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जीवन धारा: दुनिया में चीजें हमेशा पूर्ण नहीं होतीं…अच्छे विचारों को जन्म दें
Tue, 25 Mar 2025 07:51 AM IST
निर्मल कांत
श्रीश्री रविशंकर, आध्यात्मिक गुरु
श्रीश्री रविशंकर, आध्यात्मिक गुरु
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 25 Mar 2025 07:51 AM IST
सार
जीवन धारा: इस दुनिया में चीजें हमेशा पूर्ण नहीं हो सकतीं। साथ ही, दूसरों की गलतियों को लगातार दिखाने की गलती न करें। गलतियां हर समय होती रहती हैं। उन्हें सुधारने के लिए प्रयत्नशील होने की जरूरत है।
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जीवन धारा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दुनिया की सभी शिक्षाएं खुशी पाने की बात करती हैं, क्योंकि यही वह चीज है, जिसकी तलाश हरेक इन्सान कर रहा है। खुशी इस बात पर निर्भर नहीं करती है कि हमारे पास क्या है और क्या नहीं है। लोगों को किसी चीज की जरूरत होती है, तो वे बाहर जाकर खरीद लेते हैं, लेकिन खुशी ऐसी चीज नहीं है, जिसे आप खरीद सकते हैं। हमें चीजों को बाहर ढूंढने की आदत हो गई है, जबकि खुशी हमारे भीतर ही मौजूद है। हमारे जीवन में कुछ ऐसी चीजें होती हैं, जो हमें परेशान करती हैं, जिसे माया कहते हैं। उदाहरण के तौर पर देखें, तो यदि कोई आपसे प्यार करता है, तो भी परेशानी हो सकती है और यदि प्यार न करे, तो भी परेशानी है। जीवन में कई बार ऐसी स्थिति आती है, जिसमें आपको मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। इसलिए एक संकल्प जरूर लें, चाहे कुछ भी हो जाए, मैं अपनी खुशी नहीं खोऊंगा। भले ही आपको व्यापार, रिश्तों या जीवन के किसी भी दूसरे पहलू में नुकसान का सामना करना पड़े, लेकिन आपको अपनी खुशी नहीं खोनी चाहिए। यह आपके विकास का एक पैमाना है। जब आप खुशी के स्रोत पर जाते हैं, तो आपकी इंद्रियां मजबूत हो जाती हैं, आपका मन संतुष्ट हो जाता है और चीजें आपके पक्ष में होने लगती हैं।
ध्यान रहे कि आप पूर्ण बनने के लिए तनाव न लें। अगर आप पूर्णता पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं, तो गुस्सा महसूस करेंगे। दुनिया अपूर्ण लग सकती है, लेकिन अंदर से सब कुछ पूर्ण है। पूर्णता छिपी हुई है, जबकि अपूर्णता दिखाई देती है। केवल आप मानवता की मदद करने के लिए आगे बढ़ें और हमेशा खुश रहने की कोशिश करें। समझदार लोग सतह से परे देखते हैं। इस दुनिया में चीजें हमेशा पूर्ण नहीं हो सकतीं। साथ ही, दूसरों की गलतियों को लगातार दिखाने की गलती न करें। गलतियां हर समय होती रहती हैं। उन्हें सुधारने के लिए प्रयत्नशील होने की जरूरत है। जब आप स्वीकार करते हैं कि गलतियां हो सकती हैं, तो आप दृढ़ और दयालु दोनों हो जाते हैं और नए सिरे से बेहतर करते हैं। हर कोई कल की उम्मीद में अपनी वर्तमान खुशियों को हमेशा टालता रहता है। कोई सोचता है कि जब वह कॉलेज जाएगा, तो खुश रहेगा। कॉलेज में लगता है कि कमाने लगेगा, तो वह खुश रहेगा। फिर उसे लगता है कि जब वह शादी करेगा, तो खुश रहेगा। यह चक्र चलता रहता है, और वह खास दिन कभी नहीं आता। यह ऐसा है, जैसे पूरी रात अपना बिस्तर बनाने की कोशिश करते रहना और सो न पाना। भविष्य में खुश रहने का इंतजार करने के बजाय, अभी खुश रहना चुनें। जब सब कुछ ठीक चल रहा हो, तो मुस्कराना आसान है, लेकिन अगर आप चुनौतियों का सामना करते हुए भी मुस्करा सकते हैं व सकारात्मक बने रह सकते हैं, तो आपको जबर्दस्त आंतरिक शक्ति मिलेगी और समस्या गायब हो जाएगी। याद रखें, आप अपनी खुशी के लिए खुद जिम्मेदार हैं। दृढ़ संकल्प करें कि कोई भी आपकी खुशी को छीन न ले।
सूत्र- अच्छे विचारों को जन्म दें
खुशी के स्रोत को खोजने के लिए अपने अंदर की ओर जाएं। जब आप उस स्रोत से जुड़ेंगे, तो आपकी इंद्रियां मजबूत होंगी, आपका मन संतुष्ट होगा, और चीजें आपके हिसाब से चलने लगेंगी। इसलिए जब तक जीवन है एक बात याद रखें, आप दूसरों के लिए अच्छा चाहते हैं, तो अच्छी चीजें आपके पास लौटकर आती हैं। हमेशा अच्छे विचारों को जन्म दें।
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ध्यान रहे कि आप पूर्ण बनने के लिए तनाव न लें। अगर आप पूर्णता पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं, तो गुस्सा महसूस करेंगे। दुनिया अपूर्ण लग सकती है, लेकिन अंदर से सब कुछ पूर्ण है। पूर्णता छिपी हुई है, जबकि अपूर्णता दिखाई देती है। केवल आप मानवता की मदद करने के लिए आगे बढ़ें और हमेशा खुश रहने की कोशिश करें। समझदार लोग सतह से परे देखते हैं। इस दुनिया में चीजें हमेशा पूर्ण नहीं हो सकतीं। साथ ही, दूसरों की गलतियों को लगातार दिखाने की गलती न करें। गलतियां हर समय होती रहती हैं। उन्हें सुधारने के लिए प्रयत्नशील होने की जरूरत है। जब आप स्वीकार करते हैं कि गलतियां हो सकती हैं, तो आप दृढ़ और दयालु दोनों हो जाते हैं और नए सिरे से बेहतर करते हैं। हर कोई कल की उम्मीद में अपनी वर्तमान खुशियों को हमेशा टालता रहता है। कोई सोचता है कि जब वह कॉलेज जाएगा, तो खुश रहेगा। कॉलेज में लगता है कि कमाने लगेगा, तो वह खुश रहेगा। फिर उसे लगता है कि जब वह शादी करेगा, तो खुश रहेगा। यह चक्र चलता रहता है, और वह खास दिन कभी नहीं आता। यह ऐसा है, जैसे पूरी रात अपना बिस्तर बनाने की कोशिश करते रहना और सो न पाना। भविष्य में खुश रहने का इंतजार करने के बजाय, अभी खुश रहना चुनें। जब सब कुछ ठीक चल रहा हो, तो मुस्कराना आसान है, लेकिन अगर आप चुनौतियों का सामना करते हुए भी मुस्करा सकते हैं व सकारात्मक बने रह सकते हैं, तो आपको जबर्दस्त आंतरिक शक्ति मिलेगी और समस्या गायब हो जाएगी। याद रखें, आप अपनी खुशी के लिए खुद जिम्मेदार हैं। दृढ़ संकल्प करें कि कोई भी आपकी खुशी को छीन न ले।
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सूत्र- अच्छे विचारों को जन्म दें
खुशी के स्रोत को खोजने के लिए अपने अंदर की ओर जाएं। जब आप उस स्रोत से जुड़ेंगे, तो आपकी इंद्रियां मजबूत होंगी, आपका मन संतुष्ट होगा, और चीजें आपके हिसाब से चलने लगेंगी। इसलिए जब तक जीवन है एक बात याद रखें, आप दूसरों के लिए अच्छा चाहते हैं, तो अच्छी चीजें आपके पास लौटकर आती हैं। हमेशा अच्छे विचारों को जन्म दें।
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