{"_id":"6624613bbfa281f20e0f4636","slug":"birds-are-returning-to-their-homes-the-environment-is-incomplete-without-them-2024-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Environment: पक्षियों के बगैर पर्यावरण की कल्पना अधूरी, वनों को काटने से उनकी दुनिया पर पड़ता क्या असर","category":{"title":"Opinion","title_hn":"विचार","slug":"opinion"}}
Environment: पक्षियों के बगैर पर्यावरण की कल्पना अधूरी, वनों को काटने से उनकी दुनिया पर पड़ता क्या असर
Sun, 21 Apr 2024 06:13 AM IST
निर्मल कांत
मार्गरेट रेन्कल, न्यूयॉर्क टाइम्स
मार्गरेट रेन्कल, न्यूयॉर्क टाइम्स
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 21 Apr 2024 06:13 AM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
पक्षी
- फोटो :
एएनआई
विस्तार
घोंसले बनाकर पक्षियों को पालना एक जिम्मेदारी है और जब आप ऐसा कर रहे होते हैं, तो आपको खुद के भीतर संवेदनशीलता के अब तक अनछुए आयाम तक पहुंचने का अहसास होगा।बढ़ती मानवीय आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए जो वन काटे जा रहे हैं, क्या आपने कभी सोचा है कि मनुष्य की जिंदगी के समानांतर चलने वाले पक्षियों के संसार पर इसका क्या असर पड़ता है? पक्षियों के घोंसलों का अपना एक वास्तु होता है, जिसे समझकर हर संवेदनशील इंसान को पक्षियों के आवास को बसाने का हरसंभव प्रयास करना चाहिए।
जिन पक्षियों के बगैर पर्यावरण की कल्पना भी अधूरी है, जिन पक्षियों की जिंदगी मनुष्य की जिंदगी के समानांतर बिल्कुल शांति से चलती रहती है और जिन पर वह बिल्कुल भी ध्यान नहीं देता, जाने-अनजाने उन्हीं शांतिप्रिय पक्षियों के साथ वह कितना बुरा कर रहा है, शायद उसे इसका अहसास तक नहीं होता है। दरअसल, जंगलों और घर के आस-पास बगीचों में लगे पेड़-पौधों को रौंदने से पहले शायद ही वह विचार करता होगा कि वह सिर्फ पेड़ों को ही नहीं, बल्कि उन तमाम जगहों को रौंद रहा है, जहां उन पक्षियों ने अपने परिवार के लिए एक महफूज आशियाना बनाया था। मैं अमेरिका में रहती हूं और शुरुआत से ही पक्षियों के लिए प्राकृतिक आवास बनाने में मेरी विशेष दिलचस्पी थी। मेरी इस इच्छा को मेरे पड़ोस में रहने वाली एक बुजुर्ग विधवा महिला ने बखूबी समझा, क्योंकि उनका घर जंगल के एक छोटे-से भाग के बीचोबीच बना हुआ था, इसलिए हम लोग उस जंगल में पक्षियों के लिए एक छोटा-सा पक्षी अभयारण्य बनाने में कामयाब रहे।
टीटमाउस जो बनाता है बालों से घोंसला
मैं वसंत ऋतु में अक्सर वहां बैठा करती थी, जहां कई बार पत्तियों, काई, घास और कभी-कभी जीवित स्तनधारियों के शरीर से बाल तोड़कर कप के आकार का घोंसला बनाने वाले टीटमाउस पक्षी मेरे बाल खींचकर बड़ी ही होशियारी से आंगन में बने अपने घोंसले में ले जाते थे। पक्षियों को उनके घोंसले में खुश देखना मेरे लिए सुखद अनुभव था। लेकिन मेरी ये खुशी ज्यादा वक्त तक बरकरार नहीं रह सकी। दरअसल पिछले साल बुजुर्ग महिला की मृत्यु के बाद प्रशासन ने उनके घर और आस-पास के सभी पेड़ों को बुरी तरह से तबाह कर दिया। जिन पक्षियों के आशियाने को हमने इतने प्यार से संजोया था, उन्हें ध्वस्त होते हुए मैं बहुत ही करीब से देख रही थी। मुझे बस बार-बार एक ही चिंता खाए जा रही थी कि अब उन मासूम बेजुबान पक्षियों का क्या होगा, जिन्होंने वहां अपने रहने का ठिकाना बनाया था। पड़ोस में लगातार पेड़ों के काटे जाने का सिलसिला थम नहीं रहा था, जिसकी वजह से इस साल पूरे वसंत हमारे घर के चारों तरफ बिना पक्षियों के बस सन्नाटा पसरा रहा।
घोंसलों की इंजीनियरिंग
इसके एक वर्ष बाद कार्डिनलो ने मेरे घर के बाहर एक घोंसला बनाया, जो मेरे बेडरूम की खिड़की को छूता था। कार्डिनलो एक मादा पक्षी है, जिसका पूरा शरीर लाल और चेहरा काला होता है। उन पक्षियों को परेशान न करने की मंशा से मैंने अपनी खिड़की के पर्दे बंद कर दिए और इस तरह मैं अपने ही घर में पक्षी को महफूज रखने में कामयाब रही। इन पक्षियों के घोंसले की बात की जाए, तो ये किसी वास्तुकला और इंजीनियरिंग से कम नहीं होते हैं। ब्लूबर्ड्स पक्षी को खुशी व सकारात्मकता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है, जो टेक्सास, अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के पूर्वी हिस्से में प्रजनन करते हैं। ब्लूबर्ड्स अपने लिए घोंसला घास और भूसे से बनाते हैं। कैरोलिना रेन्स पक्षी जंगली इलाके में रहना पसंद करते हैं और यह प्रजाति मूल रूप से मैक्सिको के पूर्वोत्तर कोने और यूकाटन प्रायद्वीप के साथ-साथ मध्य अमेरिका के कुछ स्थानों में भी पाई जाती है। कैरोलिना रेन्स सूखी पत्तियों से गुंबदाकार घोंसले बनाते हैं, लेकिन मुझे टिटमाउस के द्वारा बनाए गए घोंसले सबसे अधिक पसंद हैं, क्योंकि टिटमाउस अपने बच्चों की खातिर व उनका सही पालन-पोषण करने के लिए रैकून, ओपोसम्स, कुत्तों, गिलहरियों, ग्राउंडहॉग इत्यादि पशुओं के जीवित शरीर से घोंसले की सामग्री इकट्ठा करके अपने बच्चों के लिए घर बनाने का साहस करते हैं।
बक्सेनुमा घोंसलों का प्रयोग
इन सबके बावजूद मुझे यह देखकर बहुत ही दुख हो रहा था कि इस वर्ष हमारे घर के पास एक भी घोंसला नहीं है। चिकडीज मूल रूप से उत्तरी अमेरिका में पाई जाने वाली पक्षी प्रजाति को कहा जाता है और यह अपने लिए घोंसला बनाने में अग्रणी होते हैं, लेकिन हाउस राइटर्स पक्षी, जो सर्दियां अक्सर दक्षिण में बिताते हैं, वे उस क्षेत्र में मिलने वाले चिकडीज के घोंसले को नष्ट कर देते हैं। पक्षियों को पनाह देने की मेरी सारी कोशिशें कामयाब हो रही थीं, क्योंकि मैंने यह अनुभव किया कि हाउस राइट्स पक्षी अपना घोंसला लकड़ियों से बनाते हैं और मैंने जो चिकडीज के लिए बक्सेनुमा घोंसला बनाया था, उसमें से लकड़ी निकली हुई थी। लेकिन अब पुराने घोंसलों को हटाने का समय आ गया था। जब मैंने पहला बक्सा खोलकर देखा, तो केवल पिछले साल के घोंसलों में मौजूद तिनकों की छड़ियां ही थीं और दूसरे बक्से में एक घरेलू चींटी का घोंसला भी था।
पक्षियों को घर देने की जिम्मेदारी
दरअसल, पक्षियों के लिए बक्सेनुमा घोंसले बनाना इंसानों के लिए एक जिम्मेदारी भरा काम होता है। यह एक मानवीय आविष्कार की तरह है। मेरा मानना है कि हर संवेदनशील इंसान को पक्षियों के लिए घोंसला बनाने का हरसंभव प्रयास करना चाहिए। पक्षियों के लिए घोंसला बनाने वाले इंसानों की यह भी जिम्मेदारी होनी चाहिए कि वह समय-समय पर जांच करते रहें कि क्या उनके द्वारा बनाए गए घोंसले में पक्षी पूरी तरह से महफूज हैं, क्योंकि केवल पक्षियों के लिए एक घोंसला बनाने भर से आपकी जिम्मेदारी पूरी नहीं हो सकती है। शिकार के मौसम के दौरान मैं समय-समय पर अपने बक्सों की जांच करती रहती हूं कि कहीं मेरे द्वारा पाले गए पक्षियों का स्थान किसी और पक्षी ने तो नहीं ले लिया है। मैं यह जरूर सोचती हूं कि क्या मेरे द्वारा बनाए गए बक्से के घोंसले प्रकृति में हुए बदलावों, यानी पेड़ों को नष्ट किए जाने की भरपाई कर रहे हैं और क्या यह बदलाव उन मासूम पक्षियों को खतरनाक जगह, जहां वह पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है, पर घोंसला बनाने के लिए मजबूर तो नहीं कर रहे हैं।
हालांकि मैं इतना जरूर जानती हूं कि मेरे आंगन में मेरे द्वारा बनाए गए बक्से के घोंसलों में पक्षी आ चुके हैं और मुझे इस बात की बेहद खुशी है और मैं इस खुशी का उत्सव मनाना कभी बंद नहीं करूंगी।