पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने कहा, टीम इंडिया के मैजूदा गेंदबाज पिछले 60-70 सालों में हैं सर्वश्रेष्ठ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर गेंदबाज इरापल्ली प्रसन्ना ने टीम इंडिया के मौजूदा गेंदबाज को सर्वश्रेष्ठ बताया है। सामाचर एजेंसी पीटीआई से बातचीत में प्रसन्ना ने कहा, 'टीम इंडिया के पास दुनिया का सर्वश्रेष्ठ आक्रमण है। भारतीय स्पिन आक्रमण पिछले 60 से 70 साल में अपने सर्वश्रेष्ठ रैंक पर है।
उन्होंने कहा कि टीम इंडिया के 7 गेंदबाजों के आक्रमण में 5 तेज गेंदबाज शामिल हैं जिनमें से 4 नियमित तौर पर 140 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं और यही कारण है कि प्रसन्ना चाहते हैं कि विराट कोहली दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टैस्ट में 5 गेंदबाजों के साथ उतरे।
पढ़ेंः- अफ्रीकी दौरे पर टीम इंडिया जीते चाहे हारे, फिर भी रहेगी नंबर-1
प्रसन्ना ने कहा कि मौजूदा आक्रमण को देखते हुए टीम इंडिया को प्लेइंग इलेवन में 5 गेंदबाजों के साथ उतरना चाहिए। भारतीय टीम के हालांकि पहले मैच में 3 तेज गेंदबाजों और एक स्पिनर के साथ उतरने की संभावना है। प्रसन्ना ने कहा, 'मेरा हमेशा से मानना है कि यदि आपको जीतना है तो 5 गेंदबाज जरूरी हैं। अतिरिक्त बल्लेबाज को खिलाने का तर्क गेंदबाजों पर भी लागू होता है।' उन्होंने कहा, 'यदि आप अतिरिक्त बल्लेबाज खिलाते भी हो तो भी एक या दो ही बड़ा स्कोर खड़ा करते हैं। संभावना है कि यदि शीर्ष पांच विफल हो गए तो छठा भी विफल हो जाए।'
टीम इंडिया ने पांच तेज गेंदबाजों को चुना है जिसमें इशांत शर्मा, उमेश यादव, मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार के अलावा जसप्रीत बुमराह को पहली बार टीम में जगह दी गई है। रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा दो स्पिनर हैं लेकिन पूरी संभावना है कि दोनों में से एक ही पहले टेस्ट में खेलेगा।
प्रसन्ना ने कहा कि ऐसी स्थिति में अश्विन पहले टैस्ट में खेलने के प्रबल दावेदार होंगे। उन्होंने साथ ही दोनों टीमों की तुलना करने से इनकार करते हुए कहा कि भारत के पास दक्षिण अफ्रीका में पहली टेस्ट सीरीज जीतने का अच्छा मौका है। बता दें कि प्रसन्ना ने टीम इंडिया के लिए 49 टेस्ट में 189 विकेट हासिल करने वाले प्रसन्ना ने कहा कि मौजूदा टीम काफी संतुलित है और खिलाड़ियों की मानसिकता सकारात्मक है।