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IPL 2021: कोरोना के कारण खराब हुई मुंबई की हालत, जानिए कैसे बदले हालात में फ्लॉप हुई टीम
Sun, 03 Oct 2021 04:18 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 03 Oct 2021 04:18 PM IST
सार
कोरोना के कारण बीच में टूर्नामेंट रुकने से मुंबई की लय टूटी और फिर यह टीम वापसी नहीं कर पाई। वहीं वानखेड़े की बजाय धीमी पिच में खेलने से मुंबई के बल्लेबाजों को बड़े शॉट लगाने में परेशानी हुई।
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कोरोना की वजह से बदले हालातों से मुंबई की टीम सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
आईपीएल 2021 में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन बहुत ही खराब रहा है। मुंबई की टीम अंकतालिका में सातवें स्थान पर है और उसके लिए प्लेऑफ की राह बहुत मुश्किल हो चुकी है। मुंबई की इस हालत के लिए कोरोना बहुत हद तक जिम्मेदार है। कोरोना की वजह से बदले हालातों में मुंबई को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जबकि बैंगलोर को इससे फायदा मिला है। इसी वजह से हर्षल पटेल भी इस सीजन के सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं। वहीं मुंबई के ट्रेंट बोल्ट, ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ियों का प्रदर्शन खराब रहा है।
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मैदान बदलने से हुआ नुकसान
आमतौर पर आईपीएल की सभी टीमें अपने आधे मैच घर से बाहर और बाकी मैच अपने घरेलू मैदान पर खेलती हैं। मुंबई उन टीमों में शामिल है, जो वानखेड़े के मैदान में खेलना पसंद करती है और अधिकतर मैच वहां जीतती है, लेकिन इस सीजन में कोरोना के चलते चुनिंदा मैदानों पर मैच कराए गए। इस वजह से मुंबई को अपने घर में मैच खेलने का मौका नहीं मिला। बाकी टीमों के साथ भी ऐसा हुआ लेकिन मुंबई के हालात अलग थे। वानखेड़े की पिच पर गेंद आसानी से बल्ले पर आती है और टीम के सभी बल्लेबाजो को तेज गेंदों पर बड़ो शॉट लगाने की आदत है। मुंबई के गेंदबाज भी तेज पिच पर शुरुआत में ही विकेट निकालते थे।
कोरोना की वजह से मुंबई को पहले चेन्नई और फिर यूएई में खेलना पड़ा। चेन्नई की पिच धीमी थी और शुरुआत में मुंबई को हार का सामना करना पड़ा। कुछ समय में खिलाड़ियों ने खुद को पिच के अनुसार ढाला तो टूर्नामेंट ही रुक गया। इसके बाद बाकी के मैच दुबई में खेले गए, जहां के मैदान बहुत हद तक चेन्नई की तरह हैं। इसी वजह से मुंबई को नुकसाान हुआ है। धीमी पिचों पर मुंबई के खिलाड़ी बड़े शॉट लगाते हुए आउट हुए हैं और कोई भी खिलाड़ी पहले की तरह विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी नहीं कर पाया है।
कोरोना की वजह से मुंबई को पहले चेन्नई और फिर यूएई में खेलना पड़ा। चेन्नई की पिच धीमी थी और शुरुआत में मुंबई को हार का सामना करना पड़ा। कुछ समय में खिलाड़ियों ने खुद को पिच के अनुसार ढाला तो टूर्नामेंट ही रुक गया। इसके बाद बाकी के मैच दुबई में खेले गए, जहां के मैदान बहुत हद तक चेन्नई की तरह हैं। इसी वजह से मुंबई को नुकसाान हुआ है। धीमी पिचों पर मुंबई के खिलाड़ी बड़े शॉट लगाते हुए आउट हुए हैं और कोई भी खिलाड़ी पहले की तरह विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी नहीं कर पाया है।
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टूर्नामेंट बीच में रुकने से टूटी लय
मुंबई हमेशा से ही धीमी शुरुआत करने के लिए जानी जाती है। टूर्नामेंट के बीच में टीम लय पकड़ती है और अंत में अधिकतर मैच जीतकर प्लेऑफ में पहुंच जाती है। इसी वजह से मुंबई पांच बार आईपीएल का खिताब भी जीत चुकी है, लेकिन इस सीजन में टूर्नामेंट बीच में ही रुकने से ऐसा नहीं हुआ। जब कोरोना के चलते आईपीएल रोका गया था, तब मुंबई लगातार दो मैच जीतकर लय में आ रही थी तभी टूर्नामेंट रोका गया और यूएई में मुंबई लगातार तीन मैच हारी है। इसके बाद एक मैच में उसे जीत मिली लेकिन अगले मैच में फिर उसे हार का सामना करना पड़ा।