जम्मू-कश्मीर: मूल तैनाती स्थल पर न जाने वाले आरईटी शिक्षकों का रुकेगा वेतन, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश
जम्मू और कश्मीर संभागों के स्कूल शिक्षा निदेशालय को 29 जुलाई तक अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा है। जमीनी स्तर पर स्कूली शिक्षा प्रणाली का संचालन करने के उद्देश्य से सरकार ने वर्ष 2000 में आरईटी योजना शुरू की थी।
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रहबर-ए-तालीम (आरईटी) योजना के तहत स्कूल विशिष्ट नियुक्ति वाले शिक्षक को अब अपने मूल तैनाती स्थल पर ही सेवाएं देनी होंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसे शिक्षकों को अपने मूल तैनाती स्थल पर जाने को कहा है। ऐसा न करने पर ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग आफिसर (डीडीओ) को वेतन रोकने का आदेश दिया गया है।
जम्मू और कश्मीर संभागों के स्कूल शिक्षा निदेशालय को 29 जुलाई तक अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा है। जमीनी स्तर पर स्कूली शिक्षा प्रणाली का संचालन करने के उद्देश्य से सरकार ने वर्ष 2000 में आरईटी योजना शुरू की थी।
2019 तक विभाग ने आरईटी शिक्षकों को टीचर ग्रेड-2, ग्रेड-3 के रूप में स्थायी सेवा में लाया था। 2008 से स्थायी हुए शिक्षकों के नियुक्ति आदेश में तबादले नहीं करने की बात कही गई है, लेकिन इससे पहले स्थायी हुए शिक्षकों के लिए ऐसी बाध्यता नहीं थी।
विभाग ने इन शिक्षकों के लिए सिर्फ अस्थायी तबादले का प्रावधान रखा था। हालांकि अब विभाग ने स्कूल विशिष्ट नियुक्ति वाले शिक्षकों को अपने स्कूल में सेवाएं देने का निर्देश दिया है।
शिक्षक संघ बोला - कोर्ट के फैसले का उल्लंघन है आदेश
भारतीय शिक्षा महासंघ के उपाध्यक्ष नीरज शर्मा ने कहा कि कोर्ट ने एक फैसले में स्कूल विशिष्ट शिक्षकों को जिले में कहीं भी तबादले के लिए योग्य बताया था। विभाग कोर्ट के फैसले का उल्लंघन कर रहा है। आरईटी शिक्षकों के लिए तबादला नीति नहीं बनाई गई है।
सरकार ने 2008 के बाद तबादला नहीं करने की बात कही है, लेकिन वर्ष 2000 से नियुक्ति हुए शिक्षकों पर यह आदेश थोपना अनुचित है। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में सरकार के अवर सचिव मयंक शर्मा ने स्कूल शिक्षा निदेशक जम्मू और कश्मीर को इस संबंध में उचित कार्रवाई करने को कहा है।
वार्षिक स्थानांतरण से ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों का टोटा
वार्षिक स्थानांतरण अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों का शहरों में तबादला किया गया है। इसके कारण गांवों में स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। अब विभाग ने ग्रेड-2, ग्रेड-3, आरआरईटी/आरईटी और थर्ड ग्रेड टीचर को अपने मूल तैनाती स्थल पर जाने को कहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी को दूर किया जाए।