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बीमार, विधवा व विकलांग शिक्षकों को लगा झटका
बिशन सिंह बोरा/अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 13 May 2016 10:10 AM IST
सार
- शासन ने जनपद से बाहर तबादले किए, निदेशालय ने लगाई रोक
- 25 शिक्षकों के जनपद से बाहर तबादलों पर रोक
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विस्तार
दुर्गम इलाकों से सुगम में आने का इंतजार कर रहे बीमार, विधवा व विकलांग शिक्षकों की उम्मीद पर शिक्षा विभाग ने पानी फेर दिया है। यह शिक्षक लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे थे। आखिरकार ऐसे राज्यपाल डॉ. केके पाल के निर्देश पर ऐसे 25 शिक्षकों के तबादलों का आदेश जारी किया गया था। लेकिन, लेकिन निदेशालय ने इस आदेश के बाद संवर्ग से बाहर तबादलों पर रोक लगा दी। शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी ने कहा कि संवर्ग से बाहर किसी शिक्षक का तबादला नहीं किया जाएगा।
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तबादलों पर रोक
शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के साथ मजाक किया गया है। विभाग की ओर से प्राथमिक विद्यालय डांग भटवाडी उत्तरकाशी की प्रधानाध्यापिका, प्राथमिक विद्यालय दृष्टि रुद्रप्रयाग, चाम्फी रामगढ़ नैनीताल, यमकेश्वर पौड़ी, सल्ला भैसियाछाना अल्मोड़ा सहित 25 शिक्षक शिक्षिकाओं के अंतरजनपदीय तबादले के आदेश किए गए थे, लेकिन सात मई को तबादलों के आदेश के बाद निदेशालय की ओर से 11 मई को अंतरजनपदीय तबादलों पर रोक लगा दी गई है।
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शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी ने कहा कि इन शिक्षकों का जनपदीय कैडर है, जनपद से बाहर इन शिक्षकों के तबादले नहीं किए जा सकते।
मृतक शिक्षक का कर दिया तबादला
शिक्षा विभाग की ओर से जारी शिक्षकों की तबादलों सूची में एक मृतक शिक्षक का नाम भी शामिल है। बताया गया है कि गंभीर रूप से बीमार यह शिक्षक पिछले कई साल से तबादले के लिए विभाग के चक्कर काट रहा था। वर्ष 2015 में शिक्षक की मौत हो गई थी।
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प्रदेश में शिक्षकों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जब संवर्ग से बाहर शिक्षकों के तबादले नहीं किए जा सकते तो शासन ने इस तरह के आदेश ही क्यों किए।
-वीरेंद्र कृषाली, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ