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बस पास ने बढ़ाई परेशानी, रोडवेज बस में लटककर गए विद्यार्थी
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18jjrp14- झज्जर। रोडवेज बस में लटककर सफर करते यात्री। संवाद
झज्जर। शहर के सामान्य बस अड्डा से चंडीगढ़ के लिए संचालित होने वाली लीज रोडवेज बस में शुक्रवार को रोहतक तक जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। रोडवेज बस में करीब 80 प्रतिशत सवारी कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जाने वाले विद्यार्थियों की रही।
रोडवेज बस में भीड़ इतनी अधिक थी कि कई कॉलेज विद्यार्थी बस के दोनों गेटों पर लटककर सफर करते नजर आए। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका भी बनी रही। रोडवेज बस में भीड़ अधिक होने के चलते विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई विद्यार्थियों ने बस से नीचे उतरकर दूसरी रोडवेज बस का इंतजार किया। चंडीगढ़ जाने वाली रोडवेज बस काउंटर पर लगने से पहले ही यात्रियों से भर गई। बस के चालक ने पहले रोडवेज बस को काउंटर से करीब 50 मीटर की दूरी पर खड़ा कर दिया। बस को देखकर जब विद्यार्थी उसकी तरफ पहुंचे तो चालक ने बस के गेट नहीं खोले और सवारियों को बस में चढ़ाने से भी मना कर दिया। इसके बाद बस चालक रोडवेज बस को लेकर काउंटर की तरफ गए तो काउंटर पर लगने से पहले ही चलती रोडवेज बस में यात्री चढ़ने लग गए।
इस दौरान काउंटर पर लगने से पहले ही कुछ ही देर में यात्रियों से रोडवेज बस पूरी तरह से भर गई। रोडवेज बस में कई यात्री तो जगह न होते हुए भी ऊपर चढ़ने की कोशिश करते रहे। इस दौरान कुछ तो बस में चढ़ गए, लेकिन कुछ ने अगली बस में जाने का निर्णय किया। निजी बसों में बस पास मान्य नहीं किए जाने के चलते विद्यार्थियों को रोडवेज बसों को सहारा लेना पड़ रहा है। सुबह करीब आठ बजकर 40 मिनट पर संचालित हुई लीज रोडवेज बस इस तरह का नजारा देखने को मिला। इसके बाद रोडवेज बस बिना काउंटर लगे ही रोहतक की तरफ रवाना हो गई।
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विद्यार्थियों की परेशानी का एक प्रमुख कारण निजी बसों में बस पास मान्य नहीं होना भी बन रहा है। बस पास के सहारे कॉलेज और यूनिवर्सिटी आने-जाने वाले विद्यार्थी रोडवेज बसों पर निर्भर हैं। ऐसे में जब रोडवेज बस में क्षमता से अधिक भीड़ हो जाती है तो विद्यार्थियों के सामने सफर करने की समस्या खड़ी हो जाती है।
गांव खातिवास निवासी अमूरी ने बताया कि वह खातिवास जाने के लिए चरखी दादरी जाने वाले निजी बस में सामान्य बस अड्डा झज्जर से दोपहर करीब साढ़े तीन बैठी थी। इसके बाद बस अड्डा से बाहर जाने के बाद बस परिचालक की तरफ पांच सवारियों को नीचे उतार दिया गया। इसके बाद महिला एसएस कार्यालय में अपनी बात बताने पहुंची। इस दौरान एसएस कार्यालय की तरफ से महिला को बताया गया कि वह इसकी शिकायत आरटीए कार्यालय में करें।
वर्जन
सुबह एसएस कार्यालय में समस्या विद्यार्थियों की तरफ से बताई गई है। रोडवेज चालक से इस बारे में पूछताछ भी की जाएगी। इसके अलावा बसों में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी ना हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।-प्रदीप शर्मा, एसएस, सामान्य बस अड्डा झज्जर
विद्यार्थियों के बस पास नहीं मानने को लेकर शिकायतें आ रही है। इसको लेकर कार्रवाई भी की जा रही है। इससे पहले अलग-अलग समयानुसार करीबन 17 गाड़ियों के परमिट निलंबित अलग-अलग समय के लिए किए गए हैं। सरकार की गाइडलाइन अनुसार सभी नियमों को निजी बसों में भी मान्य किया गया है।
राजेश मलिक, सहायक जिला परिवहन अधिकारी, झज्जर
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रोडवेज बस में भीड़ इतनी अधिक थी कि कई कॉलेज विद्यार्थी बस के दोनों गेटों पर लटककर सफर करते नजर आए। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका भी बनी रही। रोडवेज बस में भीड़ अधिक होने के चलते विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई विद्यार्थियों ने बस से नीचे उतरकर दूसरी रोडवेज बस का इंतजार किया। चंडीगढ़ जाने वाली रोडवेज बस काउंटर पर लगने से पहले ही यात्रियों से भर गई। बस के चालक ने पहले रोडवेज बस को काउंटर से करीब 50 मीटर की दूरी पर खड़ा कर दिया। बस को देखकर जब विद्यार्थी उसकी तरफ पहुंचे तो चालक ने बस के गेट नहीं खोले और सवारियों को बस में चढ़ाने से भी मना कर दिया। इसके बाद बस चालक रोडवेज बस को लेकर काउंटर की तरफ गए तो काउंटर पर लगने से पहले ही चलती रोडवेज बस में यात्री चढ़ने लग गए।
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इस दौरान काउंटर पर लगने से पहले ही कुछ ही देर में यात्रियों से रोडवेज बस पूरी तरह से भर गई। रोडवेज बस में कई यात्री तो जगह न होते हुए भी ऊपर चढ़ने की कोशिश करते रहे। इस दौरान कुछ तो बस में चढ़ गए, लेकिन कुछ ने अगली बस में जाने का निर्णय किया। निजी बसों में बस पास मान्य नहीं किए जाने के चलते विद्यार्थियों को रोडवेज बसों को सहारा लेना पड़ रहा है। सुबह करीब आठ बजकर 40 मिनट पर संचालित हुई लीज रोडवेज बस इस तरह का नजारा देखने को मिला। इसके बाद रोडवेज बस बिना काउंटर लगे ही रोहतक की तरफ रवाना हो गई।
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विद्यार्थियों की परेशानी का एक प्रमुख कारण निजी बसों में बस पास मान्य नहीं होना भी बन रहा है। बस पास के सहारे कॉलेज और यूनिवर्सिटी आने-जाने वाले विद्यार्थी रोडवेज बसों पर निर्भर हैं। ऐसे में जब रोडवेज बस में क्षमता से अधिक भीड़ हो जाती है तो विद्यार्थियों के सामने सफर करने की समस्या खड़ी हो जाती है।
गांव खातिवास निवासी अमूरी ने बताया कि वह खातिवास जाने के लिए चरखी दादरी जाने वाले निजी बस में सामान्य बस अड्डा झज्जर से दोपहर करीब साढ़े तीन बैठी थी। इसके बाद बस अड्डा से बाहर जाने के बाद बस परिचालक की तरफ पांच सवारियों को नीचे उतार दिया गया। इसके बाद महिला एसएस कार्यालय में अपनी बात बताने पहुंची। इस दौरान एसएस कार्यालय की तरफ से महिला को बताया गया कि वह इसकी शिकायत आरटीए कार्यालय में करें।
वर्जन
सुबह एसएस कार्यालय में समस्या विद्यार्थियों की तरफ से बताई गई है। रोडवेज चालक से इस बारे में पूछताछ भी की जाएगी। इसके अलावा बसों में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी ना हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।-प्रदीप शर्मा, एसएस, सामान्य बस अड्डा झज्जर
विद्यार्थियों के बस पास नहीं मानने को लेकर शिकायतें आ रही है। इसको लेकर कार्रवाई भी की जा रही है। इससे पहले अलग-अलग समयानुसार करीबन 17 गाड़ियों के परमिट निलंबित अलग-अलग समय के लिए किए गए हैं। सरकार की गाइडलाइन अनुसार सभी नियमों को निजी बसों में भी मान्य किया गया है।
राजेश मलिक, सहायक जिला परिवहन अधिकारी, झज्जर