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तीस मालगाड़ियों व छह ट्रेनों के पहिये थमे
lalitpur
Updated Fri, 10 Feb 2017 01:03 AM IST
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तीस मालगाड़ियों व छह ट्रेनों के पहिये थमे
- फोटो : Amar Ujala
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बृहस्पतिवार की सुबह झांसी के अस्पताल में रेलवे के डिप्टी कंट्रोलर एसपी राजपूत की मौत के बाद ललितपुर सेक्शन के हर स्टेशनों पर रेल कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर दिया। इसके चलते ललितपुर सेक्शन में करीब 30 मालगाड़ियां व छह एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों के पहिये थम गए। गुस्साए कर्मचारियों ने वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक एसके शुक्ल पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। हालांकि कुछ समय बाद एक्सप्रेस ट्रेनों को दूसरी स्टेशन से सिग्नल मिलने के बाद एक-एक कर निकाला गया, जबकि मालगाड़ियां को यथा स्टेशनों पर ही रोक दिया गया। उक्त घटनाक्रम में शताब्दी एक्सप्रेस भी दो घंटे तक लेट आई। करीब साढ़े तीन घंटे तक रेल ट्रैफिक प्रभावित होने से करोड़ों के नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
बृहस्पतिवार की सुबह झांसी कंट्रोल ऑफिस के डिप्टी कंट्रोलर सुनील राजपूत की मौत से गुस्साए कंट्रोल कर्मचारियों ने रेल संचालन का कार्य बंद कर दिया। इसका असर ललितपुर सेक्शन में भी दिखाई दिया। ललितपुर सेक्शन में माताटीला से आगासौद रेलवे स्टेशन के मध्य जो ट्रेन जहां थी, वहीं रोक दी गई। इससे रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। ललितपुर सेक्शन के अधिकारी भी हरकत में आ गए और ट्रेनों की हर गतिविधि पर नजर रखी गई। ट्रेनों को स्टेशनों पर लाकर खड़ा किया गया। आगासौद और बबीना से पूर्व तक करीब तीस मालगाड़ियां रोक दी गईं, जबकि आधा दर्जन से अधिक एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनें भी जहां की तहां रोक दी गईं। यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। डाउन रूट पर छत्तीसगढ़, पंजाब मेल व झेलम एक्सप्रेस के अलावा कई थ्रू-ट्रेनों के पहिए कुछ घंटों के लिए थम गए। वहीं हर स्टेशनों पर दो, तीन व चार-चार मालगाड़ियां अप और डाउन रूट पर रोक दी गईं। इस प्रकार आगासौद रेलवे स्टेशन से माताटीला रेलवे स्टेशन के मध्य करीब 30 मालगाड़ियां रोकी गईं। करीब दो घंटे बाद स्थानीय अधिकारियों की सूझबूझ से हर स्टेशन से सिग्नल क्लीयरेंस लेने के बाद एक-एक कर एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों को आगे बढ़ाया गया। करीब साढ़े तीन घंटे बाद ढाई बजे झांसी के कंट्रोल ऑफिस में काम शुरू होना बताया गया। हालांकि सेक्शन में तीन बजे के बाद ही ट्रेनों के संचालन को किसी प्रकार गति देना शुरू किया गया। इसी बीच अप रूट की भोपाल की ओर जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस भी करीब दो घंटे तक लेट आई, जबकि ललितपुर से निकलने के बाद कई स्टेशनों पर रूट खाली नहीं होने पर यह ट्रेन भी कुछ देर के लिए रोक देनी पड़ी। ऐसे में रेलवे जानकारों के अनुसार रेल के पहिये थमने से अकेले ललितपुर सेक्शन में ही करीब 30 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होने का आंकलन किया जा रहा है।
बृहस्पतिवार की सुबह झांसी कंट्रोल ऑफिस के डिप्टी कंट्रोलर सुनील राजपूत की मौत से गुस्साए कंट्रोल कर्मचारियों ने रेल संचालन का कार्य बंद कर दिया। इसका असर ललितपुर सेक्शन में भी दिखाई दिया। ललितपुर सेक्शन में माताटीला से आगासौद रेलवे स्टेशन के मध्य जो ट्रेन जहां थी, वहीं रोक दी गई। इससे रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। ललितपुर सेक्शन के अधिकारी भी हरकत में आ गए और ट्रेनों की हर गतिविधि पर नजर रखी गई। ट्रेनों को स्टेशनों पर लाकर खड़ा किया गया। आगासौद और बबीना से पूर्व तक करीब तीस मालगाड़ियां रोक दी गईं, जबकि आधा दर्जन से अधिक एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनें भी जहां की तहां रोक दी गईं। यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। डाउन रूट पर छत्तीसगढ़, पंजाब मेल व झेलम एक्सप्रेस के अलावा कई थ्रू-ट्रेनों के पहिए कुछ घंटों के लिए थम गए। वहीं हर स्टेशनों पर दो, तीन व चार-चार मालगाड़ियां अप और डाउन रूट पर रोक दी गईं। इस प्रकार आगासौद रेलवे स्टेशन से माताटीला रेलवे स्टेशन के मध्य करीब 30 मालगाड़ियां रोकी गईं। करीब दो घंटे बाद स्थानीय अधिकारियों की सूझबूझ से हर स्टेशन से सिग्नल क्लीयरेंस लेने के बाद एक-एक कर एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों को आगे बढ़ाया गया। करीब साढ़े तीन घंटे बाद ढाई बजे झांसी के कंट्रोल ऑफिस में काम शुरू होना बताया गया। हालांकि सेक्शन में तीन बजे के बाद ही ट्रेनों के संचालन को किसी प्रकार गति देना शुरू किया गया। इसी बीच अप रूट की भोपाल की ओर जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस भी करीब दो घंटे तक लेट आई, जबकि ललितपुर से निकलने के बाद कई स्टेशनों पर रूट खाली नहीं होने पर यह ट्रेन भी कुछ देर के लिए रोक देनी पड़ी। ऐसे में रेलवे जानकारों के अनुसार रेल के पहिये थमने से अकेले ललितपुर सेक्शन में ही करीब 30 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होने का आंकलन किया जा रहा है।
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