{"_id":"d7bc084a-1566-11e2-abb2-d4ae52bc57c2","slug":"happy-birthday-gautam-gambhir","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीम इंडिया की दूसरी 'दीवार' गंभीर को दें जन्मदिन की बधाई","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
टीम इंडिया की दूसरी 'दीवार' गंभीर को दें जन्मदिन की बधाई
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Sun, 14 Oct 2012 12:20 AM IST
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सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को राहुल द्रविड़ के बाद टीम इंडिया की दूसरी दीवार की संज्ञा दी जा चुकी है। गौतम ने क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में एक से बढ़कर एक बेहतरीन पारियां खेलकर अपनी उपयोगिता साबित की है। टीम इंडिया के इस गंभीर बल्लेबाज का जन्म 14 अक्टूबर 1981 को दिल्ली में हुआ था।
पर्दापण सीरीज में दिखाया दम
अप्रैल 2003 में बांग्लादेश के खिलाफ गंभीर ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया। टीवीएस कप में अपना करियर शुरू करने वाले गंभीर ने तीसरे वनडे मैच में 71 रन की पारी खेली और 'मैन आफ द मैच' चुने गए। गंभीर ने वनडे में अपना पहला शतक श्रीलंका के खिलाफ 2005 में जड़ा। 2004 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बार्डर गावस्कर ट्राफी के लिए गंभीर को टेस्ट में पदार्पण करने का मौका मिला। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गंभीर ने दूसरा टेस्ट मैच खेला और 96 रन की पारी खेलकर सबको बता दिया कि वह टेस्ट मैच के लिए भी उपयोगी हैं। गंभीर ने लगातार पांच टेस्ट मैचों में शतक ठोका है।
वर्ल्ड कप फाइनल के रियल हीरो
गौतम गंभीर के टीम में आने के बाद से टीम इंडिया ने दो वर्ल्ड कप जीते हैं। खास बात यह है कि दोनों वर्ल्ड कप के फाइनल में गंभीर के बल्ले ने खूब रंग जमाया। 2007 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ गंभीर की 75 रनों की तूफानी पारी ने भारत को खिताब दिला दिया। 2011 में वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में वीरेंद्र सहवाग(0) और सचिन तेंदुलकर(18) के आउट होने के बाद गंभीर ने एक सेनानायक की भूमिका अदा की। गंभीर ने 97 रनों की पारी खेलकर टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका अदा की।
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कप्तानी में भी मनवाया लोहा
बेहद शांत दिखने वाले गंभीर अपनी आक्रामक कप्तानी का लोहा भी मनवा चुके हैं। 2010 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज में गंभीर ने टीम की कमान संभाली और सीरीज 5-0 से जीतकर अपनी कप्तानी का लोहा मनवाया। इसके अलावा आईपीएल-4 में गंभीर की कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स विजेजा बन चुकी है। गंभीर 2009 में आईसीसी टेस्ट 'प्लेयर ऑफ द ईयर' चुने गए।
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पर्दापण सीरीज में दिखाया दम
अप्रैल 2003 में बांग्लादेश के खिलाफ गंभीर ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया। टीवीएस कप में अपना करियर शुरू करने वाले गंभीर ने तीसरे वनडे मैच में 71 रन की पारी खेली और 'मैन आफ द मैच' चुने गए। गंभीर ने वनडे में अपना पहला शतक श्रीलंका के खिलाफ 2005 में जड़ा। 2004 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बार्डर गावस्कर ट्राफी के लिए गंभीर को टेस्ट में पदार्पण करने का मौका मिला। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गंभीर ने दूसरा टेस्ट मैच खेला और 96 रन की पारी खेलकर सबको बता दिया कि वह टेस्ट मैच के लिए भी उपयोगी हैं। गंभीर ने लगातार पांच टेस्ट मैचों में शतक ठोका है।
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वर्ल्ड कप फाइनल के रियल हीरो
गौतम गंभीर के टीम में आने के बाद से टीम इंडिया ने दो वर्ल्ड कप जीते हैं। खास बात यह है कि दोनों वर्ल्ड कप के फाइनल में गंभीर के बल्ले ने खूब रंग जमाया। 2007 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ गंभीर की 75 रनों की तूफानी पारी ने भारत को खिताब दिला दिया। 2011 में वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में वीरेंद्र सहवाग(0) और सचिन तेंदुलकर(18) के आउट होने के बाद गंभीर ने एक सेनानायक की भूमिका अदा की। गंभीर ने 97 रनों की पारी खेलकर टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका अदा की।
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कप्तानी में भी मनवाया लोहा
बेहद शांत दिखने वाले गंभीर अपनी आक्रामक कप्तानी का लोहा भी मनवा चुके हैं। 2010 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज में गंभीर ने टीम की कमान संभाली और सीरीज 5-0 से जीतकर अपनी कप्तानी का लोहा मनवाया। इसके अलावा आईपीएल-4 में गंभीर की कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स विजेजा बन चुकी है। गंभीर 2009 में आईसीसी टेस्ट 'प्लेयर ऑफ द ईयर' चुने गए।