{"_id":"5f010394-5051-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"2015-world-cup-blueprint-prepare-dhoni-says-bcci","type":"story","status":"publish","title_hn":"2015 वर्ल्ड कप के लिए ‘ब्लू प्रिंट’ तैयार करें धोनी","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
2015 वर्ल्ड कप के लिए ‘ब्लू प्रिंट’ तैयार करें धोनी
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Thu, 27 Dec 2012 11:46 PM IST
विज्ञापन
कप्तानी को लेकर तलवार की धार पर चल रहे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने कहा है कि वह 2015 का वर्ल्ड कप जीतने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार करें। समझा जाता है कि पिछले डेढ़ साल में टेस्ट मैचों में धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया के निराशाजनक प्रदर्शन को देखते हुए चयनकर्ताओं ने धोनी से ‘ब्लू प्रिंट’ तैयार करने को कहा है कि किस तरह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले वर्ल्ड कप को जीता जा सकता है। एक टीवी चैनल के अनुसार चयनकर्ताओं ने इंग्लैंड से टेस्ट सीरीज हारने के बाद धोनी से नाराजगी जताई है।
विज्ञापन
पूर्व भारतीय कप्तान और अब कमेंटेटर सुनील गावास्कर ने इस फैसले पर हैरानी व्यक्त करते हुए कहा, ‘मुझे हैरानी है कि चयनकर्ताओं ने धोनी से ब्लू प्रिंट तैयार करने को कहा है। पहली बात तो यह है कि चयन समिति का कार्यकाल एक वर्ष का होता है तो ऐसे में क्या गारंटी है कि वे 2015 वर्ल्ड कप की टीम चुनने के लिए मौजूद रहेंगे। लेकिन यह अच्छा है कि चयनकर्ता खुली सोच के साथ सामने आ रहे है।’ गावस्कर ने साथ ही कहा कि धोनी को कप्तानी से विश्राम दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
चयनकर्ताओं ने धोनी से कहा है कि वह उन खिलाड़ियों की पहचान करें जिनकी उन्हें 2015 वर्ल्ड कप के लिए जरूरत होगी। इससे यह संकेत मिलता है कि धोनी 2015 तक वन-डे कप्तान बने रह सकते हैं। दूसरी तरफ गावस्कर का मानना है कि एक हल्के ब्रेक का धोनी को फायदा मिल सकता है । उन्होंने कहा, ‘2015 वर्ल्ड कप के लिए अभी से कुछ कहना जल्दबाजी होगी लेकिन एक ब्रेक से धोनी को फायदा हो सकता है। मैं इस बात की सराहना करता हूं कि धोनी तमाम दबाव के बावजूद कितने कूल रहते हैं। लेकिन जैसे परिणाम सामने आ रहे हैं उसे देखते हुए उन्हें ब्रेक की जरूरत लगती है।
विज्ञापन
ऐसे ब्रेक से धोनी को नई सोच और बेहतर कप्तान के रूप में वापसी करने में मदद मिलेगी। भारत में कप्तानी हमेशा कांटो भरा ताज रहा है। धोनी के उत्तराधिकारी के लिए दबाव और भारतीय कप्तान से लगी उम्मीदों से निपटना बहुत मुश्किल हो सकता है। यह अजीब स्थिति है कि लोग कप्तान बनना चाहते हें लेकिन इस रास्ते में आने वाला दबाव अविश्वसनीय होता है। कई बार आपको लगता है कि कप्तानी छोड़ो और अपने खेल पर ध्यान दो।’ हालांकि सूत्रों का कहना है कि धोनी की टेस्ट कप्तानी तलवार की धार पर अटकी हुई है। वन-डे और टेस्ट मैचों के परिणामों की तुलना नहीं की जा सकती लेकिन सूत्रों का कहना है कि आस्ट्रेलिया के खिलाफ फरवरी में घरेलू टेस्ट सीरीज में धोनी की कप्तानी पाकिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ वन-डे सीरीज में टीम इंडिया के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।