीं फैलानी चाहिए।