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IND vs SA: बुमराह, शमी और अश्विन के बिना कमजोर दिखी टीम इंडिया की गेंदबाजी, चहल की अब भी हो रही अनदेखी
Sat, 11 Jun 2022 10:11 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sat, 11 Jun 2022 10:11 PM IST
सार
आवेश खान और हर्षल पटेल के पास अंतरराष्ट्रीय मैचों का ज्यादा अनुभव नहीं है। इसी वजह से दवाब भरे हालातों में ये गेंदबाज बिखर से जाते हैं। अफ्रीका के खिलाफ भी हर्षल ने अहम ओवर में 22 रन लुटा दिए और यहीं से भारत मैच हार गया।
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मोहम्मद शमी, रविचंद्रन अश्विन और जसप्रीत बुमराह
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी20 सीरीज का दूसरा मैच रविवार को कटक के बाराबती स्टेडियम में खेला जाएगा। सीरीज का पहला मैच हारने के बाद भारत की निगाहें वापसी करने पर होंगी। पहले मैच में टीम इंडिया ने 211 रन का स्कोर बनाया था, लेकिन खराब गेंदबाजी के कारण भारत यह मैच हार गया। टी20 इतिहास में यह पहला मौका था, जब किसी टीम ने भारत के खिलाफ 212 रन के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा कर लिया। वहीं, अफ्रीकी टीम ने भी टी20 क्रिकेट के इतिहास में अपने सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा किया।
दक्षिण अफ्रीका की टीम बड़े लक्ष्य के दबाव में दिख रही थी। शुरुआत में तीन बल्लेबाज बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में आउट भी हुए, लेकिन अच्छी साझेदारी होते ही भारतीय गेंदबाज दबाव में आ गए। भारतीय गेंदबाजों ने जमकर लेग स्टंप के बाहर गेंदबाजी की, फुल टॉस गेंदें की और अफ्रीकी बल्लेबाजों को बड़े शॉट लगाने में आसानी हुई। इसी वजह से दक्षिण अफ्रीका ने पांच गेंद रहते यह मैच जीत लिया।
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दक्षिण अफ्रीका की टीम बड़े लक्ष्य के दबाव में दिख रही थी। शुरुआत में तीन बल्लेबाज बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में आउट भी हुए, लेकिन अच्छी साझेदारी होते ही भारतीय गेंदबाज दबाव में आ गए। भारतीय गेंदबाजों ने जमकर लेग स्टंप के बाहर गेंदबाजी की, फुल टॉस गेंदें की और अफ्रीकी बल्लेबाजों को बड़े शॉट लगाने में आसानी हुई। इसी वजह से दक्षिण अफ्रीका ने पांच गेंद रहते यह मैच जीत लिया।
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शमी और बुमराह
- फोटो : सोशल मीडिया
खल रही बुमराह, अश्विन और शमी की कमी
जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और रविचंद्रन अश्विन की गैरमौजूदगी में भारत का गेंदबाजी आक्रमण बेहद खराब दिख रहा है। आवेश खान और भुवनेश्वर कुमार पावरप्ले में दबाव नहीं बना पा रहे। एक छोर से अच्छी गेंदबाजी होती है तो अगले ओवर में रन बन जाते हैं और बल्लेबाजी करने वाली टीम पर दबाव नहीं बनता। शुरुआती में विकेट निकालने में शमी महारत रखते हैं और भुवनेश्वर के साथ उनकी जोड़ी शानदार है। उनकी गैरमौजूदगी में भुवनेश्वर भी कम धारदार दिखते हैं।
बीच के ओवरों में विकेट निकालना हो या आखिरी में रन रोकना हो या फिर नई गेंद से शुरुआती झटके देने हों। जसप्रीत बुमराह हर काम में माहिर हैं। आवेश खान ने आईपीएल में यही काम करके दिखाया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का स्तर अलग है और यहां उन्हें अपने प्रदर्शन में निरंतरता लाने में थोड़ा समय लगेगा।
रविचंद्रन अश्विन बीच के ओवरों में अहम विकेट निकालने में माहिर हैं या फिर एक छोर पर दबाव बनाकर रखते हैं, जिससे उनके साथी गेंदबाज को विकेट मिलते हैं। अक्षर पटेल ऐसा कुछ नहीं कर पाए और पहले टी20 में डुसेन-मिलर की जोड़ी अपने दम पर भारत के जबड़े से जीत छीन ले गई।
जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और रविचंद्रन अश्विन की गैरमौजूदगी में भारत का गेंदबाजी आक्रमण बेहद खराब दिख रहा है। आवेश खान और भुवनेश्वर कुमार पावरप्ले में दबाव नहीं बना पा रहे। एक छोर से अच्छी गेंदबाजी होती है तो अगले ओवर में रन बन जाते हैं और बल्लेबाजी करने वाली टीम पर दबाव नहीं बनता। शुरुआती में विकेट निकालने में शमी महारत रखते हैं और भुवनेश्वर के साथ उनकी जोड़ी शानदार है। उनकी गैरमौजूदगी में भुवनेश्वर भी कम धारदार दिखते हैं।
बीच के ओवरों में विकेट निकालना हो या आखिरी में रन रोकना हो या फिर नई गेंद से शुरुआती झटके देने हों। जसप्रीत बुमराह हर काम में माहिर हैं। आवेश खान ने आईपीएल में यही काम करके दिखाया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का स्तर अलग है और यहां उन्हें अपने प्रदर्शन में निरंतरता लाने में थोड़ा समय लगेगा।
रविचंद्रन अश्विन बीच के ओवरों में अहम विकेट निकालने में माहिर हैं या फिर एक छोर पर दबाव बनाकर रखते हैं, जिससे उनके साथी गेंदबाज को विकेट मिलते हैं। अक्षर पटेल ऐसा कुछ नहीं कर पाए और पहले टी20 में डुसेन-मिलर की जोड़ी अपने दम पर भारत के जबड़े से जीत छीन ले गई।
युजवेन्द्र चहल
- फोटो : सोशल मीडिया
चहल की हो रही अनदेखी
टी20 मैच में स्पिन गेंदबाजों का काम बीच के ओवर में साझेदारी तोड़ने का होता है, लेकिन पहले टी20 में चहल को बीच के ओवरों में ज्यादा गेंदबाजी ही नहीं मिली। उन्होंने पूरे मैच में कुल 13 गेंदें की। इनमें से छह गेंद चौथे ओवर में, छह गेंद आठवें ओवर में और एक गेंद 20वें ओवर में की। इसी वजह से चहल अफ्रीकी बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके और भारत डुसेन-मिलर की जोड़ी नहीं तोड़ पाया। आईपीएल में पर्पल कैप जीतने वाले चहल पर कप्तान को भरोसा नहीं था और उनसे पूरे ओवर नहीं कराए गए। इसी वजह से चलह इस मैच में कोई कमाल नहीं कर पाए।
यह पहला मौका नहीं है, जब चहल को कमतर आंका जा रहा है और उनकी अनदेखी हो रही है। इससे पहले भी चहल को अच्छे प्रदर्शन के बावजूद 2021 टी20 विश्वकप में मौका नहीं दिया गया था, जबकि लेग स्पिन गेंदबाजों ने पूरे टूर्नामेंट तहलका मचाया था। सभी बड़ी टीमों ने लेग स्पिन गेंदबाजों को मौका दिया था, जबकि भारत जडेजा और वरुण तक्रवर्ती के भरोसे खेल रहा था।
पहले टी20 में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 मैच मे आवेश खान भारत के सबसे कंजूस गेंदबाज रहे। उन्होंने चार ओवर में बिना कोई विकेट लिए 35 रन दिए। अक्षर ने चार ओवर में एक विकेट लेकर 40 रन दिए। भुवनेश्वर ने 43 रन देकर एक विकेट लिया। हर्षल पटेल ने 43 रन देकर एक विकेट लिया। हार्दिक ने एक ओवर में 18 रन खर्चे और चहल ने 2.1 ओवर में 26 रन दिए। आवेश को छोड़कर किसी गेंदबाज का इकोनॉमी रेट 10 से कम नहीं था।
टी20 मैच में स्पिन गेंदबाजों का काम बीच के ओवर में साझेदारी तोड़ने का होता है, लेकिन पहले टी20 में चहल को बीच के ओवरों में ज्यादा गेंदबाजी ही नहीं मिली। उन्होंने पूरे मैच में कुल 13 गेंदें की। इनमें से छह गेंद चौथे ओवर में, छह गेंद आठवें ओवर में और एक गेंद 20वें ओवर में की। इसी वजह से चहल अफ्रीकी बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके और भारत डुसेन-मिलर की जोड़ी नहीं तोड़ पाया। आईपीएल में पर्पल कैप जीतने वाले चहल पर कप्तान को भरोसा नहीं था और उनसे पूरे ओवर नहीं कराए गए। इसी वजह से चलह इस मैच में कोई कमाल नहीं कर पाए।
यह पहला मौका नहीं है, जब चहल को कमतर आंका जा रहा है और उनकी अनदेखी हो रही है। इससे पहले भी चहल को अच्छे प्रदर्शन के बावजूद 2021 टी20 विश्वकप में मौका नहीं दिया गया था, जबकि लेग स्पिन गेंदबाजों ने पूरे टूर्नामेंट तहलका मचाया था। सभी बड़ी टीमों ने लेग स्पिन गेंदबाजों को मौका दिया था, जबकि भारत जडेजा और वरुण तक्रवर्ती के भरोसे खेल रहा था।
पहले टी20 में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 मैच मे आवेश खान भारत के सबसे कंजूस गेंदबाज रहे। उन्होंने चार ओवर में बिना कोई विकेट लिए 35 रन दिए। अक्षर ने चार ओवर में एक विकेट लेकर 40 रन दिए। भुवनेश्वर ने 43 रन देकर एक विकेट लिया। हर्षल पटेल ने 43 रन देकर एक विकेट लिया। हार्दिक ने एक ओवर में 18 रन खर्चे और चहल ने 2.1 ओवर में 26 रन दिए। आवेश को छोड़कर किसी गेंदबाज का इकोनॉमी रेट 10 से कम नहीं था।