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सरलता और भोलापन ही सच्ची शिव भक्ति: पवन
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18jjrp03- श्री कांशी गिरि मंदिर में चल रही श्री शिव पुराण कथा के दौरान भजनों पर नृत्य करती महि
झज्जर। सिद्ध बाबा कांशीगिरि मंदिर में चल रही तीसरी श्री शिव महापुराण कथा में कथा वाचक पंडित पवन कौशिक ने श्रद्धालुओं को शिव विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि जिसके जीवन में सरलता और भोलापन उतर जाता है, वही भोलेनाथ का सच्चा भक्त होता है। शिव विवाह की कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथा के दौरान विवाह के मंगल गीत और भजनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। महिला संकीर्तन मंडली की संगीता वर्मा, संतोष हंस, शशी खत्री, सुषमा गोसाई और इंदू भूगड़ा ने ‘सज रहे भोले बाबा निराले दूल्हे में’ सहित अन्य भजनों की प्रस्तुति दी। योगेश रंजन ने भी भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। नगर पार्षद सुषमा गोसाई भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
कौशिक ने बताया कि माता पार्वती बचपन से ही भगवान भोलेनाथ को अपना आराध्य मानती थीं। तारकासुर के अत्याचार से तीनों लोक परेशान थे और उसका वध शिव-पार्वती के पुत्र के हाथों होना तय था। इसलिए शिव-पार्वती का विवाह भगवान की लीला के अनुसार पूर्व निर्धारित था।
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इस अवसर पर प्रधान सुधांशु हंस, आशीष चावला, मनीष मेहता, देवराज भूगड़ा, रमेश लखेरा, सुभाष वर्मा, प्रिंस सेठी, सेवक अर्पित और नारायणी सरदाना मौजूद रहे।
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कथा के दौरान विवाह के मंगल गीत और भजनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। महिला संकीर्तन मंडली की संगीता वर्मा, संतोष हंस, शशी खत्री, सुषमा गोसाई और इंदू भूगड़ा ने ‘सज रहे भोले बाबा निराले दूल्हे में’ सहित अन्य भजनों की प्रस्तुति दी। योगेश रंजन ने भी भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। नगर पार्षद सुषमा गोसाई भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
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कौशिक ने बताया कि माता पार्वती बचपन से ही भगवान भोलेनाथ को अपना आराध्य मानती थीं। तारकासुर के अत्याचार से तीनों लोक परेशान थे और उसका वध शिव-पार्वती के पुत्र के हाथों होना तय था। इसलिए शिव-पार्वती का विवाह भगवान की लीला के अनुसार पूर्व निर्धारित था।
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इस अवसर पर प्रधान सुधांशु हंस, आशीष चावला, मनीष मेहता, देवराज भूगड़ा, रमेश लखेरा, सुभाष वर्मा, प्रिंस सेठी, सेवक अर्पित और नारायणी सरदाना मौजूद रहे।