फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   your child forget all things soon, short term memory loss disease may cause

चीजें भूल जाता है बच्चा, कहीं वो इस बीमारी का शिकार तो नहीं है

Mon, 12 Sep 2016 09:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Mon, 12 Sep 2016 09:53 PM IST
विज्ञापन
your child forget all things soon, short term memory loss disease may cause
बच्चों में शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की बीमारी - फोटो : डेमो फोटो
आपके बच्चे की याद्दाश्त कमजोर होने लगी है। वो चीजों को बहुत जल्दी भूल जाता है तो देखिए कहीं वह इस मानसिक रोग का शिकार तो नहीं है।
विज्ञापन


अगर आप पढ़ाई के लिए अपने बच्चे पर दबाव डाल रहे हैं तो सचेत हो जाइए। कहीं ऐसा न हो कि आपका बच्चा शार्ट टर्म मेमोरी लॉस का शिकार हो जाए। जी हां, यह एक ऐसी बीमारी है, जिसका सामान्य तौर पर पता नहीं चलता, लेकिन धीरे-धीरे बच्चे की याददाश्त कमजोर होने लगती है।

चिकित्सकों के अनुसार, पीजीआईएमएस के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में हर रोज 20 से 25 ऐसे केस आ रहे हैं। जबकि परीक्षाओं के दौरान ऐसे बच्चों की संख्या और बढ़ जाती है।
विज्ञापन


चिकित्सकों का कहना है कि परीक्षा का समय हो या आम दिनचर्या, अभिभावक बच्चों पर पढ़ाई के लिए दबाव डालते रहते हैं। अक्सर बच्चों को कहा  जाता है कि तुम पढ़ाई में कमजोर हो और अधिक मेहनत करो। यह भी कहा जाता है कि नंबर कम आए हैं, अधिक नंबर लाने होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसी बातें हर घर में हर रोज सुनने को मिल जाती हैं। अभिभावकों को अपना व्यवहार खुद को सामान्य लगता है, जबकि यह बच्चे में एक गंभीर बीमारी को जन्म देने का कारण बन जाता है। डॉक्टरों के रिसर्च के मुताबिक, हर 100 में से 20 बच्चे अभिभावकों के अनावश्यक दबाव के कारण शार्ट टर्म मेमोरी लॉस का शिकार हो रहे हैं।

यह है बीमारी का लक्षण

your child forget all things soon, short term memory loss disease may cause
बच्चों में शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की बीमारी - फोटो : डेमो फोटो
इस बीमारी से पीड़ित बच्चा अभिभावकों के डर से हमेशा किताबों में खोया रहता है। उसके आसपास की दिनचर्या या माहौल कैसा है इससे उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। उसे ज्यादा देर तक याद नहीं रहता कि उसने क्या पढ़ा और क्या लिखा है।

पढ़ाई हो या कोई अन्य कार्य, बच्चों को प्यार से समझाना चाहिए। उन्हें उसके फायदे-नुकसान के बारे में बताना चाहिए। परीक्षा के दिनों में बच्चे अधिक दबाव महसूस करते हैं। ऐसे में बच्चों की समय-समय पर काउंसिलिंग करानी चाहिए। संस्थान में हर रोज ऐसे केस सामने आ रहे हैं।
- डॉ. प्रीति सिंह, प्रो. मानसिक स्वास्थ्य संस्थान पीजीआईएमएस

अभिभावकों के लिए चिकित्सकों की सलाह

your child forget all things soon, short term memory loss disease may cause
बच्चों में शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की बीमारी - फोटो : डेमो फोटो
- पढ़ाई को लेकर बच्चे का समय निर्धारित करें।
- हर समय बच्चे पर पढ़ाई के लिए दबाव न बनाया जाए।
- बच्चे के साथ दोस्त की तरह पेश आएं, ताकि वह दबाव महसूस न करे।
- परीक्षा के दिनों में बच्चे को प्यार से समझाएं और उसे सपोर्ट दें।
- पढ़ाई के बाद यदि बच्चे को कुछ याद नहीं रहता तो चिकित्सक से सलाह लें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed