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उत्तराखंड के शहीदों के बारे में अब स्कूल में पढ़ेंगे बच्चे
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 02 Apr 2016 07:35 PM IST
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- फोटो : डेमो
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राज्य के शहीदों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की अमर उजाला की मुहिम परवान चढ़ गई है। शहीद गबर सिंह, दुर्गामल्ल और श्रीदेव सुमन को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
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इनके बारे में इसी साल से छठी से आठवीं तक की कक्षाओं में पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश की चार लोक भाषाओं को स्कूलों में पढ़ाए जाने के लिए पाठ्य सामग्री तैयार हो चुकी है, जिसे इसी महीने से चार डायटों में पढ़ाया जाना है।
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राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा में पढ़ाई जाने वाली प्रेरक पुस्तकों में इस साल से प्रथम विश्व युद्ध के शहीद विक्टोरिया क्रास गढ़वाल रेजीमेंट के राइफलमैन वीसी गबर सिंह, डोईवाला ब्लॉक निवासी शहीद दुर्गामल्ल और क्रांतिकारी श्रीदेव सुमन के बारे में पाठ्यपुस्तक में शामिल किया गया है।
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गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी और रं भी पढ़ेंगे बच्चे
कक्षा एक से दसवीं तक के बच्चे गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी और रं भी पढ़ेंगे। इस संबंध में एससीईआरटी की ओर से पाठ्यक्रम तैयार कर लिया गया है।
दून, गौचर, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा के डायटों के स्कूलों में इसी महीने से इस पाठ्यक्रम को शुरू किया जाएगा। यहां बच्चों को गढ़वाली, कुमाऊंनी में कहानियों, भ्वीण (पहेलियां) आणे पखाणें (मुहावरे लोकोक्तियां) को पढ़ाया जाएगा।
शहीद गबर सिंह, दुर्गामल्ल और क्रांतिकारी श्रीदेव सुमन के बारे में इस साल से प्रेरक पुस्तक के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। चार लोक भाषाओं की पाठ्य सामग्री भी तैयार हो चुकी है, जिसे शुरूआत में चार डायटों में पढ़ाया जाएगा।
-नंद किशोर हटवाल, प्रवक्ता एससीईआरटी
अब यह आ रही दिक्कत
एससीईआरटी ने चार लोक भाषाओं की पाठ्यसामग्री तैयार कर ली है, लेकिन पाठ्यसामग्री के प्रिंट के लिए डायटों के पास फिलहाल बजट नहीं है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही कोई रास्ता निकाल लिया जाएगा।