फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Blog ›   history of world cinema Robert Richardson American cinematographer

विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: रॉबर्ट रिचर्डसन दिग्गज फोटोग्राफर

Sun, 30 Jun 2024 03:16 PM IST
Dr. Vijay Sharma डॉ. विजय शर्मा
Updated Sun, 30 Jun 2024 03:16 PM IST
सार

रॉबर्ट रिचर्डसन सामान्य व्यक्ति नहीं हैं। अगर सामान्य होते तो उन्हें अपनी सिनेमाटोग्राफी के लिए 3 बार ऑस्कर पुरस्कार न मिला होता। सिनेमाटोग्राफर रॉबर्ट रिचर्डसन कैमरा संभालते हैं साथ ही एलैक्ट्रिकल विभाग में भी दखल रखते हैं।

विज्ञापन
history of world cinema Robert Richardson American cinematographer
Cinema, camera - फोटो : istock

विस्तार

जिस व्यक्ति ने ओलिवर स्टोन, मार्टिन स्कॉरसेसि तथा क्वेंटीन टैरन्टीनो जैसे दिग्गज सिने-निर्देशकों के साथ काम किया हो वह सामान्य नहीं हो सकता है। रॉबर्ट रिचर्डसन सामान्य व्यक्ति नहीं हैं। अगर सामान्य होते तो उन्हें अपनी सिनेमाटोग्राफी के लिए 3 बार ऑस्कर पुरस्कार न मिला होता। सिनेमाटोग्राफर रॉबर्ट रिचर्डसन कैमरा संभालते हैं साथ ही एलैक्ट्रिकल विभाग में भी दखल रखते हैं।

विज्ञापन


सवा सौ से ऊपर नामांकन तथा 22 पुरस्कार प्राप्त रॉबर्ट रिचर्डसन ने पढ़ाई की ओसीनोग्राफी की और फिर काम किया फैशन मैगजीन में। कला मुक्त करती है। 27 अगस्त 1955 को अमेरिका में जन्मे रॉबर्ट रिचर्डसन, पुकारो नाम बॉब, खूबसूरत मगर अपने अतीत से परेशान स्त्रियों के प्रति आकर्षित होकर फैशन फोटोग्राफर बने और इन स्त्रियों को उनके अतीत से छुटकारा दिलाने में सहायक हो गए। वे उनको मॉडल बना कर फोटो खींचते और ये फोटो हार्पर बाजार पत्रिका में प्रकाशित होते। उन्होंने जो अपना पहला कैमरा खरीदा था वह बोलेक्स था।
विज्ञापन


दुनिया को लेन्स की नजर से देखने वाले रॉबर्ट ओलिवर स्टोन को अपने बड़े भाई की तरह मानते थे क्योंकि अपने शुरुआती दिनों में उन्होंने इसी निर्देशक के साथ काम किया और सिनेमाटोग्राफी में महारथ हासिल की। उनके अनुसार जब वे ओलिवर से मिले उन्हें उनके आसपास एक जादुई वातावरण का अनुभव हुआ। यह जादुई वातावरण माइंड तथा स्पिरिट दोनों का था। उन्हें लगता था, ओलिवर जादूगर की भांति अपने हैट से कुछ भी निकाल सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

1992 में मिला पहला ऑस्कर

इसी ओलिवर स्टोन के निर्देशन में बई फिल्म ‘जे एफ के’ की सिनेमाटोग्राफी के लिए रॉबर्ट को अपना पहला ऑस्कर पुरस्कार 1992 में प्राप्त हुआ। ओलिवर स्टोन के साथ रॉबर्ट ने 11 फिल्मों की सिनेमाटोग्राफी की।


रॉबर्ट रिचर्डसन के पास हजारों की संख्या में डीवीडी थी, वे निरंतर फिल्म देखते थे, सिनेमा के प्रति रॉबर्ट का जुनून इसी से समझा जा सकता है। उनके सहयोगी क्रिस सेन्ट्रेला के अनुसार बॉब मात्र शॉट केलिए शॉट नहीं लेते हैं, उनका प्रत्येक शॉट 100 प्रतिशत होता है, भले ही यह 36 फ़्रेम्स क्यों न हो। क्रिस के साथ रॉबर्ट ने 30 साल काम किया। क्रिस ने ही उन्हें पहले-पहल डॉरेक्टर ऑफ़ फ़ोटोग्राफ़ी की जिम्मेदारी दी थी।

क्रिस के अनुसार बॉब के पास असीमित ऊर्जा एवं आश्चर्यजनक सहनशक्ति है। चेक मूल की पुरस्कृत सिने-निर्देशक-सिनेमाटोग्राफ़र जेना होडोवा रॉबर्ट रिचर्डसन पर फीचर लेंथ की डॉक्यूमेंट्री बना रही हैं, साथ ही उन पर एक किताब भी लिख रही हैं।

जब रॉबर्ट रिचर्डसन ने मार्टिन स्कॉरसेसि के साथ काम प्रारंभ किया तो उनके जीवन का एक नया अध्याय शुरु हुआ। मार्टिन फ्रेडी फ्रैंसिस को लेना तय कर चुके थे, क्योंकि उन्हें लगा कि जो हार्ड लाइट्स और डीप कॉन्ट्रास्ट वे चाह रहे हैं वह फ्रेडी की कर सकता है। लेकिन चार साल के बाद उन्होंने रॉबर्ट को अपनी फ़िल्म ‘कैसिनो’ केलिए लिया।

इस सिने-त्रयी (‘मीन स्ट्रीट’ तथा ‘गुडफेलाज’ त्रयी की अन्य दो फिल्में हैं) की फिल्म ‘केसिनो’ का काम आसन न था। इसका कैनवास बहुअत विशाल था, 289 से अधिक दृश्य थे छ: सप्ताह कैसिनो के भीतर शूटिंग होनी थी। इस फिल्म के साथ मार्टिन और रॉबर्ट की जोड़ी जम गई दोनों ने मिल कर सात फिल्में कर डालीं। जिसमें 5 ऑस्कर प्राप्त ‘ह्युगो’ जैसी अद्भुत फिल्म भी शामिल है। जिस फिल्म की गजब की सिनेमाटोग्राफी के लिए रॉबर्ट को ऑस्कर मिला।

history of world cinema Robert Richardson American cinematographer
Cinema - फोटो : istock

अगर आपने ‘ह्युगो’ (2012) फिल्म देखी है और आप सिनेमाटोग्राफी का क-ख-ग नहीं जानते हैं फिर भी आप चकित हुए बिना नहीं रह सकते हैं। शुरुआत में पेनोरमिक फ़ोटोग्राफी में पूरे पेरिस और पेरिस के सेंट्रल रेलवे स्टेशन को समेटना, फिल्म के सारे पात्रों से परिचित कराते हुए फिल्म की थीम थमा देना कुशल सिनेमाटोग्राफी का नायाब नमूना है।

स्टेशन के क्लॉक टॉवर के भीतर की जटिल फोटोग्राफी, पात्रों के क्लोजअप्स, स्टेशन की भीड़, उसकी हलचल का दृश्यांकन दर्शक को आह्लाद से भर देता है। यह निर्देशक और सिनेमाटोग्राफर से डिजिटल का पहला परिचय था।

‘मैं अतीत, वर्तमान एवं भविष्य के मिश्रण में विश्वास करता हूं।’ कहने वाले रॉबर्ट रिचर्डसन को उनका तीसरा ऑस्कर भी मार्टिन स्कॉरसेसि की फिल्म ‘दि एविएटर’ (2005) की सिनेमाटोग्राफी के लिए मिला। ‘ह्युगो’ तथा ‘दि एविएटर’ दोनों फिल्में अपनी उच्च कोटि की टेक्निकल कुशलता के लिए जानी जाती हैं। बॉब सदा नई तकनीक के लिए तैयार रहते हैं। वे निरंतर परिवर्तित होती सिने-संसार के साथ कदमताल करने को तत्पर रहते हैं। वे लाइटिंग, डिजिटल, लेन्स के मामले में नवीनतम प्रयोग करते हैं।

क्वेंटीन टैरन्टीनो के साथ उन्होंने छ: फिल्में की हैं जिसमें से ‘इनग्लोरियस बास्टर्ड्स’ डेन्गो अनचेन्ड’ तथा ‘द हेटफ़ुल एट’ केलिए उन्हें ऑस्कर नामांकन मिला। यहां उन्होंने रिवाज समाप्त हो चुके अल्ट्रा पैनविजन लेंस का प्रयोग किया। वे वास्ट लैंडस्कोप्स, क्लोजअप्स, इन्सर्ट्स आदि का उपयोग करते हैं।

फिल्म ‘किल बिल: भाग 1’

क्वेंटीन टैरन्टीनो के साथ उन्होंने 2002 में फिल्म ‘किल बिल: भाग 1’ के लिए काम शुरु किया था। यह एक लंबी यात्रा थी 155 दिन चले फिल्मांकन ने निर्देशक एवं सिनेमाटोग्राफर को करीब ला दिया, दोनों एक-दूसरे को अच्छी तरह समझने लगे। कहा जाता है रॉबर्ट इस फिल्मांकन द्वारा एक्शन फिल्मों को अपना सम्मान देना चाहते हैं। इसमें कुंग फू, समुराई तलवारबाजी, श्वेत-श्याम के साथ और बहुत कुछ है। दोनों ने मिल कर एक लम्बी सफल पारी खेली है।

एरोल मोरिस ने उनके साथ तीन डॉक्यूमेट्री और कई कमर्सियल बनाए हैं। मोरिस का कहना है, वे कई बार फोटोग्राफी डॉयरेक्टर को दो ग्रेड देते हैं, ऑपरेटिंग केलिए ए ग्रेड और लाइटिंग के लिए ए ग्रेड मगर वे बॉब को दोनों केलिए ए + देते हैं।

कोई आश्चर्य नहीं कुछ समय तक थियेटर मैनेजर का काम करने वाले ऐसे असाधारण सिनेमाटोग्राफ़र रॉबर्ट रिचर्डसन को अमेरिकन सोसायटी ऑफ सिनेमाटोग्राफ़र्स ने 2019 में लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया। इसके पहले ऑस्ट्रेलियन सिनेमाटोग्राफर्स सोसायटी ने उन्हें 2010 में ‘इनग्लोरियस बास्टर्ड्स’ के लिए इंटरनेशनल अवॉर्ड दिया था।


-----------------
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed