फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   City & states ›   indepence day

इस बार क्या उपलब्धियां गिनाएंगे प्रशासक?

Wed, 14 Aug 2013 10:34 AM IST
चंडीगढ़
चंडीगढ़ Updated Wed, 14 Aug 2013 10:34 AM IST
विज्ञापन
indepence day
चंडीगढ में स्वतंत्रता दिवस पर वीरवार को शिवराज पाटिल चौथी बार प्रशासक के रूप में शहर के लोगों को संबोधित करेंगे। प्रशासन के अधिकारी पिछले दस दिनों से विभिन्न विभागों से उपलब्धियां मंगवा कर पाटिल की स्पीच तैयार करने में लगे हैं।
विज्ञापन


यह बात अलग है कि साल भर में कई विभागों की उपलब्धियां न के बराबर हैं। कुछ विभागों के पास गिनाने के लिए पुरानी उपलब्धियां हैं। ऐसे में अधिकारी परेशान हैं कि पाटिल की स्पीच में क्या उपलब्धियां लिखें। इसके साथ ही स्पीच में आगामी योजनाओं को भी शामिल किया जा रहा है। लेकिन, पाटिल इस बार भी कोई ऐसी घोषणा नहीं करना चाहते, जो कि साल भर में पूरी न हों। ऐसे में यह तय है कि इस बार भी पाटिल के भाषण में पुराने मुद्दे ही होंगे।
विज्ञापन



पाटिल ने स्पीच तैयार कर रहे प्रशासन के अधिकारियों से स्पष्ट कह दिया है कि सिर्फ उन्हीं घोषणाओं का स्पीच में उल्लेख हो, जो समय पर पूरी हो सकें। इसके साथ ही पिछली साल की तरह गलती न करने की चेतावनी भी दी गई है। बुधवार को पाटिल खुद तैयार स्पीच को पढ़ कर उसे मंजूर करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह हो सकते हैं मुद्दे
-ट्रैफिक और पार्किंग की दिक्कत को दूर करने के लिए उठाए जाने वाले कदम
-सेक्टर-45 में 50 बेड का नया अस्पताल तैयार करने
-पुलिस जवानों की भर्ती, सौर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रयास
-नई बसों की खरीद, नए स्मार्ट स्कूल खोलने, कॉलेजों को ई कैंपस बनाने, नए ई संपर्क सेंटर शुरू करने
-पुनर्वास योजना के तहत बने मकानों के पोजेशन से संबंधित बातें

पिछले साल के मुद्दे वहीं के वहीं
-नहीं हो सका ट्रामा सेंटर का विस्तार
-कैंसर के इलाज के लिए अस्पतालों में नहीं हुई व्यवस्था हुई है।
-शहर के बाहरी ओर रिंग रोड कागजों में भी नहीं बनीं
-मेट्रो का काम भी एक कदम नहीं बढ़ा।
-शिक्षकों की कमी दूर नहीं हो पाई।
-पुलिस थानों की संख्या नहीं बढ़ी।
-साल भर में प्रशासन नहीं खरीद पाया नई बसें।
-पानी की किल्लत दूर नहीं हो सकी और न रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू हो सका।
-जमीन के नीचे और बिल्डिंगों के ऊपर पार्किंग व्यवस्था नहीं ले सकी आकार।

यह रहीं उपलब्धियां
-शहर में नए सरकारी स्मार्ट स्कूल शुरू, सरकारी स्कूल अपग्रेड हुए
-नवंबर में जीएमएसएच में नया ओपीडी बलॉक शुरू हुआ
-मनीमाजरा में 100 बेड का अस्पताल का अपग्रेडेशन हुआ
-सेक्टर-21 में नया ई संपर्क सेंटर शुरू हुआ
-सौर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई जगह सोलर पॉवर फोटो वोल्टिक प्लांट लगे
-पुर्नवास योजना के तहत धनास में फ्लैट तैयार हुए। पजेशन देना बाकी।


पिछले सालों में यह कहा था
1-वर्ष 2010 में शिवराज पाटिल ने सेक्टर-16 स्थित गवर्नमेंट मल्टीस्पेशिएलिटी अस्पताल में नया ओपीडी ब्लॉक बनाने और जीएमसीएच-32 में ई ब्लाक का निर्माण करवाने की बात कही थी। जीएमसीएच में ई ब्लॉक शुरू नहीं हुआ।

2-पाटिल ने वर्ष 2010 में अपने भाषण में 10 नए ई संपर्क सेंटर स्थापित करने की बात कही थी। इसके बाद से सिर्फ एक नया ई संपर्क सेंटर सेक्टर-21 में शुरू हुआ है। ई संपर्क कियास्क शुरू किए गए हैं।
3. पाटिल ने 2010 में नए एक्वेरियम और गांवों में शहर जैसी सुविधाएं देने की बात कही थी। अभी भी यह हकीकत से कोसों दूर है।
4. पाटिल की 2011 की घोषणा के अनुसार न तो तीन हजार कॉलेज छात्रों को टैबलेट कंप्यूटर मिले और न कॉलेजों में 40 फीसदी स्मार्ट क्लासरूम तैयार हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed