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सौ दिन बाद सभी को डिजिटल राशन कार्ड: अतुल गर्ग
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Apr 2017 12:49 AM IST
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- फोटो : demo
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प्रदेश के नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने कहा है कि सौ दिन (तीन महीना) बाद स्मार्ट राशन कार्ड उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। इसके बाद राशन डिजिटल मशीन के जरिए मिलेगा। मानक और नियम के विरुद्ध बने बीपीएल कार्ड निरस्त किए जाएंगे। साथ ही संबंधित अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी। बुंदेलखंड की प्रगति सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए यहां गेहूं खरीद में लिमिट का मानक समाप्त कर दिया गया है।
बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में उन्होंने पत्रकारों को बताया कि प्रदेश में किसान से गेहूं खरीदने की लिमिट है, लेकिन इस लिमिट से बुंदेलखंड को बाहर रखा गया है। बुंदेलखंड में गेहूं की ज्यादा से ज्यादा खरीद हो और किसान को समर्थन मूल्य का फायदा मिले, इसलिए यहां कोई भी किसान कितना भी गेहूं समर्थन मूल्य 1,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेच सकता है। यदि किसी किसान से गेहूं खरीद केंद्र पर कम पैसे में सौदा किया जाता है अथवा दबाव बनाया जाता है, तो वह क्षेत्रीय विधायक से शिकायत करें, तत्काल कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि राशन की दुकान से मिट्टी के तेल के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है, इसलिए इस बात पर विचार चल रहा है कि मिट्टी का तेल सभी को न दिया जाए, क्योंकि जिस घर में रसोई गैस है वहां तेल का कोई उपयोग नहीं है। जिनके पास सौ वर्ग मीटर का मकान है, उनका राशन कार्ड नहीं बनाया जाएगा। यदि बना भी है तो निरस्त किया जाएगा। ऐसे राशनकार्डधारकों की जांच जल्द कराई जाएगी और इसमें जो भी दोषी पाए जाएंगे, चाहे वह कोई अफसर क्यों न हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। यही नहीं, जो राशन संबंधित व्यक्ति को बांटा जा चुका है, उसकी रिकवरी कराई जाएगी। ऐसे बीपीएल कार्डधारक जो पात्र नहीं हैं और कार्ड बनवा लिया है। साथ में शपथ पत्र भी दिया है कि वह बीपीएल कार्डधारक हैं। यदि सत्यापन में वह मानक पर खरे नहीं उतरे तो उनका सत्यापन करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि तीन माह में सभी पात्र गरीबों के राशन कार्ड बनाए जाएंगे।
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इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष संजय दुबे और महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी उपस्थित रहे।
जालौन की शिकायत पर किया निरीक्षण
खाद्य एवं रसद मंत्री अतुल गर्ग ने कहा कि उन्हें जालौन में समर्थन मूल्य से कम रेट पर गेहूं खरीदे जाने की शिकायत मिली थी। इसी जांच करने के लिए वह आए थे। जांच में पता चला कि जालौन में समर्थन मूल्य से कम रेट पर गेहूं खरीदा जा रहा है। अब दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह चिरगांव में उन्होंने गेहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। यहां किसान से गेहूं खरीद के एवज में पचास रुपये लिए जाने और कम रेट पर गेहूं खरीद की शिकायत थी। निरीक्षण के दौरान पता चला कि मंडी सचिव छुट्टी पर चले गए हैं। इसलिए अब उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। झांसी गल्ला मंडी में निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं सही मिलीं।
गरीबों के लिए कैंटीन योजना
गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को सस्ते दामों में भोजन मिले, इसके लिए कैंटीन शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है। दो महीने में प्रारूप तैयार हो जाएगा। कैंटीन सभी जिला मुख्यालयों में खुलेगी। जिन जिलों में फैक्ट्रियां अधिक हैं, वहां पर कैंटीन का संचालन प्रमुखता से होगा। ताकि, जो लोग फैक्ट्रियों में काम कर रहे हैं, उन्हें फायदा मिल सके। इसके अलावा कंस्ट्रक्शन ठेकेदारों को भी कैंटीन चलाने के लिए कहा जाएगा, ताकि वह सस्ते दामों में मजदूरों को भरपेट भोजन करा सकें।
गाजियाबाद में सबसे अच्छा रेट
गेहूं का समर्थन मूल्य 1,625 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन गाजियाबाद में 1,750 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं बिक रहा है। अकेले बुंदेलखंड में निर्धारित से कम दामों पर गेहूं खरीद की शिकायतें मिल रही हैं। दोषियों पर कार्रवाई भी हो रही है, इसलिए अब व्यवस्था पटरी पर आ गई है।
जानिए स्मार्ट कार्ड
झांसी। स्मार्ट राशन कार्ड में एक चिप लगी होगी, जिसमें कार्ड धारक की पूरी डिटेल होगी। उसका नाम, पता, परिवार के सदस्यों की संख्या, आधार कार्ड नंबर, अंगूठे का निशान आदि विवरण इसमें सेव होगा। इसे पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन से संचालित किया जाएगा। जिस दुकान पर राशनकार्ड धारक का नाम दर्ज होगा, स्मार्ट कार्ड केवल उन्हीं दुकानों पर लगी पीओएस मशीन पर काम करेगा। जैसे ही राशन कार्ड को पीओएस मशीन में स्वाइप किया जाएगा, राशनकार्ड से संबंधित पूरी जानकारी उसकी स्क्रीन पर आ जाएगी। इसके बाद राशन कार्डधारक को तय सामग्री दी जाएगी, वह सामग्री राशन विक्रेता के स्टाक से कम होने के बाद पीओएस मशीन पर कुल बची सामग्री शो करने लगेगी। इसकी मानीटरिंग के लिए लखनऊ में स्पेशल सेंटर बनाया जाएगा, जहां पूरे प्रदेश के डीलरों का रिकार्ड रहेगा। जिले में करीब सवा तीन लाख सामान्य राशन कार्ड हैं और 48 हजार अंत्योदय राशन कार्ड हैं।
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बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में उन्होंने पत्रकारों को बताया कि प्रदेश में किसान से गेहूं खरीदने की लिमिट है, लेकिन इस लिमिट से बुंदेलखंड को बाहर रखा गया है। बुंदेलखंड में गेहूं की ज्यादा से ज्यादा खरीद हो और किसान को समर्थन मूल्य का फायदा मिले, इसलिए यहां कोई भी किसान कितना भी गेहूं समर्थन मूल्य 1,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेच सकता है। यदि किसी किसान से गेहूं खरीद केंद्र पर कम पैसे में सौदा किया जाता है अथवा दबाव बनाया जाता है, तो वह क्षेत्रीय विधायक से शिकायत करें, तत्काल कार्रवाई होगी।
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उन्होंने कहा कि राशन की दुकान से मिट्टी के तेल के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है, इसलिए इस बात पर विचार चल रहा है कि मिट्टी का तेल सभी को न दिया जाए, क्योंकि जिस घर में रसोई गैस है वहां तेल का कोई उपयोग नहीं है। जिनके पास सौ वर्ग मीटर का मकान है, उनका राशन कार्ड नहीं बनाया जाएगा। यदि बना भी है तो निरस्त किया जाएगा। ऐसे राशनकार्डधारकों की जांच जल्द कराई जाएगी और इसमें जो भी दोषी पाए जाएंगे, चाहे वह कोई अफसर क्यों न हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। यही नहीं, जो राशन संबंधित व्यक्ति को बांटा जा चुका है, उसकी रिकवरी कराई जाएगी। ऐसे बीपीएल कार्डधारक जो पात्र नहीं हैं और कार्ड बनवा लिया है। साथ में शपथ पत्र भी दिया है कि वह बीपीएल कार्डधारक हैं। यदि सत्यापन में वह मानक पर खरे नहीं उतरे तो उनका सत्यापन करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि तीन माह में सभी पात्र गरीबों के राशन कार्ड बनाए जाएंगे।
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जालौन की शिकायत पर किया निरीक्षण
खाद्य एवं रसद मंत्री अतुल गर्ग ने कहा कि उन्हें जालौन में समर्थन मूल्य से कम रेट पर गेहूं खरीदे जाने की शिकायत मिली थी। इसी जांच करने के लिए वह आए थे। जांच में पता चला कि जालौन में समर्थन मूल्य से कम रेट पर गेहूं खरीदा जा रहा है। अब दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह चिरगांव में उन्होंने गेहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। यहां किसान से गेहूं खरीद के एवज में पचास रुपये लिए जाने और कम रेट पर गेहूं खरीद की शिकायत थी। निरीक्षण के दौरान पता चला कि मंडी सचिव छुट्टी पर चले गए हैं। इसलिए अब उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। झांसी गल्ला मंडी में निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं सही मिलीं।
गरीबों के लिए कैंटीन योजना
गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को सस्ते दामों में भोजन मिले, इसके लिए कैंटीन शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है। दो महीने में प्रारूप तैयार हो जाएगा। कैंटीन सभी जिला मुख्यालयों में खुलेगी। जिन जिलों में फैक्ट्रियां अधिक हैं, वहां पर कैंटीन का संचालन प्रमुखता से होगा। ताकि, जो लोग फैक्ट्रियों में काम कर रहे हैं, उन्हें फायदा मिल सके। इसके अलावा कंस्ट्रक्शन ठेकेदारों को भी कैंटीन चलाने के लिए कहा जाएगा, ताकि वह सस्ते दामों में मजदूरों को भरपेट भोजन करा सकें।
गाजियाबाद में सबसे अच्छा रेट
गेहूं का समर्थन मूल्य 1,625 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन गाजियाबाद में 1,750 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं बिक रहा है। अकेले बुंदेलखंड में निर्धारित से कम दामों पर गेहूं खरीद की शिकायतें मिल रही हैं। दोषियों पर कार्रवाई भी हो रही है, इसलिए अब व्यवस्था पटरी पर आ गई है।
जानिए स्मार्ट कार्ड
झांसी। स्मार्ट राशन कार्ड में एक चिप लगी होगी, जिसमें कार्ड धारक की पूरी डिटेल होगी। उसका नाम, पता, परिवार के सदस्यों की संख्या, आधार कार्ड नंबर, अंगूठे का निशान आदि विवरण इसमें सेव होगा। इसे पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन से संचालित किया जाएगा। जिस दुकान पर राशनकार्ड धारक का नाम दर्ज होगा, स्मार्ट कार्ड केवल उन्हीं दुकानों पर लगी पीओएस मशीन पर काम करेगा। जैसे ही राशन कार्ड को पीओएस मशीन में स्वाइप किया जाएगा, राशनकार्ड से संबंधित पूरी जानकारी उसकी स्क्रीन पर आ जाएगी। इसके बाद राशन कार्डधारक को तय सामग्री दी जाएगी, वह सामग्री राशन विक्रेता के स्टाक से कम होने के बाद पीओएस मशीन पर कुल बची सामग्री शो करने लगेगी। इसकी मानीटरिंग के लिए लखनऊ में स्पेशल सेंटर बनाया जाएगा, जहां पूरे प्रदेश के डीलरों का रिकार्ड रहेगा। जिले में करीब सवा तीन लाख सामान्य राशन कार्ड हैं और 48 हजार अंत्योदय राशन कार्ड हैं।