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बर्रा के संदीप ने मोदी को भेंट की गीता
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर।
Updated Wed, 09 Mar 2016 01:15 AM IST
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दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लकड़ी पर लिखी गीता भेंट करता संदीप।
- फोटो : kanpur
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कानपुर साउथ। मन की बात करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बर्रा निवासी संदीप के मन की मुराद भी पूरी कर दी। संदीप काफी सालों से लकड़ी पर लिखी गीता पीएम मोदी को भेंट करना चाहता था। मंगलवार को वह दिन भी आया जब संदीप प्रधानमंत्री के बुलावे पर मां के साथ गीता लेकर दिल्ली पहुंचा। साउथ सिटी के मामूली से युवक को प्रधानमंत्री के साथ देख समूचे मोहल्ले में खुशी छा गई। सबकी जुबां पर संदीप और उसकी गीता के चर्चे और आंखों में उसकी वापसी का इंतजार था। मोहल्ले के लोगों ने उसके स्वागत की भी तैयारी कर रखी है।
मेहनत रंग लाई
आईटीआई से कारपेंटर में प्रशिक्षित संदीप ने गिनीज रिकार्ड दर्ज कराने के लिए 15 जून 2010 में लकड़ी पर गीता लिखनी शुरू की। गीता के 706 श्लोक और 18 अध्यायों को 32 शीटों पर 15 अगस्त 2013 में पूरा किया, लेकिन गिनीज रिकार्ड में इसे शामिल नहीं किया गया। इसके बाद संदीप ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान मोदी को गीता भेंट करने का मन बनाया था, लेकिन यह इच्छा पूरी नहीं हो पाई।
आरटीआई ने किया कमाल
सारे प्रयास असफल रहने पर संदीप ने 26 जून 2014 को पत्र लिखकर अपनी मंशा जाहिर की, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इस पर 2 नवंबर 2014 को आरटीआई के माध्यम से पत्र का जवाब मांगा तो 20 फरवरी 2016 को उन्हें एक फोन आया, जिसमें फोन करने वाले ने 27 फरवरी को पीएम कार्यालय पहुंचने का आमंत्रण दिया, लेकिन किसी कारण वह नहीं जा सका।
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मेहनत रंग लाई
आईटीआई से कारपेंटर में प्रशिक्षित संदीप ने गिनीज रिकार्ड दर्ज कराने के लिए 15 जून 2010 में लकड़ी पर गीता लिखनी शुरू की। गीता के 706 श्लोक और 18 अध्यायों को 32 शीटों पर 15 अगस्त 2013 में पूरा किया, लेकिन गिनीज रिकार्ड में इसे शामिल नहीं किया गया। इसके बाद संदीप ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान मोदी को गीता भेंट करने का मन बनाया था, लेकिन यह इच्छा पूरी नहीं हो पाई।
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आरटीआई ने किया कमाल
सारे प्रयास असफल रहने पर संदीप ने 26 जून 2014 को पत्र लिखकर अपनी मंशा जाहिर की, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इस पर 2 नवंबर 2014 को आरटीआई के माध्यम से पत्र का जवाब मांगा तो 20 फरवरी 2016 को उन्हें एक फोन आया, जिसमें फोन करने वाले ने 27 फरवरी को पीएम कार्यालय पहुंचने का आमंत्रण दिया, लेकिन किसी कारण वह नहीं जा सका।
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