अंतरराष्ट्रीय: क्या बाइडन के विरुद्ध भी वारंट जारी होगा, नेतन्याहू के बाद कटघरे में अमेरिकी राष्ट्रपति
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय द्वारा बृहस्पतिवार को इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट की गूंज न केवल इस्राइल में सुनाई देगी, बल्कि इससे बाइडन की नीतियों पर भी सवाल खड़े होते हैं। अगर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) का मानना है कि इस्राइल ने गाजा में युद्ध अपराध किए हैं और नागरिकों को जानबूझकर भूखा रखने की नीति अपनाई है, तो सवाल उठता है कि आखिर किसके हथियारों का इस्तेमाल किया गया। किस देश ने संयुक्त राष्ट्र में इस्राइल का बचाव किया और भूखे लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के बेहद सशक्त प्रयासों को रोका? इसका उत्तर, निश्चित रूप से अमेरिका है। मई में राष्ट्रपति बाइडन ने आईसीसी अभियोजकों के वारंट के अनुरोध की निंदा की और कहा कि ‘इस्राइल और हमास में कोई समानता नहीं है-बिल्कुल भी नहीं।’ लेकिन एक अमेरिकी बच्चे और एक इस्राइली बच्चे और एक फलस्तीनी बच्चे के बीच नैतिक समानता है। वे सभी संरक्षित होने के हकदार हैं।
हमें इस तरह से काम नहीं करना चाहिए, जैसे कि बच्चों के जीवन मूल्य में कोई भेदभाव हो, जिसमें कुछ के जीवन का मोल हो और कुछ के जीवन का कोई महत्व ही न हो। मैंने जिन सहायता कार्यकर्ताओं का साक्षात्कार लिया है, वे इस बात पर पूरी तरह सहमत हैं कि इस्राइल ने भुखमरी को युद्ध के एक साधन के रूप में इस्तेमाल किया है। वारंट पर संदेह करने वाले अमेरिकियों का आवेग, गाजा पर इस्राइल के हमले से पहले हमास द्वारा सात अक्तूबर को किए गए अत्याचारों की क्रूरता को ध्यान में रखकर प्रतिक्रिया देगा। तटस्थ होकर आईसीसी ने मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए हमास नेता के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी किया। प्रमुख मुद्दा यह है कि एक पक्ष द्वारा किए गए युद्ध अपराध दूसरे पक्ष द्वारा किए गए अतिरिक्त युद्ध अपराधों को उचित नहीं ठहराते। हमें हमास द्वारा किए गए हमलों की बर्बरता की एकजुट होकर निंदा करनी चाहिए, लेकिन वह बर्बरता गाजा में पूरे पड़ोस को नष्ट करने के लिए इस्राइल द्वारा अमेरिकी हथियारों के इस्तेमाल को माफ नहीं करती है। बाइडन ने रूस द्वारा नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए पैदा की गई चुनौतियों के बारे में काफी कुछ कहा है, और यूक्रेन में रूसी बर्बरता के कारण ही व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। लेकिन अगर हम यूक्रेन में पुतिन द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन की निंदा करते हैं, तो हम उन हथियारों की आपूर्ति कैसे कर सकते हैं, जिनके उपयोग के बारे में अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण ने गाजा में मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है?
इस्राइल अब पहले से कहीं ज्यादा अलग-थलग पड़ गया है और नेतन्याहू के लिए आगे शासन करना और भी मुश्किल हो जाएगा। अमेरिकियों को इस बात पर भी विचार करना चाहिए कि हम कैसे और ज्यादा अलग-थलग पड़ गए हैं, जैसा कि इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र के उस प्रस्ताव में झलकता है, जिसमें गाजा में तत्काल युद्ध विराम का आह्वान किया गया है। अमेरिका के सहयोगियों ने इसका समर्थन किया, लेकिन अमेरिका ने इस पर वीटो लगा दिया। जब अमेरिकी हथियारों का युद्ध अपराधों में इस्तेमाल किया जाता है, तो शायद अमेरिका के लिए अपनी नीति पर पुनर्विचार करने का समय आ गया है।