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दूसरा पहलू: 1924 की वह डिनर पार्टी जिसने इतिहास की दिशा मोड़ दी
Thu, 07 May 2026 08:06 AM IST
Devesh Tripathi
अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क
Published by: Devesh Tripathi
Updated Thu, 07 May 2026 08:06 AM IST
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साल 1924 की वह डिनर पार्टी जिसने मोड़ी इतिहास की दिशा
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अमर उजाला प्रिंट
विस्तार
साल 1924 में न्यूयॉर्क सिटी के सिविक क्लब में आयोजित एक डिनर पार्टी ने अमेरिकी सांस्कृतिक इतिहास की दिशा बदल दी। यह आयोजन औपचारिक रूप से लेखिका और संपादक जेसी रेडमोन फॉसेट के पहले उपन्यास देयर इज कन्फ्यूजन के सम्मान में रखा गया था, पर नेशनल ज्योग्राफिक हिस्ट्री से जुड़ीं इतिहासकार और लेखिका पैट्रिशिया डेनियल्स के अनुसार, इसका वास्तविक उद्देश्य इससे कहीं बड़ा था।इसी शाम को हार्लेम रेनैसांस की शुरुआत माना गया, जिसने अफ्रीकी-अमेरिकी पहचान को नई आवाज दी और अमेरिकी साहित्य, संगीत तथा कला को स्थायी रूप से बदल दिया। हार्लेम रेनैसांस 1920 और 1930 के दशक में उभरा वह आंदोलन था, जिसका केंद्र न्यूयॉर्क का हार्लेम इलाका बना। रेनैसांस का अर्थ पुनर्जागरण है। इस ऐतिहासिक डिनर के आयोजक समाजशास्त्री चार्ल्स एस जॉनसन और दार्शनिक एलेन लॉक थे। दोनों का उद्देश्य अश्वेत व श्वेत, दोनों समुदायों के प्रभावशाली लेखकों और बुद्धिजीवियों को एक मंच पर लाना था, ताकि उभरती हुई अश्वेत रचनात्मक पीढ़ी को राष्ट्रीय पहचान मिल सके। इस डिनर में ग्वेंडोलिन बेनेट, काउंटी कुलन, लैंग्स्टन ह्यूज और जोरा नील हर्स्टन जैसे युवा लेखक मौजूद थे, जो 20वीं सदी के अमेरिकी साहित्य के बड़े नाम बने। फॉसेट खुद इस आंदोलन की केंद्रीय शख्सियत थीं। वह द क्राइसिस पत्रिका की संपादक थीं और युवा लेखकों को अवसर देने में उनकी बड़ी भूमिका थी। उन्होंने अश्वेत मध्यवर्गीय जीवन को साहित्य में स्थान दिया, जो उस समय दुर्लभ था। 1925 में, जॉनसन ने एक और बड़ा पुरस्कार समारोह आयोजित किया, जिसमें ह्यूज और हर्स्टन सहित कई युवा रचनाकार फिर एक साथ आए। उसी वर्ष हर्स्टन का नाटक कलर स्ट्रक प्रकाशित हुआ और 1926 में लैंग्स्टन ह्यूज का पहला कविता संग्रह सामने आया। धीरे-धीरे यही युवा लेखक अमेरिकी साहित्य की नई आवाज बन गए।
आज, जब नस्लीय पहचान, प्रतिनिधित्व और सांस्कृतिक समानता पर दुनिया भर में नई बहसें चल रही हैं, 1924 की वह डिनर पार्टी फिर याद की जा रही है। एक साधारण-सी दिखने वाली डिनर टेबल से उठी यह आवाज आगे चलकर अमेरिकी इतिहास के सबसे प्रभावशाली सांस्कृतिक आंदोलनों में बदल गई। -अमर उजाला नेटवर्क