भूल जाइए नागपुर टेस्ट!, मैच के पहले दिन ही गिर गए 21 विकेट
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच नागपुर में खेला गया तीसरा टेस्ट मैच महज 3 दिन में ही खत्म हो गया। इसी मैच के दूसरे दिन कुल 20 विकेट गिरे थे लेकिन उस मैच से कुछ दिन बाद ही भारतीय सरजमीं में खेले जा रहे एक अन्य मुकाबले में भी विकेटों का पतझड़ दिखा और 21 विकेट गिर गए।
डिंडिगुल में खेले जा रहे राष्ट्रीय क्रिकेट चैंपियनशिप रणजी ट्रॉफी के नौंवें और अंतिम राउंड के मुकाबले का पहला दिन पूरी तरह से गेंदबाजों के नाम रहा। ग्रुप-बी में पंजाब और तमिलनाडु के बीच मैच के पहले दिन गेंदबाजों ने 21 विकेट निकाल लिए।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब की पूरी टीम 57 ओवर में 206 रन पर आउट हो गई। टूर्नामेंट में अब तक संघर्ष कर रहे युवराज सिंह ने टीम के लिए 49 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 63 गेंदों में 4 चौके और 2 छक्के भी लगाए। पंजाब के 206 रनों के जवाब में तमिलनाडु ने अपनी पारी शुरू की लेकिन 24 ओवर के अंदर ही पूरी टीम 68 रन पर सिमट गई।
तमिलनाडु की इस दुर्दशा के लिए राजविंदर गोलू ज्यादा जिम्मेदार रहे जिन्होंन 29 रन देकर 6 विकेट झटक लिए। तमिलनाडु की ओर से 9 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा छू नहीं सके सिर्फ एक बल्लेबाज जे कौशिक ने 30 रनों की पारी खेली। इनके अलावा और कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका। दिन का खेल खत्म होने तक पंजाब ने दूसरी पारी में एक विकेट पर 36 रन बना लिए थे और पहली पारी के आधार पर उसकी बढ़त 174 रनों की हो गई है।
अपने ही घर में फुस्स हुई टीम, 27 रन पर गिर गए 6 विकेट
रणजी ट्रॉफी के नौंवें और अंतिम राउंड के ही एक अन्य मुकाबले में मुंबई ने दो शतकीय पारियों के दम पर 2 विकेट पर 370 रन बना लिए हैं। गुजरात के खिलाफ मैच के पहले दिन ओपनर अखिल हरवाडेकर ने नाबाद 143 रन और सूर्य कुमार यादव ने नाबाद 103 रनों की पारी खेली।
मुंबई के बल्लेबाजों ने बेहद शानदार खेल दिखाया और 4 रन प्रति ओवर के लिहाज से खेलते हुए 90 ओवर के खेल में 370 रन बना लिए। इन दो शतकीय पारियों के अलावा श्रेयस अय्यर ने 75 रनों का योगदान दिया।
वहीं जयपुर में खेले जा रहे ग्रुप-ए के एक मुकाबले में राजस्थान और ओडिशा के बीच मुकाबले में भी विकेटों का पतझड़ दिखा। पहले बल्लेबाजी करते हुए ओड़िशा की टीम 151 रन बनाकर आउट हो गई। इसके बाद राजस्थान ने महज 27 रन पर 6 विकेट गंवा दिए। राजस्थान की ओर से एवी चौधरी ने 27 रन देकर 6 विकेट निकाले। जबकि ओड़िशा की ओर से आलोक साहू ने 18 रन देकर ताबड़तोड़ 4 विकेट झटक कर मेजबान टीम की हालत खराब कर दी।
मेजबान टीम का स्कोर एक समय बिना किसी नुकसान के 11 रन था लेकिन 27 तक पहुंचते-पहुंचते टीम के 6 विकेट गिर गए। दिन का खेल खत्म होने तक स्कोर 6 विकेट पर 28 रन था।