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सीएए का विरोध, नौशीन बाजी और शाहीन बाग़

Tue, 18 Feb 2020 02:55 PM IST
Riyaz Khan रियाज खान
Updated Tue, 18 Feb 2020 02:55 PM IST
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shaheen bagh protest and story of noushin baazi
‘शाहीन बाग़’ की औरतों से प्रभावित होकर कई विरोध प्रदर्शन शुरू हुए - फोटो : अमर उजाला

कुछ ही दिनों पहले टेलीफ़ोन पर ख़ुशख़बरी मिली कि हमारी सबसे बड़ी बहन ‘नौशीन बाजी’ दादी बन गई हैं। ख़बर ऐसी थी कि बिना मिले बधाई देना बेमानी लगा। इसलिए अगले ही दिन बिना किसी पूर्व सूचना के पुणे से वाराणसी के रास्ते होता हुआ इलाहाबाद उनके घर जा पहुंचा। वहां पहुंचने पर उनकी छोटी बेटी ने यह बताया कि अम्मी तो बड़ी अप्पी के साथ कुछ देर पहले ही ‘मन्सूरअली पार्क’ गई हैं।

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मैने भांजी से पूछा, ‘मन्सूरअली पार्क!’ इस पर उस बच्ची ने बताया कि पिछले कई हफ़्तों से मन्सूर अली पार्क में ‘शाहीन बाग़’ की औरतों से प्रभावित होकर इलाहाबाद की महिलाएं भी रोज़ रात को सीएए के विरोध में वहां पर धरने पर बैठ रही हैं, इसीलिए कई दिनों से बड़ी अप्पी और बग़ल वाली नन्दिता चाची के साथ अम्मी भी वहां जाकर उस जलसे में शरीक होती हैं।

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‘नौशीन बाजी’ और विरोध प्रदर्शन! मैं बड़ी हैरानी से इस विषय पर सोचने लगा। इसका कारण यह था कि बचपन से अब तक मैने नौशीन बाजी को बहुत ही प्यारी बड़ी बहन, माता -पिता की हर बात मानने वाली बेटी, कुशल ग्रहणी और अपने बच्चों के भविष्य के प्रति अक्सर चिंतित एक मां के रूप में ही देखा था। उन्हें कभी भी किसी राजनैतिक मसले पर अपनी बात रखते हुए नहीं देखा, इसलिए उनका ‘मन्सूर अली पार्क’ में बैठना मेरे लिए किसी शॉक से कम नहीं था।  

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shaheen bagh protest and story of noushin baazi
शाहीन बाग में मतदान करते मतदाता - फोटो : अमर उजाला

मैं इसी कश्मकश में अभी बैठा ही था कि उनकी छोटी बेटी ने मोबाइल पर उनको मेरे आने की सूचना दे दी। कुछ ही देर बाद, नौशीन बाजी प्रदर्शन छोड़ कर हमसे मिलने घर वापस आ गयीं। आरम्भिक अलैक -सलैक, कुशल-मंगल और साथ ही दादी बनने की ढ़ेर सारी मुबारकबाद देने के बाद गुस्ताख़ी की पेशगी माफ़ी मांगते हुए उनसे मैंने पूछ ही डाला, ‘ बाजी ! आप और मन्सूर अली पार्क?’ इस पर नौशीन बाजी ने उत्तर दिया कि जब सारे देश में हमारी बहने सर्दियों की इन रातों में सड़कों पर हों तो मुझे नींद कैसे आ सकती है?

जिस एहसास और संवेदना के साथ उन्होंने यह उत्तर दिया, उसके बाद मैंने उनसे आगे कुछ और पूछना मुनासिब नहीं समझा। नौशीन बाजी का यह नया रूप मेरे लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं था। ख़ैर, बातों-बातों में यह पता चला कि उनकी बहू पैदाशुदा बच्चे के साथ मेरे चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) भांजे के साथ अभी अस्पताल में ही है। इसलिए अगर नौशीन बाजी के पोते से मिलना है तो अस्पताल  जाकर ही उसका दीदार मुमकिन है। अब तक रात काफी हो चुकी थी, इसलिए हमने दूसरे दिन अस्पताल जाना बेहतर समझा।

अगले दिन हम सुबह का नाश्ता कर ही रहे थे कि मेरे मोबाइल पर नौशीन बाजी के बेटे का फ़ोन आया, ‘मामू! अभी डॉक्टर राउंड पर आई थीं और बोल कर गईं हैं कि बच्चे की सांस काफ़ी तेज़ चल रही है, बेहतर होगा कि आप इसको किसी बच्चों के डॉक्टर को दिखाएं, आप बताए कि क्या करना चाहिए?’ मैंने अपने एक जानने वाले बच्चों के डॉक्टर से फ़ोन पर बात की और उन्होंने फ़ौरन बच्चे को उनकी क्लिनिक पर दिखाने का मशविरा दिया।

नौशीन बाजी के पोते को डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने के बाद हम सब गाड़ी में बैठकर वापस अस्पताल की ओर जाने लगे। उनका बेटा ड्राइव कर रहा था, मैं नेवीगेटर सीट पर और नौशीन बाजी अपने पोते को लेकर कार की पिछली सीट पर बहुत ही संभल कर बैठी थीं। अभी हम रास्ते में ही थे कि पीछे से नौशीन बाजी की आवाज़ आई, ‘ तुम लोग तो काफ़ी लिखते-पढ़ते हो। तुम्हें क्या लगता है कि हम औरतें इतना ग़लत कर रही हैं कि कुछ लोग हमको गोलियों से मारने की सोच रहे हैं। क्या हमको अपनी बात रखने का अधिकार नहीं है ?’ इस पर मैंने इतना ही कहा कि बाजी शांतिपूर्वक अपनी बात कहने और प्रदर्शन करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन कई हफ़्तों से आम लोगों का रास्ता रोक कर बीच सड़क पर प्रदर्शन करने पर ज़रूर आपत्ति हो सकती है।

ख़ैर, इन सब के बीच, नौशीन बाजी का यह पूरा नया अवतार, मेरे लिए उनके सवालों से अधिक हैरानकुन था। आख़िरकार इस सीएए ने एक सीए की पर्दानशीन अल्प-भाषी  मां को भी सोचने और घर से बाहर निकलने पर मजबूर कर ही दिया। मुझे समझ नहीं आया कि इस बात का मैं जश्न मनाऊं अथवा मातम। मेरी अब तक की सारी सूचनाएं  कि इन प्रदर्शनों में अधिकतर महिलाएं पैसों और बिरयानी की लालच में शामिल हो रही हैं, कितनी अर्थहीन साबित हुईं।  
 


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें  blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

 

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