{"_id":"5763d4314f1c1b4c0511ba01","slug":"india-vs-zimbabwe-first-t20-match-preview","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अब टी-20 की बारी, यहां भी भारत की नजर क्लीन स्वीप पर","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
अब टी-20 की बारी, यहां भी भारत की नजर क्लीन स्वीप पर
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 18 Jun 2016 12:56 PM IST
विज्ञापन
टीम इंडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वनडे सीरीज में बिना किसी चुनौती के क्लीन स्वीप करने के बाद टीम इंडिया की नजर अब टी-20 सीरीज में भी मेजबान जिम्बाब्वे का सूपड़ा साफ करने पर होगी। दोनों टीमों के बीच 3 मैचों की यह सीरीज शनिवार से शुरू हो रही है और पहला मैच भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे से शुरू होगा।
विज्ञापन
पिछली सीरीज में मुकाबले जिस तरह से एकतरफा रहे हैं उसने इस दौरे के महत्व को काफी फीका कर दिया है, लेकिन फटाफट क्रिकेट में जंग थोड़ा अलग हो जाता है और 20-20 ओवर के मुकाबले में कोई भी टीम शानदार खेल दिखा सकती है।
विज्ञापन
50-50 ओवर के मुकाबले में मिली नाकामी को मेजबान टीम धोने का प्रयास करने को बेताब होगी। हालांकि उसके इस अभियान में थोड़ा झटका लगा है क्योंकि उसके 2 और बड़े खिलाड़ी सीरीज से बाहर हो गए हैं। हालांकि ऑलराउंडर सीन विलियम्स और बल्लेबाज क्रेग इरविन के चोट के कारण सीरीज से बाहर होने से मेजबान टीम की धार कुछ कमजोर जरूर दिखती है।
विज्ञापन
लेकिन अनुभवी कप्तान के साथ इस दौरे पर गई युवा टीम इंडिया इस सीरीज को भी क्लीन स्वीप के साथ अपने खाते में करने को आतुर होगी। भारतीय टीम में खिलाड़ी भले ही अंतरराष्ट्रीय मैच के हिसाब से कम अनुभवी दिखते हों लेकिन उन्होंने वनडे सीरीज में जिस तरह से खेल दिखाया वह काबिलेतारीफ है।
केदार जाधव और मनीष पांडेय पिछली बार 2015 में उस भारतीय टीम के हिस्सा थे, जिसमें अजिंक्य रहाणे के नेतृत्व में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के साथ टी-20 सीरीज 1-1 से बराबरी खेली थी। तब रहाणे की टीम को दूसरे टी-20 में हार का मुंह देखना पड़ा था। लेकिन इस बार दुनिया के सबसे अनुभवी टी-20 कप्तान के पास भारत की युवा टीम का जिम्मा है और इस टीम के 15 खिलाड़ियों में से 14 के पास आईपीएल का करार है।
अनुभवहीन गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे में ढाया है कहर
टीम इंडिया
- फोटो : PTI
गेंदबाजी विभाग की बात करें तो जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय गेंदबाजों ने बेहद शानदार गेंदबाजी की। तीनों ही मैचों में मेजबान को पूरे 50 ओवर खेलने नहीं दिया और तो और वे अपने घर में एक बार भी 170 के पार नहीं जा सके। जिम्बाब्वे ने सीरीज में कुल 29 विकेट खोकर 417 रन बनाए। जबकि एक बल्लेबाज चोटिल होने के कारण क्रीज पर नहीं उतर सका।
पहले मैच में मेजबान टीम ने 168 रन बनाए थे, लेकिन इसके बाद टीम 126 और 123 रन ही बना सकी। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने अंतिम दोनों मैचों में 4-4 विकेट झटके। इस तरह से उन्होंने इस सीरीज में अपने 10 विकेट झटक लिए। वहीं इस दौरे से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाले छोटे कद के फिरकी गेंदबाज यजुवेंद्र चहल ने भी अपनी गेंदबाजी से काफी प्रभावित किया।
फिरकी गेंदबाज अक्षर पटेल और तेज गेंदबाज धवल कुलकर्णी ने भी शानदार गेंदबाजी की है। अब उम्मीद है कि ये गेंदबाज टी-20 में भी लय के साथ गेंदबाजी करेंगे क्योंकि इन सभी ने 20-20 ओवर के मुकाबलों में ही किए प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया में जगह बनाई थी।
पहले मैच में मेजबान टीम ने 168 रन बनाए थे, लेकिन इसके बाद टीम 126 और 123 रन ही बना सकी। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने अंतिम दोनों मैचों में 4-4 विकेट झटके। इस तरह से उन्होंने इस सीरीज में अपने 10 विकेट झटक लिए। वहीं इस दौरे से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाले छोटे कद के फिरकी गेंदबाज यजुवेंद्र चहल ने भी अपनी गेंदबाजी से काफी प्रभावित किया।
फिरकी गेंदबाज अक्षर पटेल और तेज गेंदबाज धवल कुलकर्णी ने भी शानदार गेंदबाजी की है। अब उम्मीद है कि ये गेंदबाज टी-20 में भी लय के साथ गेंदबाजी करेंगे क्योंकि इन सभी ने 20-20 ओवर के मुकाबलों में ही किए प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया में जगह बनाई थी।
भारतीय बल्लेबाजों ने दिखाई गहराई
टीम इंडिया
- फोटो : PTI
बात बल्लेबाजी विभाग की जाए तो इस बार सीरीज में ज्यादा बल्लेबाजों को क्रीज पर आने का मौका ही नहीं मिला। पूरी सीरीज में टीम इंडिया की ओर से सिर्फ 3 विकेट ही गिरे। इसी सीरीज से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज करने वाले लोकेश राहुल ने मिले मौके का भरपूर फायदा उठाया और 3 मैचों में सिर्फ एक बार आउट होते हुए 196 रन बनाए। उन्होंने अपने पहले ही मैच में शतक ठोंककर ऐसा करने वाले भारत के पहले बल्लेबाज भी बने थे।
लोकेश के अलावा करुण नायर और फैज फैजल ने भी अपने करियर का आगाज किया। करुण थोड़े नाकाम साबित जरूर हुए लेकिन फैजल ने अंतिम से करियर शुरू करते हुए शानदार फिफ्टी लगाई थी। उनके अलावा अंबाती रायडु को क्रीज पर आने का मौका मिला। बाकी सारे बल्लेबाजों को क्रीज पर आने का चांस ही नहीं मिला।
देखने से लगता है कि यह सीरीज भी एकतरफा रहेगी लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि वनडे सीरीज की तुलना में टी-20 सीरीज में कुछ रोमांच आए और खेलने वालों के साथ-साथ देखने वालों को भी मजा आए।
वनडे सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 सीरीज में भी प्रबल दावेदार मानी जा रही है। धोनी पहले मैच में ही बल्लेबाजी क्रम में थोड़ा बहुत फेरबदल करना चाहेंगे। ऐसे में बेंच पर बैठे मनदीप सिंह, जयंत यादव, जयदेव उनादकट सरीखे उदीयमान खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिल सकता है।
लोकेश के अलावा करुण नायर और फैज फैजल ने भी अपने करियर का आगाज किया। करुण थोड़े नाकाम साबित जरूर हुए लेकिन फैजल ने अंतिम से करियर शुरू करते हुए शानदार फिफ्टी लगाई थी। उनके अलावा अंबाती रायडु को क्रीज पर आने का मौका मिला। बाकी सारे बल्लेबाजों को क्रीज पर आने का चांस ही नहीं मिला।
देखने से लगता है कि यह सीरीज भी एकतरफा रहेगी लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि वनडे सीरीज की तुलना में टी-20 सीरीज में कुछ रोमांच आए और खेलने वालों के साथ-साथ देखने वालों को भी मजा आए।
वनडे सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 सीरीज में भी प्रबल दावेदार मानी जा रही है। धोनी पहले मैच में ही बल्लेबाजी क्रम में थोड़ा बहुत फेरबदल करना चाहेंगे। ऐसे में बेंच पर बैठे मनदीप सिंह, जयंत यादव, जयदेव उनादकट सरीखे उदीयमान खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिल सकता है।