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करतारपुर साहिब दर्शन के लिए कॉरिडोर बनने से मजबूत होगा भाईचारा
Updated Sat, 24 Nov 2018 12:53 AM IST
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गुरुद्वारा करतरपुर साहिब, पाकिस्तान (फाइल फोटो)
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करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए केंद्र सरकार ने कॉरिडोर बनाने का एलान किया तो सिख समुदाय खुश हो गया। केंद्र सरकार के साथ साथ पाकिस्तान की सरकार के प्रधानमंत्री इमरान खान की भी तारीफ की।
संभल के कुछ सिख युवाओं ने कहा कि वे पहले भी करतारपुर साहिब के दर्शनों को जा चुके हैं लेकिन अब दो गुने उत्साह के साथ जाएंगे क्योंकि पाकिस्तान और हिंदुस्तान दोनों देशों की सरकार कॉरिडोर के लिए पहल कर चुकी है। यह पहल भाईचारे को बढ़ावा देगी। साथ ही आपसी सौहार्द भी बढ़ेगा।
सिख समुदाय इसके लिए मोदी सरकार का धन्यवाद दे रहा है। श्री गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश पर्व से पहले केंद्र सरकार ने गुरुद्वारा करतार साहिब के दर्शनों के लिए कॉरिडोर का एलान किया है। इसके लिए 26 नवंबर को देश के राष्ट्रपति आधारशिला रखेंगे।
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करतारपुर साहिब के सामने अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर केंद्र सरकार सड़क बनाएगी। कारिडोर 24 घंटे 365 दिन खुला रहेगा। भारतीय सिख श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकेंगे। अच्छी बात यह है कि पाकिस्तान पहले ही कॉरिडोर खोलने की जानकारी भारत सरकार को दे चुका है।
पाकिस्तान के नारोवाल में रावी नदी के किनारे 1522 में सिखों के पहले गुरु श्री गुरुनानक देव ने गुरुद्वारा करतार साहिब का निर्माण कराया था। करीब 18 वर्ष तक यहां रहे श्री गुरुनानक देव ने अपना अंतिम समय भी यहां बिताया था।
इसके चलते सिखों के लिए यह सर्वाधिक पवित्र स्थान है। संसार भर के सिख इस गुरुद्वारे में दर्शन को जाना चाहते हैं। संभल के कई युवा और महिलाएं यहां से पहले जा चुके हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान सरकार ने वहां पर अच्छी व्यवस्था कर रखी है। अब कॉरिडोर बनने से और सहूलियत मिलेगी। इससे सिख समुदाय उत्साहित है।
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संभल के कुछ सिख युवाओं ने कहा कि वे पहले भी करतारपुर साहिब के दर्शनों को जा चुके हैं लेकिन अब दो गुने उत्साह के साथ जाएंगे क्योंकि पाकिस्तान और हिंदुस्तान दोनों देशों की सरकार कॉरिडोर के लिए पहल कर चुकी है। यह पहल भाईचारे को बढ़ावा देगी। साथ ही आपसी सौहार्द भी बढ़ेगा।
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सिख समुदाय इसके लिए मोदी सरकार का धन्यवाद दे रहा है। श्री गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश पर्व से पहले केंद्र सरकार ने गुरुद्वारा करतार साहिब के दर्शनों के लिए कॉरिडोर का एलान किया है। इसके लिए 26 नवंबर को देश के राष्ट्रपति आधारशिला रखेंगे।
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करतारपुर साहिब के सामने अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर केंद्र सरकार सड़क बनाएगी। कारिडोर 24 घंटे 365 दिन खुला रहेगा। भारतीय सिख श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकेंगे। अच्छी बात यह है कि पाकिस्तान पहले ही कॉरिडोर खोलने की जानकारी भारत सरकार को दे चुका है।
पाकिस्तान के नारोवाल में रावी नदी के किनारे 1522 में सिखों के पहले गुरु श्री गुरुनानक देव ने गुरुद्वारा करतार साहिब का निर्माण कराया था। करीब 18 वर्ष तक यहां रहे श्री गुरुनानक देव ने अपना अंतिम समय भी यहां बिताया था।
इसके चलते सिखों के लिए यह सर्वाधिक पवित्र स्थान है। संसार भर के सिख इस गुरुद्वारे में दर्शन को जाना चाहते हैं। संभल के कई युवा और महिलाएं यहां से पहले जा चुके हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान सरकार ने वहां पर अच्छी व्यवस्था कर रखी है। अब कॉरिडोर बनने से और सहूलियत मिलेगी। इससे सिख समुदाय उत्साहित है।