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दो प्रवृत्तियों के बीच संघर्ष

Wed, 27 Jul 2016 07:49 PM IST
थॉमस एल फ्रीडमैन
थॉमस एल फ्रीडमैन Updated Wed, 27 Jul 2016 07:49 PM IST
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Web people vs Wall people
अमेरिकी चुनाव

अमेरिका में इन दिनों राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मी तेज है। मुकाबला दो पार्टियों के बीच है। लेकिन नहीं, जैसा कि आप सोचते हैं, वे सिर्फ दो पार्टियां नहीं हैं। यह डेमोक्रेट्स बनाम रिपब्लिकन्स की लड़ाई नहीं है। असल में यह चुनाव 'वाल पीपल' (दीवार खड़ी करने के समर्थक) और 'वेब पीपल' (वैश्विक भाईचारे के समर्थक) के बीच है।

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वाल पीपल का मुख्य ध्यान ऐसे राष्ट्रपति की तलाश करने पर है, जो परिवर्तन की उस हिंसक बयार को खत्म कर दे, जिसकी चपेट में लगभग हर परिवार है, जिसमें उनके कार्यस्थलों पर ह्वाइट कॉलर और ब्ल्यू कॉलर रोजगार को मशीनों से खतरा है,  उनके पड़ोस में विभिन्न धर्मों, जातियों और संस्कृतियों के बहुत से प्रवासी लोग आकर बस रहे हैं, और जहां वैश्विक स्तर पर अति ताकतवर गुस्सैल लोग अब नियमित तौर पर बेगुनाह लोगों को परेशान करने के साथ उनकी हत्या कर रहे हैं। वे एक ऐसी दीवार खड़ी करना चाहते हैं, जो इन सबको रोक सके।
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परिवर्तन को रोकने की वाल पीपल की इच्छा अवास्तविक हो सकती है, लेकिन स्पष्ट रूप से कहें, तो यह सिर्फ नस्ल और वर्ग के बारे में नहीं है। यह समुदायों की तड़प के बारे में भी है, (गहरे अर्थ में 'घर' के बारे में)। उन्हें लगता है कि जो चीजें दुनिया में उन्हें सहारा और मायने देती हैं, उनका क्षरण हो रहा है, इसलिए वे ऐसे व्यक्ति की तलाश में हैं, जो इस क्षरण को रोक सके।
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वाल पीपल की इच्छा को पूरा करने का दावा करने वाले दो उम्मीदवार थे। पहले डोनाल्ड ट्रंप, जिन्होंने दावा किया कि वही ऐसे व्यक्ति हैं, जो दीवार खड़ी करके बदलाव की बयार को रोक सकते हैं और दूसरे, बर्नी सैंडर्स, जिन्होंने वायदा किया कि वह अमेरिका के बड़े वैश्विक व्यापार समझौते को खत्म करके और अरबपति उम्मीदवार को हराकर हवा को रोक सकते हैं। मेरी समझ में नहीं आता कि कैसे अमेरिका इन दोनों में किसी की योजना को बर्दाश्त कर सकता है, लेकिन दोनों लोगों को लुभाते रहे।

वेब पीपल अपने सहज ज्ञान से यह जानते हैं कि डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स ने व्यापक रूप में औद्योगिक क्रांति, न्यू डील (1940 के दशक में अमेरिका में लागू किए गए सामाजिक उदारवादी कार्यक्रम) और शीत युद्ध की प्रतिक्रिया के स्वरूप अपने आधार तैयार किए हैं, लेकिन 21वीं सदी की किसी पार्टी को अपने मंच का निर्माण प्रौद्योगिकी में तेजी, वैश्वीकरण और जलवायु परिवर्तन के जवाब में करने की जरूरत है, जो कार्यस्थलों, भू-राजनीति और दुनिया को बदलने वाले प्रमुख कारक हैं।

इस तरह वेब पीपल की प्रवृत्ति बदलाव की गति के दौर में बदलाव को गले लगाने की है और उनका ध्यान ज्यादा लोगों को सशक्त बनाने पर है, ताकि वे दीवार रहित दुनिया में एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा और सहयोग करने में सक्षम हो सकें। खास तौर से वेब पीपल समझते हैं कि तेजी से बदलाव के इस दौर में मुक्त व्यवस्था हमेशा की तरह ज्यादा लचीली और आगे बढ़ाने वाली होती है। वे बदलाव को महसूस करने और उस पर पहली प्रतिक्रिया देने का अवसर देते हैं। इसलिए वेब पीपल ट्रांस पैसिफिक पार्टनरशिप के साथ व्यापार के ज्यादा विस्तार और ज्यादा प्रबंधित आप्रवासन के पक्ष में हैं, जो ज्यादा ऊर्जावान एवं चतुर दिमागों तथा जीवन भर सीखने के ज्यादा साधनों को आकर्षित करता है।

वेब पीपल यह भी जानते हैं कि भले ही हम वाल स्ट्रीट में झटके का एक दौर और नहीं चाहते, लेकिन हम जोखिम लेने की प्रवृत्ति का भी गला घोंटना नहीं चाहते, जो विकास और उद्यमिता का इंजन है।
चूंकि देश की सबसे बूढ़ी पार्टी पिछले आठ वर्षों से ह्वाइट हाउस से बाहर है, इसलिए पार्टी के नेतृत्व को इसकी बेहद कम समझ है कि हम किस दुनिया में जी रहे हैं। यही कारण है कि रिपब्लिकन पार्टी पहले टूटी और कुछ रिपब्लिकन वेब पीपल (खासकर व्यावसायिक जगत के) या तो इस चुनाव से बाहर हैं या हिलेरी क्लिंटन को वोट दे रहे हैं। विदेश मंत्री होने के नाते क्लिंटन ने दुनिया को समझा है। वह जानती हैं कि अमेरिका को वेब पीपल के मंच पर अपने भविष्य का निर्माण करना है, जिसकी परिकल्पना सबसे पहले उनके पति बिल क्लिंटन ने और अब वह कर रही हैं। लेकिन क्लिंटन ने अपने पति के दृढ़ निश्चय के प्रति वैसा साहस नहीं दिखाया है।

इसलिए अपनी पार्टी के वाल पीपल पर निशाना साधने के बजाय और सैंडर्स को यह कहने के, कि समाजवाद औद्योगिक युग का गलत जवाब था, इसलिए यह निश्चित नहीं है कि सूचना युग का वह सही जवाब है; वह वाल पीपल की तरफ झुक गई हैं। वह ऐसी चीजों का विरोध कर रही हैं, जिन पर हुए सौदों पर खुद उन्होंने कभी मदद की थी। मसलन, पैसेफिक व्यापार समझौता। वह सरकार की ओर से ज्यादा लाभ की पेशकश कर रही हैं, लेकिन लोगों को यह कटु सत्य कहने से बच रही हैं कि मध्य वर्ग में बने रहने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी और नियमों के साथ खिलवाड़ ज्यादा नहीं चलने वाला। हालांकि उन्हें इस बात का श्रेय तो देना ही होगा कि उन्होंने सेन टिम केन को अपना सहचर चुना है, जो दिल से वेब पीपल हैं।

मुझे उम्मीद है कि देशहित में रिपब्लिकन वेब पीपल एक दिन डेमोक्रेट पार्टी में शामिल हो जाएंगे और इसे 21 वीं सदी की संवेदनशील वाम रुझान वाली मध्यमार्गी पार्टी बना देंगे। वह ऐसी पार्टी होगी, जो कामकाजी लोगों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील, समुदायों के सशक्तीकरण को बढ़ावा देने वाली, लेकिन आधुनिक समाज के विकास के महत्वपूर्ण इंजन के रूप में पूंजीवाद, मुक्त बाजार और मुक्त व्यापार के प्रति प्रतिबद्ध होगी।


यदि अमेरिका को इक्कीसवीं सदी में फलना-फूलना है, तो हमें एक ऐसे गठबंधन की जरूरत है, जो तीव्र बदलाव के इस दौर में चतुराई से शासन कर सके। क्लिंटन के पास इसका मौका है, न सिर्फ इसलिए कि वह महिला हैं, बल्कि इसलिए भी कि कठोर दीवार ने हमारे दोनों दलों को बांट दिया है। यदि वह इस दीवार को गिरा सकती हैं, तो वह देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनेंगी।

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