फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   is hansie cronje charge on azhar was false

क्या अजहर पर क्रोनिए के लगाए आरोप गलत थे?

Fri, 09 Nov 2012 01:51 AM IST
नई दिल्ली/खेल डेस्क
नई दिल्ली/खेल डेस्क Updated Fri, 09 Nov 2012 01:51 AM IST
विज्ञापन
is hansie cronje charge on azhar was false

साल 2000 को विश्व क्रिकेट का सबसे काला अध्याय माना जाता है। यही वो साल है जब क्रिकेट में मैच फिक्सिंग के पहले सबसे बड़े खुलासे से विश्व क्रिकेट में हड़कंप मच गया था। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हैंसी क्रोनिए इस काले अध्याय के पहले दागदार विलेन थे। 07 अप्रैल 2007 को दिल्ली पुलिस ने क्रोनिए पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाते हुए खुलासा किया कि उसके पास क्रोनिए और मैच फिक्सर संजय चावला की बातचीत का टेप है।

विज्ञापन


क्रोनिए के अलावा दिल्ली पुलिस ने तीन अन्य दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों हर्शल गिब्स, निकी बोए और पीटर स्ट्रेडम पर भी आरोप लगाया। हालांकि पहले क्रोनिए ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया। लेकिन सिर्फ तीन बाद ही दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अली बाकर ने क्रोनिए को यह कहकर कप्तानी से हटा दिया कि वह पूरी तरह से ईमानदार नहीं हैं।
विज्ञापन


15 जून को क्रोनिए ने एक बयान जारी करते हुए मैच फिक्सिरों से अपने संबंध की बात कबूली। उन्होंने सबसे पहला आरोप भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन पर लगाया। क्रोनिए ने कहा कि 1996 में कानपुर टेस्ट मैच के दौरान अजहर ने उन्हें मुकेश गुप्ता नाम के फिक्सर से मिलवाया था। क्रोन्ये ने अजहर के अलावा अजय जडेजा और पाकिस्तान के सलीम मलिक का नाम भी लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुकेश गुप्ता ने क्रोनिए से कहा था कि वह टेस्ट के आखिरी दिन अपनी टीम के विकेट जल्द गिरवाए और मैच हार गए। इस काम के लिए मुकेश ने गुप्ता को 30 हजार डॉलर दिए थे। 460 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने 127 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे। दौरे से वापस लौटने के दौरान भी मुकेश ने क्रोनिए को टीम की खबरें देने के लिए 50 हजार डॉलर दिए थे। क्रोनिए पर आजीवन प्रतिबंध लगा।

सीबीआई के फंदे में थे पांच भारतीय
अपनी जांच में सीबीआई ने मोहम्मद अजहरुद्दीन समेत कुल पांच भारतीय खिलाड़ियों अजय जडेजा, अजय शर्मा, मनोज प्रभाकर और विकेटकीपर नयन मोंगिया पर आरोप लगाए थे। टीम के फीजियोथेरेपिस्ट अली ईरानी भी मैच फिक्सिंग में सीबीसीआई की लिस्ट में थे।

माधवन ने अजहर को दोषी ठहराया
हैंसी क्रोनिए के खुलासे के बाद बीसीसीआई ने सीबीआई के पूर्व ज्वाइंट डाइरेक्टर के माधवन की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की। माधवन ने अपनी रिपोर्ट तब के बीसीसीआई अध्यक्ष एसी मुथैया को सौंपी। रिपोर्ट में माधवन ने अजहरुद्दीन को दोषी ठहराया था जबकि अजय जडेजा, अजय शर्मा और मनोज प्रभाकर के मैच फिक्सरों के संबंध की बात कही थी। हालांकि माधवन रिपोर्ट में नयन मोंगिया का जिक्र नहीं था।


मुथैया का कड़ा कदम
माधवन रिपोर्ट के बाद 06 दिसंबर 2000 को मद्रास में हुई बोर्ड की अनुशासनात्मक कमेटी की बैठक के बाद तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष मुथैया ने कहा था, ‘यह भारतीय क्रिकेट के लिए काला दिन है। अजहरुद्दीन के खिलाफ मैच फिक्सिंग के पक्के सबूत हैं। इसलिए हम अजय शर्मा के साथ अजहरुद्दीन पर आजीवन प्रतिबंध लगा रहे हैं। अजय जडेजा और मनोज प्रभाकर पर पांच-पांच साल का प्रतिबंध लगाया गया है।’

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed