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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   student did not get Scholarship due to lack information

हर साल लौट जाती है जम्मू कश्मीर  के छात्रों को मिलने वाली स्कालरशिप

Tue, 26 Apr 2016 03:37 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Tue, 26 Apr 2016 03:37 PM IST
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student did not get Scholarship due to lack information
scholarship - फोटो : अमर उजाला
हर साल मानव संसाधन मंत्रालय की तरफ से कई स्कालरशिप योजनाएं जम्मू कश्मीर के विद्यार्थियों के लिए भेजी जाती हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में विद्यार्थी इन योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। इसी कारण हर वर्ष इन योजनाओं की राशि वापिस लौट जाती है। 
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विद्यार्थियों तक सभी योजनाएं पहुंचाने के लिए जम्मू कश्मीर स्टेट बोर्ड आफ स्कूल एजूकेशन ने शिक्षा विभाग के साथ मिलकर काम करने की तैयारी की है। यह बातें सोमवार को रिहाड़ी स्थित जम्मू बोर्ड के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बोर्ड के चेयरमैन प्रो. जहूर अहमद चट ने कही।
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कार्यक्रम में शिक्षा निदेशक जम्मू स्मिता सेठी सहित दस जिलों के चीफ एजूकेशन आफिसर ने हिस्सा लिया। चेयरमैन ने बताया कि मानव संसाधन मंत्रालय ने स्टेट ओपन स्कूलिंग स्कीम, नेशनल मीन कम मेरिट स्कालरशिप स्कीम, नेशनल टैलेंट सर्च एग्जामिनेशन, सेंट्रल सेक्ट्रल स्कालरशिप स्कीम, इनोवेशन इन साइंस परसूट फार इंसपायर्ड  रिसर्च, धीरूभाई अंबानी स्कीम व अन्य कई तरह की योजनाएं हैं। 
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2015 में 1091 विद्यार्थियों के लिए स्कालशिप स्कीम बोर्ड के पास पहुंची थी, लेकिन केवल 400 विद्यार्थियों ने इसके लिए आवेदन भरे। करीब दस वर्ष से ऐसी ही स्थिति बनी हुई है और विद्यार्थियों को इन योजनाओं की जानकारी नहीं मिल रही है। इसलिए अब बोर्ड शिक्षा विभाग के साथ मिलकर इस पर काम करेगा। विद्यार्थियों को इन योजनाओं की जानकारी स्कूलों में उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी योजनाओं का लाभ हासिल करें।


शिक्षा निदेशक जम्मू ने कहा कि शिक्षा विभाग इसमें पूरा सहयोग करेगा। विद्यार्थियों को इन योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सूचना की कमी के कारण ही विद्यार्थियों को इनका लाभ नहीं मिला है, लेकिन अब भविष्य में ऐसा नहीं होगा। इस मौके पर बोर्ड सचिव वीना पंडिता व अन्य मौजूद थे।
 
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