वर्षा एक स्पर्श, एक अनुभूति है
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
जीवन सुंदरता से भरा है! भौंरे, मधुमक्खी, छोटे बच्चे और मुस्कराते हुए चेहरों को देखें। वर्षा और हवा को महसूस करें। जब वर्षा आरंभ होती है, तो कुछ लोग वर्षा को महसूस करते हैं। दूसरे सहते हैं। वर्षा! जिसके नरम वास्तुशिल्पीय हाथों में पत्थरों को काटने की शक्ति है और भव्यता के पहाड़ों की छेनी। कोमल वर्षा घास को कई रंग का बना देती है। वर्षा हमारे गतिपथ को किंचित दुर्गम कर दे, किंतु सामान्यत: एक किसान की फसल को बचा लेती है। वर्षा के सहज व कठिन, दोनों रूप हैं। सामान्यत: अतिवृष्टि को छोड़ दें, तो वर्षा वरदान ही है। वर्षा एक स्पर्श है, एक अनुभूति। वर्षा को अपने सिर पर चांदी की तरल बूंदों के साथ अनुभव किया जा सकता है। वर्षा लोरी का आधार है, अनुग्रह है; वर्षा पृथ्वी के लिए कृपालु आकाश है। वर्षा के बिना, कोई जीवन नहीं। वर्षा वास्तव में भूख को दूर भगाने व अन्न-प्रचुरता का हेतु है। वर्षा में सौंदर्य है : उसकी बूंद पत्थर में छेद करती है, हिंसा से नहीं, बल्कि गिरने से। मुझे लगता है कि वर्षा उतनी ही आवश्यक है, जितनी कि वनस्पति। वर्षा न होती, तो मेरे बहुत सारे विचार प्यासे रह जाते, नमी को तरस जाते। वर्षा में अंकुरण का हेतु है, क्योंकि बीज अंतत: खाने वाले को रोटी देता है। वर्षा रूपी कोमल स्थपति के हाथों में पत्थरों को काटने की शक्ति होती है और भव्यता के आकार में छेनी। मीठी मिट्टी की गंध में पत्तियों पर लटकती छोटी बूंदें, वर्षा की मंजुल ध्वनि : सब कुछ पहली नजर में प्यार है!
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
आखिर वर्षा में नृत्य करने से बेहतर क्या हो सकता है! या फिर अदरक वाली कड़क चाय पीते हुए अपनी खिड़की से गिरती बूंदों को देखना!! अगर आप इंद्रधनुष चाहते हैं, तो आप बारिश के साथ डोलेंगे। काव्यात्मक रूप में कहें, तो वर्षा होती है, क्योंकि बादल अब वजन नहीं संभाल सकते! आंसू गिरते हैं, क्योंकि दिल अब दर्द को संभाल नहीं सकता है! जब वर्षा हो, तो इंद्रधनुष देखें; जब उसमें अंधेरा हो, तो तारों की तलाश करें। कुछ लोग वर्षा में चलते हैं, दूसरे भीग जाते हैं! कजरी गाएं और वर्षा के दिनों को प्यार करें।
वर्षा-ध्वनि को सुनना संगीत में रमण है। यह लोकतंत्र के प्रसार की तरह है : अरबों बूंदों की आवाज, सभी समान, सभी समान रूप से गिरने के लिए प्रतिबद्ध हैं! वर्षा की आवाज मेरी लोरी है। मैंने हमेशा बारिश को बहुत शांत पाया, मुझे बारिश में सुकून मिलता है। मुझे प्यार है : जब वर्षा गीले पर्दे की तरह गिरती है, पूर्ण आकार की बूंदों की परत के बाद परत। एक सामूहिक इकाई, एक सुसंगत और सर्वव्यापी द्रव्यमान के रूप में वर्षा के बारे में सोचना इस तरह संभव है। इसे ऐसे भी ले सकते हैं कि पहली बार पृथ्वी पर मिलने के लिए वर्षा की प्रत्येक बूंद अकेले ही पड़ रही है। उसी तरह तो हम भी हैं। अकेले प्रयत्न करते हैं : विपुल पृथ्वी का इतना बड़ा हिस्सा फिर भी प्रयत्न इतना सुंदर कि हम कभी अकेले भी हो सकते हैं! अकेलेपन के सौंदर्य को बूंदों में हम देख पाते हैं! यदि कोई कहता है कि मखमली धूप खुशियां नहीं लाती या वह वर्षा में कभी नहीं नाचा, तो मुझे उस व्यक्ति के संवेदन पर सोचना पड़ता है कि क्या ऐसा भी हो सकता है! मुझे ऐसे लोग पसंद हैं, जो वर्षा होने पर भरपूर मुस्कराते हैं। आप कहते हैं कि आपको वर्षा से प्यार है, लेकिन आप इसके नीचे चलने के लिए एक छतरी का अनावश्यक उपयोग करते हैं। आप कहते हैं कि आप सूरज से प्यार करते हैं, लेकिन जब आप चमकते हैं तो आप आश्रय चाहते हैं। आप कहते हैं कि आप हवा से प्यार करते हैं, लेकिन जब यह आती है तो आप अपनी खिड़कियां बंद कर लेते हैं। इसलिए जब आप कहते हैं कि आप किसी से प्यार करते हैं, तो मैं वितर्कित हो उठता हूं।
बादल मेरे जीवन में तैरते हुए आते हैं, वर्षा या अश्रु तूफान को ले जाने के लिए नहीं बल्कि मेरे आकाश में रंग जोड़ने के लिए। पेड़ केवल दूसरों द्वारा खाए जाने वाले फलों को धारण करते हैं। खेत अनाज उगाते हैं, जिन्हें दुनिया खाती है। गायें दूध देती हैं, लेकिन वे इसे खुद नहीं पीतीं। बादल वर्षा दूसरों की तृप्ति बुझाने के लिए प्रस्तुत करते हैं। इस तरह के देने में, स्वार्थ के लिए बहुत कम जगह होती है। रिमझिम और मूसलाधार बारिश के बीच वर्षा होती है। यह आपके मन के साथ क्रीड़ा करती है। मैं आपके लिए केवल वर्षा की कामना नहीं करता, हे प्रिय, मैं आपके लिए तूफानों की सुंदरता की भी कामना करता हूं! प्रत्येक जीवन में कुछ वर्षा होनी चाहिए, किंतु सब दिन उजाले ही नहीं चाहिए, कुछ दिन अंधेरे और सुनसान भी होने चाहिए। घर अब भी और चुप है, और ये जो छोटे-छोटे शोर सुनाई पड़ रहे हैं, वे केवल आत्मा की कल्पना हैं या वे वर्षा हैं।
मैं फ्लैशबैक में लौटता हूं। बाहर कदम रखते हुए मैं तुरंत पृथ्वी की ताजा, गीली गंध को नोटिस करता हूं। जैसा कि मैंने चलना जारी रखा है, मैंने स्वेच्छा से अपने पूरे शरीर पर वर्षा की बूंदें गिरने दी हैं। मेरे पैर शीघ्र ही कीचड़ से लथपथ हो रहे हैं। प्रत्येक कदम के साथ, मुझे लगता है कि मेरे पैरों के नीचे पानी भी अपनी एक चाल चल रहा है। वर्षा अंधेरे व फिसलन-भरे फुटपाथ पर हिंसक रूप से चोट करती है। मेरे बालों पर ठंडी बारिश की बूंदें से टपक रही हैं तथा बूंदें मेरे द्वारा की जाने वाली हर गतिविधि के साथ पृथ्वी पर गिरती हैं। गर्जनशील बादल आकाश में घुस आते हैं और बिजली की चमकती हुई परतें चमकने लगती हैं। बारिश तेज और भारी होती है। सड़क पर दौड़ते हुए मेरे पैर तेजी से चलते हैं।