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Tourism: बुनियादी ढांचे में सुधार के दम पर पर्यटन के नक्शे पर उभरा भारत

Mon, 13 Mar 2023 06:34 AM IST
Jayantilal Bhandari जयंतीलाल भंडारी
Updated Mon, 13 Mar 2023 06:34 AM IST
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सार
बुनियादी ढांचे में सुधार के कारण दूर-सुदूर के गांव अब पर्यटन मानचित्र पर आ रहे हैं।
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India emerged on the tourism map on the basis of improvement in infrastructure
पर्यटन। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

इस समय भारत का घरेलू और वैश्विक पर्यटन उद्योग महामारी के निराशाजनक परिदृश्य से उबरकर तेजी से छलांगें लगा रहा है। इंडिया टूरिज्म स्टैटिस्टिक्स, 2022 रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक यात्रा और वैश्विक पर्यटन सूचकांक में भारत की रैंकिंग 2021 में 54वीं रही। कोविड-19 महमारी और प्रतिबंधों की वजह से भारत में विदेशी पर्यटकों के आगमन में 2021 में 44.5 फीसदी की गिरावट आई।



वर्ष 2020 में 27.4 लाख विदेशी पर्यटकों ने भारत की यात्रा की, जो 2021 में घटकर 15.2 लाख हो गई। अब वर्ष 2022 से विदेशी पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। वर्ष 2022 में करीब 69 लाख विदेशी पर्यटक भारत आए। भारत में 2021 में 67.76 करोड़ लोगों ने घरेलू पर्यटन यात्राएं कीं, जो कि 2020 के 61.02 लाख लोगों के आंकड़े से 11.05 फीसदी अधिक है।


खास बात यह भी है कि दुनिया भर के समस्त पर्यटकों में से करीब 1.64 फीसदी विदेशी पर्यटक भारत आते हैं। अब जिस तरह से सरकार घरेलू और विदेशी पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है, उससे पर्यटकों की संख्या और इनसे प्राप्त होने वाली कमाई तेजी से बढ़ने की संभावनाएं हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो मार्च को 'मिशन मोड में पर्यटन का विकास' विषय पर वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2023-24 के केंद्रीय बजट में 50 नए पर्यटन स्थलों संबंधी घोषणा से पर्यटन क्षेत्र के बढ़ने की गति और तेज होने की संभावना है। पर्यटन क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2023-24 के केंद्रीय बजट में 1,742 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब यह मिथक टूट गया है कि पर्यटन एक आकर्षक (फैंसी) शब्द है, जो केवल उच्च आय वाले समूहों से ही जुड़ा हुआ है। हमारे गांव पर्यटन के केंद्र बन रहे हैं और बुनियादी ढांचे में सुधार के कारण दूर-सुदूर के गांव अब पर्यटन मानचित्र पर आ रहे हैं।

केंद्र सरकार ने सीमा के पास स्थित गांवों के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज योजना’ शुरू की है और गांवों के अनुकूल होमस्टे, छोटे होटल और रेस्तरां जैसे व्यवसायों को सहायता देने की आवश्यकता पर जोर दिया है। वस्तुतः सुविधाओं में बढ़ोतरी होने से पर्यटन के प्रति आकर्षण में वृद्धि हुई है।

देशी-विदेशी पर्यटकों से बढ़ता हुआ राजस्व तथा रोजगार देश की आर्थिक-सामाजिक तस्वीर संवार रहे हैं। जनवरी, 2022 में आए केवल दो लाख पर्यटकों की तुलना में इस साल जनवरी में आठ लाख विदेशी पर्यटक भारत आए हैं। भारत आने वाले विदेशी पर्यटक औसतन 1,700 डॉलर खर्च करते हैं। भारत के पास अधिक खर्च करने वाले पर्यटकों को देने के लिए बहुत कुछ है। ऐसे में प्रत्येक राज्य को अपनी पर्यटन नीति में परिवर्तन करने की जरूरत है।

इसमें कोई दो मत नहीं है कि भारत के कई ऐसे चमकीले बिंदु हैं, जो देश में पर्यटन के विभिन्न आयामों को आगे बढ़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं। भारत जैसे विविधता वाले देश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां की संस्कृति, संगीत, हस्तकला, खानपान से लेकर नैसर्गिक सुंदरता हमेशा से देसी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करती रही हैं। वास्तव में जिस तेजी से देश में पर्यटन के क्षेत्र बढ़ रहे हैं, उतनी ही तेजी से इसमें रोजगार के अवसर निर्मित हो रहे हैं। आज जब देश के लोगों की क्रय शक्ति बढ़ रही है और वे यात्राओं पर खर्च कर रहे हैं, तो पर्यटन क्षेत्र में नए करिअर विकल्पों के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

निस्संदेह भारत में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए नए ढंग से सोचने और आगे की योजना बनाने की आवश्यकता है। नागरिक सुविधाओं, अच्छी डिजिटल कनेक्टिविटी, अच्छे होटल और अस्पतालों, स्वच्छता और उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे के साथ भारत का पर्यटन क्षेत्र कई गुना बढ़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र में सूचीबद्ध सभी भाषाओं में भारतीय पर्यटन स्थलों के लिए एप भी विकसित करना होगा। सचमुच ऐसी रणनीतियों से पर्यटन सेक्टर को भारतीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाया जा सकेगा।

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