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घायल सैनिकों की जान बचाने के लिए शुरू किया था रक्तदान
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झज्जर। ढाकला निवासी साहिल शर्मा अब तक 41 बार रक्तदान कर चुके हैं। उन्होंने पहली बार 19 वर्ष की उम्र में रक्तदान किया था। साहिल ने बताया कि जब उन्होंने घायल सैनिकों के बारे में सुना, तो उनके मन में सैनिकों के लिए रक्तदान करने की भावना जागी। इसके बाद जब भी कोई दुर्घटना या आपदा होती, वे तुरंत रक्तदान करते हैं।
लगातार रक्तदान करने के लिए उन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि वे अपने बेटे के जन्मदिन 31 जुलाई को हर साल रक्तदान करते हैं।
साहिल ने कहा कि रक्तदान से शरीर में नया रक्त बनता है, जबकि लोगों में यह भ्रांति है कि इससे कमजोरी आती है। उन्होंने कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है, इसलिए हर व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
उम्र-29
रक्तदान-41 बार
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लगातार रक्तदान करने के लिए उन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि वे अपने बेटे के जन्मदिन 31 जुलाई को हर साल रक्तदान करते हैं।
साहिल ने कहा कि रक्तदान से शरीर में नया रक्त बनता है, जबकि लोगों में यह भ्रांति है कि इससे कमजोरी आती है। उन्होंने कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है, इसलिए हर व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
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उम्र-29
रक्तदान-41 बार