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पासपोर्ट नहीं तो कुछ भी नहीं

Mon, 04 Mar 2013 02:01 PM IST
अरविंद तिवारी
अरविंद तिवारी Updated Mon, 04 Mar 2013 02:01 PM IST
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nothing without passport

बजट के बाद का दूसरा दिन। पत्नी से दिनभर झिक-झिक होती रही। वह चाहती थी कि मैं अपना और उसका पासपोर्ट बनवा दूं। मैंने कहा जब हम विदेश यात्रा के लायक ही नहीं हैं, तो पासपोर्ट बनवाने से क्या फायदा।

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उसका तर्क था कि विदेश से हम दोनों डेढ़ लाख रुपये का सस्ता सोना लेकर आ सकेंगे, जो पूरी तरह कस्टम की ड्यूटी से मुक्त होगा। उस दिन वित्त मंत्री के वित्तीय भाषण से पत्नी थोड़ी ‘सरकी हुई’ लग रही थी। बहरहाल बहस-मुबाहिसे के बाद मैं बड़ी मुश्किल से रात को सो पाया।
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रात के तीन बजे मोबाइल बजा, तो नींद उचट गई। इस वक्त की घंटी, कहीं कोई बुरी खबर तो नहीं! मोबाइल पर एक मंचीय कवि मित्र थे, जो कह रहे थे, तुम्हारे पास पासपोर्ट है या नहीं। मैं समझ गया, मेरा यह मित्र कवि सम्मेलन खत्म करके फिर ‘रसरंजन’ में जुट गया होगा। ‘रसरंजन’ के बाद वह इसी तरह मित्रों को तंग करता है। गलती मेरी ही थी। कुछ दिनों पहले उसे कहा था, आजकल मेरे पास कवि सम्मेलनों का टोटा है। कुछ जुगाड़ हो, तो मेरा नाम प्रस्तावित कर देना।
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मित्र कह रहा था, तुम्हारे पास पासपोर्ट हो, तो कैलिफोर्निया में कविता पढ़ने की तैयारी करो। नींद टूटने से बौखलाकर मैंने कहा, अपने पास पासपोर्ट नहीं, राशनकार्ड है। वह बोला, लानत है तुम पर। मैंने पहले ही कहा था पासपोर्ट बनवा लो। विदेश के कवि सम्मेलन बार-बार नहीं मिलते। मैंने कहा, राशनकार्ड बनवाने में इतने पसीने आए कि पासपोर्ट बनवाने की हिम्मत ही नहीं पड़ी। वह बोला, अरे चिरकुट कवि! इस जमाने में राशनकार्ड को कौन पूछता है। बंगलादेश और पाकिस्तान से आए घुसपैठिए तक इसे बनवा लेते हैं। पासपोर्ट का अपना क्रेज है। कोई भी साहित्यकार तब तक मुकम्मल साहित्यकार नहीं होता, जब तक वह पासपोर्ट नहीं बनवाता।


बहरहाल मैंने निर्णय लिया है कि मैं पासपोर्ट जरूर बनवाऊंगा। जेब में पासपोर्ट रखा हो, तो विदेश यात्रा के झूठे संस्मरण सुनाए जा सकते हैं। कोर्ट-कचहरी का चक्कर फंस जाए, तो आप ‘सेलिब्रिटी’ बन सकते हैं, क्योंकि अदालत सबसे पहले आपका पासपोर्ट जब्त करेगी। आज तक किसी का राशनकार्ड जब्त होने की खबर हमने नहीं सुनी। पासपोर्ट जब्त होने के बाद यह प्रमाणित हो जाएगा कि आप अमेरिका, यूरोप वगैरह घूमते रहे हैं। और जो लेखक-कवि इस तरह घूमता रहा हो, वह ‘चिरकुट’ हर्गिज नहीं हो सकता।

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