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भैणी चंद्रपाल के अंकित ने एडीए परीक्षा में पाई सफलता
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महम के गांव भैणी चंद्रपाल निवासी अंकित की सफलता पर फूलमाला से स्वागत करते स्वजन। स्रोत स्वजन
महम। खंड के गांव भैणी चंद्रपाल निवासी अंकित ने सहायक जिला न्यायवादी (एडीए) की परीक्षा में सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि से परिवार और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।
अंकित ने गांव से ही दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई की और दोनों कक्षाओं में विद्यालय में प्रथम स्थान पाया। इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक से बीए एलएलबी (ऑनर्स) और आपराधिक विधि में एलएलएम किया। वे अपने परिवार के पहले अधिवक्ता हैं।
उनके पिता राजबीर सिंह ने ईंट-भट्ठे पर मेहनत-मजदूरी से जीवन की शुरुआत की थी और बाद में सरकारी शिक्षक बने। माता राजपति देवी ने उनकी अच्छी परवरिश और संस्कारों का ध्यान रखा। अंकित अपनी सफलता में पिता के संघर्ष और माता के संस्कारों का अहम योगदान मानते हैं। उनकी बहनें मेनका और प्रियंका ने भाई की सफलता पर गर्व जताया है।
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अंकित लेखन, बांसुरी वादन और रेखाचित्र निर्माण में भी रुचि रखते हैं। उन्होंने बताया कि सहायक जिला न्यायवादी बनना उनकी सफलता का अहम पड़ाव है। उनका अगला लक्ष्य न्यायाधीश बनकर न्याय व्यवस्था में योगदान देना है।
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अंकित ने गांव से ही दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई की और दोनों कक्षाओं में विद्यालय में प्रथम स्थान पाया। इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक से बीए एलएलबी (ऑनर्स) और आपराधिक विधि में एलएलएम किया। वे अपने परिवार के पहले अधिवक्ता हैं।
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उनके पिता राजबीर सिंह ने ईंट-भट्ठे पर मेहनत-मजदूरी से जीवन की शुरुआत की थी और बाद में सरकारी शिक्षक बने। माता राजपति देवी ने उनकी अच्छी परवरिश और संस्कारों का ध्यान रखा। अंकित अपनी सफलता में पिता के संघर्ष और माता के संस्कारों का अहम योगदान मानते हैं। उनकी बहनें मेनका और प्रियंका ने भाई की सफलता पर गर्व जताया है।
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अंकित लेखन, बांसुरी वादन और रेखाचित्र निर्माण में भी रुचि रखते हैं। उन्होंने बताया कि सहायक जिला न्यायवादी बनना उनकी सफलता का अहम पड़ाव है। उनका अगला लक्ष्य न्यायाधीश बनकर न्याय व्यवस्था में योगदान देना है।