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'बॉलर फिक्स थे तो बल्लेबाज क्या कर रहे थे'
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 31 May 2013 08:27 AM IST
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यदि मैच में बॉलर फिक्स है तो क्या बल्लेबाज भी फिक्स था। यदि ऐसा नहीं था तो कैसे कह सकते है कि किस ओवर में कितने रन बनेंगे।
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अदालत ने जांच एजेंसी से यह सवाल पूछते हुए जानना चाहा कि क्या किसी बल्लेबाज के खिलाफ भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी ने किसी भी बल्लेबाज की जांच करने से इंकार कर दिया।
अंकित चव्हाण की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान सेशन जज विनय कुमार खन्ना ने अभियोजन पक्ष के तर्कों पर जानना चाहा कि क्या वे किसी बल्लेबाज की भूमिका की जांच कर रहे हैं या नहीं।
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अदालत ने कहा आप कह रहे हैं कि बॉलर ने 13 रन या उससे अधिक देेने के लिए बुकी से सेटिंग की थी। उन्होंने कहा मान लें कि बॉलर फिक्स है तो बल्लेबाज की भूमिका क्या रही है।
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आप कैसे कह सकते हैं कि मात्र बॉल डालने से 13 रन या उससे अधिक बनेंगे। वहीं 13 रन देने के लिए 60 लाख रुपये दिए गए। यह कैसे तय होगा कि बल्लेबाज उतने रन बनाएगा ही।
अदालत ने कहा जब अंकित चव्हाण बॉलिंग कर रहा था उसके सामने कौन बल्लेबाजी कर रहा था। अदालत ने कहा आश्चर्य की बात है कि बॉलर बिना बल्लेबाज के रन दे सकता है।
सरकारी वकील ने कहा हम किसी भी बल्लेबाज की भूमिका की जांच नहीं कर रहे। हमारे पास साक्ष्य है कि चव्हाण फिक्स था।