आवास खाली कराने पर भड़के जम्मू कश्मीर के पूर्व डिप्टी सीएम
- राज्य के एस्टेट विभाग की ओर से भाजपा-पीडीपी के सभी मंत्रियों को नोटिस जारी कर सरकारी आवास खाली करने को कहा गया था।
- पूर्व डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह, पूर्व समाज कल्याण मंत्री बाली भगत सहित पार्टी के अन्य पूर्व मंत्रियों ने इस मुद्दे पर एस्टेट विभाग को लिखित आपत्ति दर्ज कराई है।
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आवास खाली कराए जाने का नोटिस दिए जाने पर भाजपा के पूर्व मंत्री भड़क गए हैं। मंत्रियों ने इस मुद्दे पर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि जिस दिन मंत्रियों को विधायक होने के नाते आवास सुविधा सुलभ करा दी जाएगी उस दिन आवास खाली कर दिया जाएगा।
ज्ञात हो कि राज्य के एस्टेट विभाग की ओर से भाजपा-पीडीपी के सभी मंत्रियों को नोटिस जारी कर सरकारी आवास खाली करने को कहा गया था। इसके लिए उन्हें 16 मार्च तक की मोहलत दी गई है।
सूत्रों का कहना है कि पार्टी विधायक दल के नेता और पूर्व डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह, पूर्व समाज कल्याण मंत्री बाली भगत सहित पार्टी के अन्य पूर्व मंत्रियों ने इस मुद्दे पर एस्टेट विभाग को लिखित आपत्ति दर्ज कराई है।
... तो इसलिए भड़के भाजपा के पूर्व मंत्री
इन सभी का कहना है कि विधायक होने के नाते उन्हें आवास उपलब्ध कराना एस्टेट विभाग की जिम्मेदारी है। विभाग ने उन्हें मंत्री के तौर पर आवास की सुविधा मुहैया कराई है। वे मंत्री आवास खाली करने को तैयार हैं, बशर्ते उन्हें विधायक होने के नाते मिलने वाली आवास सुविधा मुहैया करा दी जाए।
एस्टेट विभाग को नोटिस जारी करने से पहले सारी स्थितियों का आकलन कर लेना चाहिए था। पहले विधायकों को आवास की सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए थी फिर पूर्व मंत्रियों को आवास खाली करने का नोटिस देना चाहिए था। सूत्रों ने बताया कि हाल ही में पार्टी के विधायकों की हुई बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता के साथ पक्ष रखने का फैसला किया गया था।
... तो इसलिए भड़के
सूत्रों का कहना है कि एस्टेट विभाग की ओर से कुछ पूर्व मंत्रियों के आवास पर नोटिस चस्पा करने के बाद मोबाइल से उसकी फोटो खींच कर व्हाट्सएप पर वायरल कर दिया गया। यह मामला जब भाजपा के पूर्व मंत्रियों को पता चला तो वे नाराज हो गए।