ENGW vs INDW: इंग्लैंड के खिलाफ लाज बचाने उतरेगी टीम इंडिया, तीसरा वन-डे आज
- क्लीन स्वीप से बचना चाहेगी टीम इंडिया
- हरमनप्रीत का खराब फार्म चिंता का सबब
- पिछले सात वन-डे में से छह में मिली है हार
- कप्तान मिताली राज गर्दन के दर्द से उबरीं, तीसरे वनडे में खेलने को तैयार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय महिला क्रिकेट टीम शनिवार को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वन-डे में लाज बचाने उतरेगी। दो मैच हार चुकी टीम इंडिया क्लीन स्वीप से बचना चाहेगी। पिछले सात वन-डे में से छह हारने के बाद मिताली राज की अगुवाई वाली टीम को लय हासिल करने में मुश्किल हो रही है। उसे घरेलू धरती पर दक्षिण अफ्रीकी महिलाओं से हार का सामना करने के बाद इस श्रृंखला में भी एकतरफा हार की बदनामी को झेलना पड़ सकता है। बता दें कि मैच भारतीय समयानुसार दोपहर तीन बजकर 30 मिनट से शुरू होगा।
श्रृंखला के दूसरे वन-डे में जहां गेंदबाजों ने अपने खेल के स्तर को ऊंचा करते हुए बेहतर प्रदर्शन किया, तो वहीं लचर बल्लेबाजी के कारण एक भी फिर से टीम को हार का सामना करना पड़ा। लगातार अंतराल पर विकेट पतन के कारण कप्तान मिताली पर बोझ काफी बढ़ जा रहा है, जिससे उनका खेल भी प्रभावित हो रहा है। टीम के लिए सबसे अधिक चिंता का सबस उपकप्तान हरमनप्रीत कौर की फॉर्म है, जिनके प्रदर्शन में पिछले चार साल से निरंतरता नहीं रही है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2017 विश्व कप में 171 रन की शानदार पारी के बाद वह सिर्फ दो मैचों ही अर्धशतक लगा सकी हैं। इस दौरान उन्हें 28 मैचों में 22 बार बल्लेबाजी का मौका मिला।
मिताली और जेमिमा रोड्रिग्स के अलावा पूनम राउत, दीप्ति शर्मा और तानिया भाटिया के पास बड़े शॉट खेलने की क्षमता नहीं होने के कारण, सलामी बल्लेबाजों स्मृति मंधाना और 17 साल की शेफाली वर्मा पर बहुत दबाव बन रहा है। भारत के लिए मिताली ने दोनों मैचों में अर्धशतक लगाये लेकिन इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 60 के आस-पास रहा। भारतीय बल्लेबाजों के लिए खाली गेंदें भी बड़ी समस्या रही है। पहले मैच में टीम कैथरीन ब्रंट, आन्या श्रुबसोल, नैट साइवर,, केट क्रॉस और सोफी एक्लेस्टोन के खिलाफ 50 ओवरों में 181 गेंदों पर एक भी रन नहीं बना सकी थी।
दूसरे वन-डे में भी यही हाल था। शुरुआती ओवरों में शेफाली की 55 गेंद में 44 रन की पारी के बाद आखिरी ओवरों में झूलन गोस्वामी के बल्ले से निकले कुछ बडे शॉट के कारण टीम 220 रन के आंकड़े को पार करने में सफल रही। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोच रमेश पोवार के पास हरमनप्रीत के खराब लय का कोई समाधान है और क्या उन्हें लगता है कि इस श्रृंखला के बाद उपकप्तान को टीम से बाहर करने या विश्राम देने की जरूरत है।
भारतीय कप्तान मिताली राज की गर्दन का दर्द ठीक हो गया है, जिससे वह शनिवार को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और अंतिम मैच में टीम की अगुआई करने को तैयार हैं। मिताली को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे के दौरान गर्दन में दर्द महसूस हुआ था, जिसके कारण वह विपक्षी टीम की पारी के दौरान मैदान में नहीं उतर सकी थीं। उपकप्तान हरमनप्रीत ने इसके बाद टीम की अगुआई की थी। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने मिताली की टीम के साथ ट्रेनिंग की फोटो शेयर करते हुए ट्वीट किया, 'कप्तान मिताली राज दर्द से उबर गई हैं और लड़कियों के साथ ट्रेनिंग कर रही हैं।'
गेंदबाजी विभाग में पहले मैच की निराशा को पीछे छोड़ते हुए दूसरे एकदिवसीय में झूलन और लेग स्पिनर पूनम यादव दोनों ने ही अच्छा प्रदर्शन किया था । छोटे स्कोर के कारण भारतीय गेंदबाज हालांकि हमेशा दबाव में रहे। टैमी ब्यूमोंट और साइवर के अच्छे फॉर्म में होने साथ घरेलू टीम की कप्तान हीथर नाइट भारतीय आक्रमण के खिलाफ बड़े स्कोर कर के श्रृंखला में बल्ले से मिली नाकामी को पीछे छोड़ना चाहेंगी।
टीमें इस प्रकार हैं :
भारत: मिताली राज (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, पूनम राउत, हरमनप्रीत कौर (उप कप्तान), दीप्ति शर्मा, तानिया भाटिया (विकेटकीपर), स्नेह राणा, झूलन गोस्वामी, शिखा पांडे, जेमिमा रोड्रिग्स, अरुंधति रेड्डी, पूजा वस्त्राकर, एकता बिष्ट, राधा यादव, पूनम यादव, प्रिया पूनिया, इंद्राणी रॉय (विकेटकीपर)।
इंग्लैंड: हीथर नाइट (कप्तान), टैमी ब्यूमोंट, केट क्रॉस, नैट साइवर, सोफिया डंकले, लॉरेन विनफील्ड-हिल, आन्या श्रबसोल, कैथरीन ब्रंट, सोफी एक्लेस्टोन, एमी जोन्स (विकेटकीपर), फ्रेया डेविस, टैश फारंट, सराह ग्लेन, मैडी विलियर्स, फ्रैन विल्सन, सारा ग्लेन, एमिली अर्लॉट।