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मीटर लगते ही किसानों की जेब पर बढ़ा बिजली के खर्चे का बोझ
Updated Thu, 22 Nov 2018 01:33 AM IST
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संभल। अब तक निजी नलकूप के लिए किसान 1360 रुपये प्रति माह के हिसाब से एक मुश्त विद्युत बिल अदा करते थे लेकिन जो किसान नए कनेक्शन ले रहे हैं, उन सभी कनेक्शनों में बिजली विभाग ने मीटर लगाया है। नए नलकूप कनेक्शन मीटर लगाने के साथ ही चालू किए गए हैं।
मीटर लगने से जितनी बिजली खर्च होती है उतनी रीडिंग का बिल आ रहा है। जबकि अभी तक यह होता था कि बिजली कितनी भी खर्च करो लेकिन बिल 1360 रुपये प्रति माह ही आता था। लेकिन अब आगे से ऐसा नहीं होगा।
रीडिंग के हिसाब से बिल बन रहा है। जिन किसानों के नए विद्युत कनेक्शन पर मीटर लगे हैं उनका बिल आठ हजार नौ हजार रुपये महीने आ रहा है। इससे किसानों में रोष है। उनका कहना है कि विद्युत बिल पर कई गुना खर्च बढ़ गया है।
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एक ओर सरकार उनका बकाया गन्ना मूल्य नहीं दिला रही है। दूसरी ओर बिजली का बिल बढ़ा दिया गया है। भाकियू इस मुद्दे पर आंदोलन की योजना बना रही है जबकि बिजली विभाग का कहना है कि बिजली आपूर्ति का समय बढ़ गया है।
किसानों को नलकूप चलाने के लिए भरपूर बिजली दी जा रही है। जितनी बिजली खर्च करेंगे उतने बिल की वसूली का निर्णय लिया गया है। जो नलकूप कनेक्शन पुराने हैं मीटर उनमें भी लगेंगे।
अब तक 500 नए कनेक्शन जारी हुए हैं जिसमें 100 नलकूपों पर मीटर लगाए जाएंगे। जबकि बिलिंग सभी 500 नलकूपों की चालू हो चुकी है। जिनमें मीटर नहीं लगे हैं, उनमें फिक्स चार्ज लग रहे हैं।
कोई नलकूप नहीं रहेगा बिना मीटर: अधिशासी अभियंता
संभल। अधिशासी अभियंता विजय कुमार यादव का कहना है कि आने वाले समय में कोई भी नलकूप बिना मीटर के नहीं होगा। सभी नलकूपों के कनेक्शनों पर बिलिंग मीटर की रीडिंग देखकर होगी। नए नलकूपों पर मीटर लग रहे हैं। पुराने नलकूपों पर भी मीटर बाद में लगाए जाएंगे।
भरना पड़ेगा जुर्माना
संभल। नलकूपों में मोटर 10-15 हार्स पावर तक की लगी हुई है लेकिन कनेक्शन 7.5 हार्स पावर का है। ऐसी स्थिति में अगर मीटर लगता है तो जुर्माना भरना पड़ेगा क्योंकि बिलिंग के वक्त मीटर की एमआरआई हो जाती है। एमआरआई में यह बात साफ तौर पर सामने आती है कि कितना विद्युत भार कनेक्शन में चल रहा है। अगर कनेक्शन की क्षमता से अधिक भार है तो विद्युत विभाग पेनाल्टी वसूल करता है। ऐसे में तमाम किसान बेवजह के जुर्माने का शिकार हो सकते हैं।
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मीटर लगने से जितनी बिजली खर्च होती है उतनी रीडिंग का बिल आ रहा है। जबकि अभी तक यह होता था कि बिजली कितनी भी खर्च करो लेकिन बिल 1360 रुपये प्रति माह ही आता था। लेकिन अब आगे से ऐसा नहीं होगा।
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रीडिंग के हिसाब से बिल बन रहा है। जिन किसानों के नए विद्युत कनेक्शन पर मीटर लगे हैं उनका बिल आठ हजार नौ हजार रुपये महीने आ रहा है। इससे किसानों में रोष है। उनका कहना है कि विद्युत बिल पर कई गुना खर्च बढ़ गया है।
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एक ओर सरकार उनका बकाया गन्ना मूल्य नहीं दिला रही है। दूसरी ओर बिजली का बिल बढ़ा दिया गया है। भाकियू इस मुद्दे पर आंदोलन की योजना बना रही है जबकि बिजली विभाग का कहना है कि बिजली आपूर्ति का समय बढ़ गया है।
किसानों को नलकूप चलाने के लिए भरपूर बिजली दी जा रही है। जितनी बिजली खर्च करेंगे उतने बिल की वसूली का निर्णय लिया गया है। जो नलकूप कनेक्शन पुराने हैं मीटर उनमें भी लगेंगे।
अब तक 500 नए कनेक्शन जारी हुए हैं जिसमें 100 नलकूपों पर मीटर लगाए जाएंगे। जबकि बिलिंग सभी 500 नलकूपों की चालू हो चुकी है। जिनमें मीटर नहीं लगे हैं, उनमें फिक्स चार्ज लग रहे हैं।
कोई नलकूप नहीं रहेगा बिना मीटर: अधिशासी अभियंता
संभल। अधिशासी अभियंता विजय कुमार यादव का कहना है कि आने वाले समय में कोई भी नलकूप बिना मीटर के नहीं होगा। सभी नलकूपों के कनेक्शनों पर बिलिंग मीटर की रीडिंग देखकर होगी। नए नलकूपों पर मीटर लग रहे हैं। पुराने नलकूपों पर भी मीटर बाद में लगाए जाएंगे।
भरना पड़ेगा जुर्माना
संभल। नलकूपों में मोटर 10-15 हार्स पावर तक की लगी हुई है लेकिन कनेक्शन 7.5 हार्स पावर का है। ऐसी स्थिति में अगर मीटर लगता है तो जुर्माना भरना पड़ेगा क्योंकि बिलिंग के वक्त मीटर की एमआरआई हो जाती है। एमआरआई में यह बात साफ तौर पर सामने आती है कि कितना विद्युत भार कनेक्शन में चल रहा है। अगर कनेक्शन की क्षमता से अधिक भार है तो विद्युत विभाग पेनाल्टी वसूल करता है। ऐसे में तमाम किसान बेवजह के जुर्माने का शिकार हो सकते हैं।