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दुष्कर्म के खिलाफ उठती आवाजें

Mon, 05 Feb 2018 06:40 PM IST
कुलदीप तलवार
कुलदीप तलवार Updated Mon, 05 Feb 2018 06:40 PM IST
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Voice rise against Rape
कुलदीप तलवार

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कसूर शहर में हाल ही में हुए सात साल की मासूम बच्ची जैनब के अपहरण, बलात्कार और हत्या के बहुचर्चित मामले में आखिरकार एक लंबी दौड़-धूप के बाद उसके पड़ोसी 23 साल के लड़के इमरान अली को पुलिस ने गिरफ्तार कर ही लिया और जिसने अपना अपराध भी कबूल कर लिया है। इससे पहले अपराधी की गिरफ्तारी के लिए पाक सर्वोच्च न्यायालय को वहां की सरकार व पुलिस को अपराधी को 72 घंटों में गिरफ्तार करने का हुकुम देना पड़ा। आरोपी का डीएनए नमूना जैनब के शरीर पर मिले नमूने से मिल रहा है। आरोपी का डीएनए उन सात बच्चियों के शरीर पर मिले नमूनों से मिल रहा है, जिनके साथ पूर्व में ज्यादती हुई थी। आरोपी उस बच्ची के परिवार वालों का परिचित था और उसके घर आता जाता था। यह घटना तब हुई, जब लड़की के माता-पिता उमरा के लिए सऊदी अरब गए हुए थे और वह बच्ची एक रिश्तेदार के घर रह रही थी। देश भर में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू हो गए, जैसे दिल्ली में निर्भया मामले में हुए थे। इस मामले में नेशनल एसेंबली में तीखी नोंक-झोंक भी हुई। टीवी चैनलों ने इस घटना को काफी कवरेज दी। एक मशहूर एंकर किरण नाज ने अपनी मासूम बच्ची को गोद में बिठाकर खबरें पढ़ीं, जिसे देखकर लोगों की आंखों में आंसू आ गए।


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पाकिस्तान में इस मामले में अब भी कशीदगी जारी है। कसूर शहर के अलावा कराची और लाहौर जैसे बड़े शहरों में लोग सार्वजनिक फांसी देने की मांग कर रहे हैं, जैसे जनरल जिया उल हक की सत्ता के दौर में फैसलाबाद और लाहौर में ऐसी दो घटनाओं में खुले मैदान में फांसी दी गई थी। इसके बाद एक लंबे अरसे तक दुष्कर्म की ऐसी घटनाएं होनी बंद हो गई थीं। पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ का कहना है कि वह भी चाहते हैं कि अपराधी को जल्दी सार्वजनिक फांसी दी जाए, पर इसके लिए मौजूदा कानून इजाजत नहीं देता। इसमें संशोधन कराना पड़ेगा।

काबिलेगौर है कि कसूर शहर में इससे पहले एक साल के अंदर 11 अन्य मासूम बच्चियों का अपहरण, बलात्कार व हत्या कर शहर के कूड़े में फेंके जा चुके थे। पुलिस इन 11 बच्चियों के हत्यारों को पकड़ने में विफल रही थी। सच तो यह है कि पाक पुलिस अभी तक ऐसे मामलों में अपराधी को पकड़ने में कोई रुचि ही नहीं लेती थी, क्योंकि ऐसे मामलों में अक्सर बड़े सफेदपोश लोग लिप्त पाए जाते और उन पर कार्रवाई नहीं हो पाती। पाकिस्तान में बच्चियों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था 'साहिल' की ताजा रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल के पहले छह महीनों में बच्चियों से दुष्कर्म की 768 घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में से 68 घटनाएं तो सिर्फ जिला कसूर में दर्ज हुई हैं। कसूर में पेश आने वाली ताजा घटना के बाद एक बार फिर देश में बच्चियों को दुष्कर्म से बचाने के लिए आवाज बुलंद की जा रही है। दरअसल पाक में एक पुराने कानून के अनुसार, ऐसे मामलों में शिकायत करने वाले को (जिसके साथ बलात्कार हुआ है) अपराध साबित करने के लिए दो गवाह पेश करने पड़ते हैं, जो एक बहुत मुश्किल काम है, लेकिन बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले अपराधी इमरान अली का डीएनए टेस्ट कराया गया है और अब उसे सजा देने में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।

पाक से छपने वाले समाचार पत्र डान ने लिखा है कि हमारे देश में ऐसे मामलों में देश की न्यायप्रणाली में काफी खामियां पाई जाती है, जिनको तुरंत दूर करने की जरूरत है, ताकि समाज के दरिंदों से मजबूती से निपटा जा सके और कोई अपराधी बच न सकें। 

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