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भुवनेश्वर की कमबैक स्टोरी: 2022 में खेला था पिछला मैच, चार साल का इंतजार और चोटों से जंग! फिर बनेंगे संकटमोचक?

Sat, 17 Oct 2026 11:39 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: स्वप्निल शशांक Updated Sat, 17 Oct 2026 11:39 AM IST
सार

करीब चार साल बाद भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद लगाए भुवनेश्वर कुमार वेस्टइंडीज के खिलाफ निर्णायक टी20 में खेल सकते हैं। अर्शदीप सिंह की फिटनेस पर उनकी उपलब्धता निर्भर करेगी। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन, स्विंग, धीमी गेंदों पर नियंत्रण और अनुभव उन्हें भारत की गेंदबाजी के लिए अहम विकल्प बनाते हैं।

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Bhuvneshwar Kumar's Potential India Comeback: Can the Swing King Turn the Tide Against West Indies?
भुवनेश्वर कुमार - फोटो : ANI

विस्तार

कुछ खिलाड़ियों का करियर सिर्फ आंकड़ों से नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और वापसी की कहानियों से याद किया जाता है। भुवनेश्वर कुमार भी ऐसे ही गेंदबाज हैं। अपनी स्विंग से बल्लेबाजों को परेशान करने वाले भुवनेश्वर ने चोटों, टीम से बाहर होने और लंबे इंतजार के बीच भी क्रिकेट से अपना रिश्ता नहीं टूटने दिया। अब करीब चार साल बाद भारतीय टीम में उनकी वापसी का रास्ता खुलता नजर आ रहा है।

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न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुने गए भुवनेश्वर को वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें टी20 में भी खेलने का मौका मिल सकता है, बशर्ते चोटिल अर्शदीप सिंह पूरी तरह फिट न हों। बंगलूरू का एम चिन्नास्वामी स्टेडियम इस संभावित वापसी को और खास बना सकता है, जहां आईपीएल में वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हैं।

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Bhuvneshwar Kumar's Potential India Comeback: Can the Swing King Turn the Tide Against West Indies?
भुवनेश्वर कुमार - फोटो : ANI
आईपीएल में प्रदर्शन ने फिर जगाई उम्मीद
36 वर्षीय भुवनेश्वर की वापसी की चर्चा सिर्फ उनके पुराने नाम के कारण नहीं हो रही है। आईपीएल में उनके हालिया प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। पिछले सत्र में उन्होंने आरसीबी के लिए 11 विकेट लिए और उनकी इकॉनमी 7.8 रन प्रति ओवर रही। वह नई गेंद से लेकर डेथ ओवरों तक विकेट लेने में सफल रहे।

आईपीएल में चिन्नास्वामी जैसे मैदान पर गेंदबाजी करना आसान नहीं होता। छोटी बाउंड्री, ओस और बल्लेबाजों के अनुकूल पिच गेंदबाजों की परीक्षा लेती हैं। इसके बावजूद भुवनेश्वर ने इस मैदान पर 18 मैचों में 26 विकेट लिए हैं। उनका इकॉनमी रेट 8.45 रन प्रति ओवर रहा है। पिछले सत्र में आरसीबी की पहली आईपीएल खिताबी जीत के दौरान भी उनकी भूमिका अहम रही। उन्होंने पूरे सत्र में 28 विकेट लेकर टीम की सफलता में योगदान दिया।
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Bhuvneshwar Kumar's Potential India Comeback: Can the Swing King Turn the Tide Against West Indies?
भुवनेश्वर कुमार - फोटो : ANI
स्विंग से धीमी गेंदों तक, हर बार खुद को बदला
भुवनेश्वर की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराना नहीं रही है। समय के साथ उन्होंने अपनी गेंदबाजी में कई बदलाव किए। उन्होंने गति में विविधता, कटर, धीमी गेंद और अलग-अलग लेंथ पर नियंत्रण हासिल किया। उनकी खासियत यह है कि एक जैसी गेंदबाजी एक्शन के बावजूद बल्लेबाजों को उनकी अगली गेंद का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।

वह बल्लेबाज को सिर्फ तेज गेंद से नहीं, बल्कि उसकी उम्मीदों के खिलाफ गेंद डालकर भी चकमा देते हैं। जब बल्लेबाज गति की उम्मीद करता है, तब धीमी गेंद और जब उसे कम गति का अनुमान होता है, तब तेजी से आती गेंद उसके लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार ने एक बार उनके बारे में कहा था, 'मैंने खेल को सीखने वाला उनसे बेहतर छात्र नहीं देखा।' यह बात भुवनेश्वर के करियर को समझने में मदद करती है। वह लगातार अपने खेल में सुधार करते रहे और टी20 क्रिकेट की बदलती जरूरतों के अनुसार खुद को ढालते रहे।
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Bhuvneshwar Kumar's Potential India Comeback: Can the Swing King Turn the Tide Against West Indies?
भुवनेश्वर कुमार - फोटो : ANI
युवा गेंदबाजों के लिए बन सकते हैं मार्गदर्शक
भारतीय टीम इस सीरीज में बड़े स्कोर रोकने के लिए संघर्ष कर रही है। जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में गेंदबाजी आक्रमण को दबाव के समय सही फैसले लेने में परेशानी हुई है। ऐसे में भुवनेश्वर का अनुभव उपयोगी हो सकता है। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने भी जोर दिया है कि गेंदबाजों को परिस्थितियों को समझकर अपनी रणनीति बदलनी होगी। उन्होंने कहा कि टीम को यह पहचानना होगा कि गेंद स्विंग या सीम हो रही है या नहीं और बल्लेबाज के आक्रामक होने पर अगली योजना क्या होनी चाहिए। मोर्कल ने माना कि इस मामले में टीम को अभी सुधार करना है। भुवनेश्वर ऐसे अनुभव के साथ आते हैं, जो युवा गेंदबाजों को मैदान पर फैसले लेने में मदद कर सकता है। हालांकि, टी20 क्रिकेट में कोई भी गेंदबाज हर दिन सफल नहीं होता। उनकी वापसी के बाद भी परिस्थितियां और बल्लेबाजों का प्रदर्शन अहम रहेगा।

Bhuvneshwar Kumar's Potential India Comeback: Can the Swing King Turn the Tide Against West Indies?
भुवनेश्वर कुमार - फोटो : ANI
वापसी का मौका, खुद को फिर साबित करने की चुनौती
अगर अर्शदीप सिंह फिट नहीं होते हैं और भुवनेश्वर को खेलने का मौका मिलता है, तो यह उनके लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। 2028 टी20 विश्व कप तक पहुंचने के लिए उन्हें निरंतर प्रदर्शन करना होगा, लेकिन फिलहाल उनके सामने सबसे पहली चुनौती वेस्टइंडीज के खिलाफ निर्णायक मुकाबले की है।

भुवनेश्वर की कहानी याद दिलाती है कि क्रिकेट में वापसी के लिए प्रतिभा के साथ धैर्य और खुद को लगातार बेहतर बनाने की इच्छा भी जरूरी है। चार साल के लंबे इंतजार के बाद अगर वह फिर भारतीय जर्सी में उतरते हैं, तो यह उनके लिए सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और उम्मीदों का नया अध्याय होगा।
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