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जीवन धारा: जब लक्ष्य साफ हो तो रास्ते खुद बन जाते हैं, खुद पर भरोसा रखना सबसे कारगर सूत्र
Tue, 21 Jul 2026 09:42 AM IST
ज्योति भास्कर
जिम रोहन
जिम रोहन
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 21 Jul 2026 09:42 AM IST
सार
जब आप यह स्पष्ट कर लेते हैं कि आपको क्या चाहिए, कितना चाहिए और कब तक चाहिए, तब आपका मन, आपकी सोच और आपके प्रयास भी उसी दिशा में काम करने लगते हैं।
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मेडिटेशन (सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट ग्राफिक्स / एजेंसी
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विस्तार
अगर कोई पूछे कि सफलता पाने की सबसे बड़ी कला क्या है, तो सीधा-सा जवाब है-मांगना। यह सुनने में भले ही साधारण लगे, लेकिन जीवन में इसकी बहुत अहमियत है। अक्सर लोग कड़ी मेहनत तो करते हैं, पर यह तय ही नहीं कर पाते कि उन्हें वास्तव में चाहिए क्या। वे अपनी परेशानियों की बात तो करते हैं, किंतु अपने लक्ष्य को स्पष्ट शब्दों में नहीं बता पाते। जबकि, हर बड़ी सफलता की शुरुआत इसी बात से होती है कि आप साफ-साफ तय करें कि आपको क्या चाहिए। क्योंकि, जब लक्ष्य साफ होता है, तो रास्ते खुद बन जाते हैं।
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मांगने का मतलब किसी से कुछ भी मांग लेना नहीं है। असल में, यह अपने मन और जीवन को सही दिशा देने का तरीका है। जब आप यह स्पष्ट कर लेते हैं कि आपको क्या चाहिए, कितना चाहिए और कब तक चाहिए, तब आपका मन, आपकी सोच और आपके प्रयास भी उसी दिशा में काम करने लगते हैं। यही कारण है कि धुंधले लक्ष्य अक्सर धुंधले नतीजे देते हैं, जबकि स्पष्ट लक्ष्य हमें सही अवसरों तक पहुंचाने में मदद करते हैं। हालांकि, इच्छा के साथ मजबूत विश्वास भी होना चाहिए। यह भरोसा बिल्कुल एक बच्चे जैसा होना चाहिए, जो पूरी सच्चाई से मानता है कि उसकी इच्छा पूरी हो सकती है। इसलिए, जीवन की योजनाएं समझदारी से बनाइए, लेकिन उन पर भरोसा पूरे दिल से रखिए।
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इसके बाद सबसे जरूरी कदम है-कर्म। दरअसल, कोई भी विचार तभी मायने रखता है, जब उसे मेहनत और ईमानदारी से पूरा किया जाए। केवल नई-नई बातें सीखते रहना काफी नहीं होता। जब तक ज्ञान हमारे काम में नहीं दिखता, तब तक वह सिर्फ जानकारी ही रहता है। यही वजह है कि सफलता उस व्यक्ति के पास खुद आती है, जो हर दिन खुद को पहले से बेहतर बनाने की कोशिश करता है। इसलिए, यह सवाल ज्यादा महत्वपूर्ण है कि आपका काम आपको कैसा इन्सान बना रहा है।
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संघर्ष, असफलता और निराशा भी जीवन का हिस्सा हैं। समझदारी इस बात में नहीं है कि हम मुश्किलों से बच जाएं, बल्कि इस बात में है कि उनके बीच खुद को और मजबूत, समझदार और सक्षम कैसे बनाएं। इसी तरह, जब जीवन में अच्छे अवसर आएं, तो उन्हें पहचानना और उनका पूरा फायदा उठाना भी जरूरी है। जो व्यक्ति सही समय पर बीज बोता है, वही आगे चलकर अच्छी फसल काटता है। हालांकि, बीज बो देना ही काफी नहीं होता। उसकी देखभाल भी करनी पड़ती है। इसी तरह, अपने अच्छे विचारों, रिश्तों, मूल्यों और सपनों को भी समय-समय पर संभालना जरूरी है।
सच्ची परिपक्वता तभी आती है, जब हम अपने जीवन और अपने फैसलों की पूरी जिम्मेदारी खुद लेते हैं। परिस्थितियां सभी के सामने आती हैं, लेकिन उन्हें अवसर में बदलना हमारे कर्म और सोच पर निर्भर करता है। यही आदत एक साधारण इन्सान को असाधारण सफलता तक पहुंचाती है।
सूत्र:खुद पर भरोसा रखें
सफलता का रहस्य स्पष्ट लक्ष्य तय करना, उसे हासिल करने का साहस जुटाना, अटूट विश्वास रखना और निरंतर कर्मशील रहना है। सफलता केवल धन या पद पाने का नाम नहीं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी खुद को अधिक मजबूत और समझदार बनाकर अपने व्यक्तित्व का विकास करना है।