कोच पोवार को मिला हरमनप्रीत-स्मृति का साथ, बोलीं- सामूहिक था मिताली को बाहर रखने का फैसला
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भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच रमेश पोवार और क्रिकेटर मिताली राज के बीच चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और उप कप्तान स्मृति मंधाना कोच पोवार के पक्ष में कूद पड़ी हैं।
दोनों ने सोमवार की शाम को प्रशासकों की समिति के चेयरमैन विनोद राय, डायना एडुल्डी, बोर्ड सीईओ राहुल जौहरी, जीएम सबा करीम, कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना, अमिताभ चौधरी और अनिरुद्ध चौधरी को ईमेल लिखकर पोवार को टीम के कोच पद पर बनाए रखने की मांग की है।
मेल में क्या लिखा है?
हरमनप्रीत और स्मृति मंधाना ने ईमेल में साफ किया है कि मिताली को सेमीफाइनल में टीम से बाहर रखने का फैसला सभी ने मिलकर लिया था। हरमनप्रीत और स्मृति ने लिखा है कि मिताली को सेमीफाइनल के लिए टीम से बाहर किए जाने का फैसला अकेले पोवार का नहीं था।
इस फैसले में पोवार के साथ उन दोनों के अलावा चयनकर्ता सुधा शाह और मैनेजर तृप्ति भट्टाचार्य शामिल थीं।यह फैसला पूरी तरह से खेल के तर्कों और पूर्व में किए गए अवलोकन के आधार पर लिया गया था। यही नहीं उन्हें विश्वास है कि मिथाली को बाहर किए जाने का फैसला व्यक्तिगत नहीं बल्कि टीम के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया था।
हरमनप्रीत ने यहां तक कहा है कि पोवार और मिताली को एक परिवार की तरह आपस में बैठकर अपने मतभेदों को सुलझाते हुए सुलह तक पहुंचना चाहिए। यही उन दोनों और टीम के हित में रहेगा।
हरमनप्रीत ने सभी अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि टी-20 टीम की कप्तान और वन डे टीम की उप कप्तान होने के नाते वह अपील करती हैं कि पोवार को टीम के कोच पद पर बरकरार रखा जाए। यह ध्यान में रखना चाहिए कि ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप में महज 15 माह का समय शेष है।
न्यूजीलैंड श्रृंखला सिर पर खड़ी है। जिस तरह से पोवार टीम में जबरदस्त बदलाव लाए हैं उन्हें नहीं लगता है कि ऐसे समय में यह जगह उनके अलावा अन्य कोई ले सकता है। उन्हें लगता है कि इस समय कोच का बदलाव टीम की प्रगति को प्रभावित करेगा और एक बार फिर उन्हें नए सिरे से शुरूआत करनी होगी।