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IIT में उत्तराखंड बोर्ड के छात्रों की एंट्री आसान
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 29 Mar 2016 07:38 PM IST
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आईआईटी
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इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी(आईआईटी) और इंडियन स्कूल आफ माइंस (आईएसएम) में दाखिले के लिए अनिवार्य योग्यता के नियम के हिसाब से देखें तो सीबीएसई या आईएससी बोर्ड के मुकाबले उत्तराखंड बोर्ड के छात्रों के लिए राह ज्यादा आसान है। गत वर्षों में यूके बोर्ड का टॉप 20 परसेंटाइल काफी नीचे रहा है।
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आईआईटी में दाखिले के लिए जेईई एडवांस पास करने के साथ ही 12वीं के बोर्ड एग्जाम के टॉप 20 परसेंटाइल या 75 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। गत वर्ष आईआईटी बांबे की ओर से जारी की गई रिपोर्ट को देखें तो बात साफ होती है कि सीबीएसई या आईएससी बोर्ड के मुकाबले उत्तराखंड बोर्ड के छात्रों के लिए आईआईटी की राह ज्यादा आसान है।
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गत वर्ष सामान्य वर्ग में टॉप 20 परसेंटाइल का क्राइटेरिया सीबीएसई और आईएससी बोर्ड का लगभग समान था लेकिन उत्तराखंड बोर्ड का इससे काफी नीचे था। 12वीं में सीबीएसई का 88 प्रतिशत, आईएससी का 88.6 प्रतिशत था जबकि उत्तराखंड बोर्ड का 69.8 प्रतिशत का क्राइटेरिया था।
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बलूनी क्लासेज के एमडी विपिन बलूनी ने बताया कि उत्तराखंड बोर्ड में अन्य बोर्ड के मुकाबले कम भीड़ होने की वजह से कंपटीशन आसान होता है। हालांकि, उनका कहना है कि 75 प्रतिशत नियम के हिसाब से सभी छात्र बराबरी पर आ जाते हैं। गत वर्ष ही अभ्यर्थियों को 75 प्रतिशत के नियम की राहत दी गई थी।