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LLM को दो वर्ष करने की तैयारी

Wed, 06 Apr 2016 08:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 06 Apr 2016 08:05 PM IST
सार

  • कई विवि में चल रहा एक वर्षीय एलएलएम
  • बदलेगी कोर्स ड्यूरेशन, दूर होंगी असमानता
  • यूजीसी ने बनाई एक्सपर्ट कमेटी, सभी विवि से मांगे सुझाव

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two years preparing LLM.
एलएलएम

विस्तार

एलएलबी करने के बाद होने वाली एलएलएम (मास्टर ऑफ लॉ) की पढ़ाई अब कहीं एक वर्ष और कहीं दो वर्ष की असमानता दूर होने जा रही है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इस विसंगति को दूर करने के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाई है। देशभर के विवि से कोर्स से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी गई है। माना जा रहा है कि एलएलएम का कोर्स दो वर्ष का होगा। 
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देश में पहले दो वर्ष का एलएलएम कोर्स होता था। वर्ष 2012 में यूजीसी ने एक वर्षीय एलएलएम को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद देश के कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में एक वर्षीय और कई जगहों पर दो वर्षीय एलएलएम चल रहा है। एक वर्षीय एलएलएम कोर्स को लेकर यूजीसी के पास लंबे समय से शिकायतें आ रही हैं।
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इसमें बताया जा रहा है कि इतने कम समय की वजह से कोर्स की न तो पढ़ाई पूरी हो पाती है और न ही मकसद। लिहाजा, यूजीसी ने अब कोर्स की समयावधि रिवाइज करने के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाई है। 
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यूजीसी के सचिव डा. जसपाल एस संधू ने सभी विवि के कुलपतियों को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि वह अपने संस्थान में चल रहे एलएलएम कोर्स की पूरी जानकारी तय फॉर्मेट में उपलब्ध कराएं। 

इसमें विवि या कॉलेज को कोर्स के पैटर्न, कोर्स के लिए रखी गई फैकल्टी, प्रवेश की प्रक्रिया, सेमेस्टर या ट्राइमेस्टर, प्रेक्टिकल, क्रेडिट ऑवर्स की जानकारी, पीजी लीगल स्टडी सेंटर, छात्र-शिक्षक अनुपात, हर सप्ताह में कितने घंटे पढ़ाई और इवेल्यूएशन के बारे में जानकारी देनी होगी।

डेकोरम मेंटेन के लिए दो साल का होना चाहिए LLM

two years preparing LLM.
लॉ

लॉ शिक्षा विशेषज्ञ एवं लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल डा. राजेश बहुगुणा ने बताया कि वह दो वर्षीय एलएलएम के पक्ष में हैं। क्योंकि एक साल के समय में न तो कोर्स पूरा हो पाता है और न ही इस कोर्स का डेकोरम मेंटेन होता है। उन्होंने कहा कि वह यूजीसी के पक्ष में है कि वह इस कोर्स को दो साल का कर दें। 

उत्तराखंड में भी विसंगति
प्रदेश में इस वक्त एलएलएम कोर्स दो तरह के संचालित हो रहे हैं। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में दो वर्षीय, उत्तरांचल विवि के लॉ कॉलेज में एक वर्षीय, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में एक वर्षीय एलएलएम कोर्स चलाया जाता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज में एक वर्षीय, गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में दो वर्षीय, आईएमएस यूनिसन विश्वविद्यालय में एक वर्षीय एलएलएम संचालित किया जा रहा है। 

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