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महेंद्रगढ़ पहुंची रैपिड टेस्ट स्पेशल एंबुलेंस, अब तक 15 के हुए टेस्ट
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रैपिड टेस्ट मोबाइल वैन
- फोटो : AMAR UJALA
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नागरिक अस्पताल में बुधवार को कोरोना के रैपिड टेस्ट किए गए। नारनौल अस्पताल से आई इस एंबुलेंस में पुलिस विभाग, सब्जी विक्रेता, नगर पालिका कर्मियों के सैंपल लिए गए। रैपिड टेस्ट में सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। 5 लोगों के स्वैब सैंपल जांच के लिए पीजीआई रोहतक भेजे गए हैं। टेस्टिंग टीम के इंचार्ज ईएमटी सत्येंद्र चौहान ने बताया कि 2 मई से रैपिड टेस्ट की शुरूआत सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार,डिप्टी सिविल सर्जन आरटीएस डॉ. जितेंद्र यादव, बीटीओ डॉ. सुरेंद्र यादव ने की थी। नारनौल, नांगल चौधरी, अटेली, कनीना में सैंपल लिए जा चुके हैं। बुधवार को महेंद्रगढ़ में 20 टेस्ट किए गए हैं। इनमें 5 टेस्ट स्वैब सेंपलिंग के लिए गए । 15 रैपिड टेस्टिंग की गई हैं। सभी 15 रैपिड टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। स्वैब सैंपल रोहतक भेज दिए गए हैं। जिनकी बृहस्पतिवार शाम तक रिपोर्ट आ जाएगी।
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क्या होता है रैपिड टेस्ट
एसएमओ डॉ. मोनू ने बताया की जब आप किसी वायरस या और किसी पैथोजन से संक्रमित होते हैं, तो शरीर उससे लड़ने के लिए एंटीबॉडीज बनाता है। रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट के जरिए इन्हीं एंटीबॉडी का पता लगाया जाता हैं। खून में मौजूद एंटीबॉडी से ही पता चलता है कि किसी शख्स में कोरोना या किसी अन्य वायरस का संक्रमण है या नहीं।
कैसी होती है इसकी जांच
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के मुताबिक खांसी, जुकाम आदि के लक्षण दिखने पर पहले 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन किया जाता है और उसके बाद उस व्यक्ति के खून के नमूने लेकर एंटीबॉडी टेस्ट या सीरोलॉजिकल टेस्ट किए जाते हैं। जिसका परिणाम भी आधे घंटे के अंदर आ जाता हैं।
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जांच में क्या पता करते हैं
इसमें देखते हैं कि संदिग्ध मरीज के खून में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी काम कर रही है या नहीं। वायरस से होने वाला संक्रमण पूरी तरह से खत्म हो जाने के बाद भी ये एंटीबॉडी शरीर में कुछ समय तक मौजूद रहते हैं। इससे डॉक्टरों को यह पहचानने में मदद मिलती है कि मरीज पहले संक्रमित था या नहीं।
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