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मुजफ्फरपुर का सबक : बिहार भारत के सर्वाधिक गरीब राज्यों में से एक है

पत्रलेखा चटर्जी Updated Sun, 23 Jun 2019 04:54 AM IST
एईएस
एईएस - फोटो : अमर उजाला
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बिहार में लीची उगाने के लिए मशहूर मुजफ्फरपुर में सौ से अधिक बच्चों की मौत एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से क्यों हुई? इसको लेकर कई तरह की बातें कही जाती हैं, लेकिन अब हम जानते हैं कि ऐसा सिर्फ ढेर सारी लीची खाने के कारण नहीं हुआ, जैसा कि शुरुआती दिनों में अनुमान लगाया जा रहा था। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा कई कारणों से हुआ है-लीची में विषाक्त पदार्थ, अत्यधिक गर्मी, आर्द्रता, कुपोषण और बदहाल सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा। इनमें से अंतिम दो कारणों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि ये हमारी राजनीतिक प्राथमिकताओं और इच्छाशक्ति के बारे में असहज करने वाले सवाल उठाते हैं।
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किनके बच्चे भूखे सो जाते हैं? व्यापक स्वास्थ्य सुधारों के मौजूदा समय में स्वास्थ्य सेवा तक किनकी पहुंच है? सामाजिक और आर्थिक विषमताओं से भरे देश में भूख एक गंभीर राजनीतिक मुद्दा है, जिसे कई लोग झुठलाना चाहेंगे। बिहार भारत के सर्वाधिक गरीब राज्यों में से एक है। जो बच्चे मुजफ्फरपुर में बेवजह मर गए, वे बिहार के अत्यंत निर्धन परिवारों से थे।

जमीनी रिपोर्ट बताती है कि एईएस से मरने वाले ज्यादातर बच्चे महादलित समुदाय के हैं, जिनमें मुसहर और अनुसूचित जाति के लोग शामिल हैं। उनमें से ज्यादातर कुपोषित थे। यह याद रखने वाली बात है कि अच्छी तरह से पोषित बच्चे लीची का सेवन करने से आम तौर पर जोखिम का सामना नहीं करते हैं।
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