{"_id":"57c2d6ec4f1c1b4114d4eeb9","slug":"dhoni-admits-execution-of-ball-was-wrong","type":"story","status":"publish","title_hn":"जैसा चाहा, वैसा आखिरी गेंद पर खेल नहीं पायाः धोनी ","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
जैसा चाहा, वैसा आखिरी गेंद पर खेल नहीं पायाः धोनी
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 28 Aug 2016 10:47 PM IST
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धोनी
- फोटो : getty
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कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी-20 मैच में मिली हार पर सफाई देते हुए कहा है कि वह जिस तरह आखिरी गेंद को खेलना चाहते थे, उस तरह खेल नहीं पाए।
भारत को अखिरी गेंद में जीत के लिए दो रनों की दरकार थी और स्ट्राइक पर दुनिया के सर्वेश्रेष्ठ फिनिशरों में से एक महेंद्र सिंह धोनी थे। धोनी डेवेन ब्रेवो की गेंद को गली के ऊपर से उठाकर बाउंड्री के पार पहुंचाना चाहते थे लेकिन वह गली में खड़े फिल्डर को कैच दे बैठे और भारत को एक रन के अंतर से मैच गंवाना पड़ा।
ब्रेवो ने अपने अनुभव का उपयोग करते हुए बेहतरीन गेंदबाजी की और धोनी-राहुल दोनों को एक भी गेंद बाउंड्री तक नहीं पहुंचा सके। मैच के बाद धोनी ने कहा कि यह शानदार मैच था, बल्लेबाज अपनी तरफ जितना कर सकते थे उन्होंने किया।
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धोनी ने कहा, आखिरी गेंद को मैं जिस तरह से खेलना चाहता था वह गलत नहीं था लेकिन उसका एग्जीक्यूशन थोड़ा गलत हो गया। हर चीज को एग्जीक्यूशन से ही परखा जाता है।
यदि यह मैच टीम इंडिया जीत जाती तो यह टी-20 इतिहास की रन पीछा करते हुए मिली सबसे बड़ी जीत होती।
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भारत को अखिरी गेंद में जीत के लिए दो रनों की दरकार थी और स्ट्राइक पर दुनिया के सर्वेश्रेष्ठ फिनिशरों में से एक महेंद्र सिंह धोनी थे। धोनी डेवेन ब्रेवो की गेंद को गली के ऊपर से उठाकर बाउंड्री के पार पहुंचाना चाहते थे लेकिन वह गली में खड़े फिल्डर को कैच दे बैठे और भारत को एक रन के अंतर से मैच गंवाना पड़ा।
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ब्रेवो ने अपने अनुभव का उपयोग करते हुए बेहतरीन गेंदबाजी की और धोनी-राहुल दोनों को एक भी गेंद बाउंड्री तक नहीं पहुंचा सके। मैच के बाद धोनी ने कहा कि यह शानदार मैच था, बल्लेबाज अपनी तरफ जितना कर सकते थे उन्होंने किया।
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धोनी ने कहा, आखिरी गेंद को मैं जिस तरह से खेलना चाहता था वह गलत नहीं था लेकिन उसका एग्जीक्यूशन थोड़ा गलत हो गया। हर चीज को एग्जीक्यूशन से ही परखा जाता है।
यदि यह मैच टीम इंडिया जीत जाती तो यह टी-20 इतिहास की रन पीछा करते हुए मिली सबसे बड़ी जीत होती।