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MDU डिस्टेंस से पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के लिए गुड न्यूज
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Sun, 10 Jul 2016 04:18 PM IST
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डीयू दाखिला
- फोटो : अमर उजाला
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रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में डिस्टेंस के तहत एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए खुशखबरी है। मई में दी गई प्रजेंटेशन के आधार पर यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) ने एमडीयू के डिस्टेंस सेंटर को सत्र 2016-17 और 2017-18 के लिए मान्यता दे दी है। जल्द ही जारी हो सकता है प्रवेश कार्यक्रम। जुलाई के अंत तक दाखिले हो सकते हैं शुरू। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने डिस्टेंस की मान्यता को लेकर सभी संस्थानों से मई माह में प्रजेंटेशन मांगी थी।
इसके बाद संस्थानों ने निर्धारित शेड्यूल पर प्रस्तुति दी। एमडीयू ने भी फैकल्टी और संसाधनों का हवाला देते हुए प्रजेंटेशन दी थी। यूजीसी की तरफ से दो दिन पहले एमडीयू को मान्यता का पत्र भेजा गया है। यूजीसी ने एमडीयू के सेंटर को दो वर्ष के लिए मान्यता दी है। दोनों सत्रों की मान्यता के बाद एमडीयू के डिस्टेंस सेंटर में एमकॉम, एमए अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास, लोक प्रशासन, एमएससी गणित, मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफोर्मेशन साइंस, बीए अैर बीकॉम में एडमिशन हो सकेंगे।
शुक्रवार को डायरेक्टर प्रो. कुलदीप सिंह छिकारा ने कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया को मान्यता का पत्र सौंपा। प्रो. छिकारा ने बताया कि जल्द ही प्रवेश कार्यक्रम जारी किया जाएगा। उम्मीद है कि जुलाई के आखिर तक दाखिले शुरू कर दिए जाएं। इस मौके पर रजिस्ट्रार जितेंद्र भारद्वाज और डीडीई के समन्वयक डॉ. विनय मलिक आदि मौजूद रहे।
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नियमित शिक्षकों के बिना मिली मान्यता
एमडीयू में डिस्टेंस की मान्यता को लेकर पिछले वर्ष काफी जद्दोजहद हुई थी। दरअसल, एमडीयू के पास डिस्टेंस के लिए नियमित शिक्षक नहीं हैं। जबकि यूजीसी के नियमानुसार डिस्टेंस की मान्यता के लिए नियमित शिक्षक होने चाहिए। पिछले साल यूजीसी ने मान्यता देने से मना कर दिया था। इसके बाद एमडीयू की तरफ से तर्क दिया गया कि जल्द ही नियमित शिक्षक भर्ती किये जाएंगे। तभी एमडीयू को डिस्टेंस की मान्यता मिली थी। एक साल बीतने के बाद भी नियमित शिक्षक भर्ती नहीं हो सके और यूजीसी ने पहले चरण में मान्यता दे दी।
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इसके बाद संस्थानों ने निर्धारित शेड्यूल पर प्रस्तुति दी। एमडीयू ने भी फैकल्टी और संसाधनों का हवाला देते हुए प्रजेंटेशन दी थी। यूजीसी की तरफ से दो दिन पहले एमडीयू को मान्यता का पत्र भेजा गया है। यूजीसी ने एमडीयू के सेंटर को दो वर्ष के लिए मान्यता दी है। दोनों सत्रों की मान्यता के बाद एमडीयू के डिस्टेंस सेंटर में एमकॉम, एमए अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास, लोक प्रशासन, एमएससी गणित, मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफोर्मेशन साइंस, बीए अैर बीकॉम में एडमिशन हो सकेंगे।
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शुक्रवार को डायरेक्टर प्रो. कुलदीप सिंह छिकारा ने कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया को मान्यता का पत्र सौंपा। प्रो. छिकारा ने बताया कि जल्द ही प्रवेश कार्यक्रम जारी किया जाएगा। उम्मीद है कि जुलाई के आखिर तक दाखिले शुरू कर दिए जाएं। इस मौके पर रजिस्ट्रार जितेंद्र भारद्वाज और डीडीई के समन्वयक डॉ. विनय मलिक आदि मौजूद रहे।
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नियमित शिक्षकों के बिना मिली मान्यता
एमडीयू में डिस्टेंस की मान्यता को लेकर पिछले वर्ष काफी जद्दोजहद हुई थी। दरअसल, एमडीयू के पास डिस्टेंस के लिए नियमित शिक्षक नहीं हैं। जबकि यूजीसी के नियमानुसार डिस्टेंस की मान्यता के लिए नियमित शिक्षक होने चाहिए। पिछले साल यूजीसी ने मान्यता देने से मना कर दिया था। इसके बाद एमडीयू की तरफ से तर्क दिया गया कि जल्द ही नियमित शिक्षक भर्ती किये जाएंगे। तभी एमडीयू को डिस्टेंस की मान्यता मिली थी। एक साल बीतने के बाद भी नियमित शिक्षक भर्ती नहीं हो सके और यूजीसी ने पहले चरण में मान्यता दे दी।