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रामलाल प्याज नहीं लाया है!

Sun, 22 Sep 2013 06:43 PM IST
पूरन सरमा
पूरन सरमा Updated Sun, 22 Sep 2013 06:43 PM IST
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Ramlal did not bring onion for us

मैं अपने ऑफिस में आकर सीट पर बैठा ही था कि रामलाल आ गया। उसे देखते ही मेरा दिमाग खराब हो गया। फिर भी शांत स्वर में मैंने कहा, भाई रामलाल, तुम्हारी फाइल मैंने हर जगह ढूंढ ली, लेकिन मिल नहीं रही। अगर किसी गलत सेक्शन में चली गई है, तो वापस आ जाएगी। तुम थोड़ा धैर्य रखो। मैं तो खुद चाहता हूं कि तुम्हारा लोन टाइमली पास हो जाए।

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रामलाल बोला, सर, पांच महीने से चक्कर लगा रहा हूं। मेरी सारी खेती-बाड़ी खराब हो गई है। लोन मिल जाए, तो फसलों को पानी मिल जाए। तभी मेरे साथ बैठा वर्मा बोला, भाई रामलाल, तुम्हारे खेती-बोड़ी में किसकी पैदावार होती है? वह बोला- सर, मेरे तो साल भर खाने का गेहूं-बाजरा पैदा होता है। वर्मा बोला- घर के लिए प्याज तो पैदा करते ही होगे। एक बोरी प्याज लाकर दे दो, तो फाइल ढूंढने की गारंटी मेरी।
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रामलाल बोला, मेरे घर में कोई प्याज खाता नहीं, इसलिए हम प्याज बोते ही नहीं। यदि प्याज पैदा होता, तो मैं आपको एक क्या, दो बोरी प्याज लाकर देता। वर्मा बोला, भाई देख लो, कैसे भी करके प्याज लाकर दे दो, तो फाइल मैं ढूंढूंगा और एक सप्ताह में लोन का चेक भी तुम्हें मिल जाएगा।
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मुझे वर्मा पर बड़ा गुस्सा आया। मैं लपककर अपने अफसर के पास गया और सारा किस्सा सुनाया, तो वह बोला, यार शर्मा, वर्मा ठीक ही तो कह रहा है। प्याज मंगाओ, तो एक बोरी मेरी भी शामिल कर लेना। और तुम्हें प्याज में दिलचस्पी नहीं है, तो वर्मा को मेरे पास भेज दो।

वर्मा लौटकर आया, तो रामलाल से बोला, रामलाल, शर्मा जी को छोड़ो। अब मुझसे बात करो। प्याज की बोरी एक नहीं, दो लाओ। तुम्हारा काम तो और आसान हो गया। साहब भी प्याज में ही मामला सलटा ले रहे हैं। रामलाल बोला, लेकिन प्याज तो बहुत महंगा है, मैं कहां से लाऊंगा। वर्मा बोला, मैं तुम्हारी खोई हुई फाइल भी तो लाऊंगा। वैसे ही प्याज ले आओ। अब ज्यादा सिर मत खाओ। इधर प्याज लाओ और उधर अपना चेक ले जाओ।


रामलाल चला तो गया, लेकिन उस दिन के बाद से अभी तक लौटकर आया नहीं है। साहब वर्मा से रोज पूछते हैं कि प्याज का बोरा कब आएगा। वर्मा रोज घिस्सा मार देता है। साहब का मानना है कि जो मजा महंगा प्याज खाने में है, वह सस्ता होने पर किरकिरा हो जाएगा। लेकिन रामलाल प्याज लेकर आया नहीं है और उसका काम अटका पड़ा है।

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